31 अगस्त 2026
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गिरिराज सिंह का बयान: मुसलमानों से नहीं, बाबर जैसे आक्रांताओं से है नफरत; कांग्रेस और ओवैसी पर तीखा हमला

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गिरिराज सिंह का बयान: मुसलमानों से नहीं, बाबर जैसे आक्रांताओं से है नफरत; कांग्रेस और ओवैसी पर तीखा हमला

सारांश

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक ही दिन में कांग्रेस, ओवैसी और कर्नाटक सरकार पर तीन मोर्चों पर हमला बोला। उनका सबसे तीखा बयान रहा — 'मुसलमानों से नहीं, बाबर जैसे आक्रांताओं से नफरत है' — जो ऐतिहासिक आलोचना और सांप्रदायिक राजनीति की बहस को फिर केंद्र में ले आया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 31 अगस्त को कहा कि उनकी किसी मुसलमान से नहीं, बल्कि बाबर जैसे ऐतिहासिक आक्रांताओं से आपत्ति है।
हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को सिंह ने उचित ठहराया; प्रदर्शन को 'राजनीतिक नौटंकी' बताया।
कर्नाटक के मंत्री के इस्लाम को श्रेष्ठ बताने वाले बयान पर सिंह ने कांग्रेस को 'मुस्लिम कांग्रेस' करार दिया।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए सिंह ने उनके बयानों में भारत के प्रति 'हीन भावना' बताई।
BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हल्द्वानी घटना पर संज्ञान लेकर दुख व्यक्त किया था, यह सिंह ने दोहराया।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 31 अगस्त को कांग्रेस पर कई मोर्चों पर एक साथ हमला बोला — हल्द्वानी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर, कर्नाटक के एक मंत्री के इस्लाम संबंधी विवादास्पद बयान और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणियों पर। सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी किसी मुसलमान या किसी देश के नागरिक से कोई नफरत नहीं है, बल्कि उनकी आपत्ति बाबर जैसे ऐतिहासिक आक्रांताओं और राम मंदिर को नुकसान पहुँचाने वालों से है।

हल्द्वानी एफआईआर और राहुल गांधी पर सिंह का रुख

हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे नेता को इस तरह का आचरण शोभा नहीं देता। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने को भी अनावश्यक करार दिया।

सिंह ने बताया कि संबंधित मामले की जाँच पहले से जारी थी और यह पता लगाया जा रहा था कि घटना में कौन-कौन शामिल थे। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा सदन में घटना की जानकारी दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस पर संज्ञान लिया और दुख भी जताया था।

सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जिन बच्चों को अनुसूचित समाज से बताया जा रहा है, वे पूजा-पाठ कर रहे थे। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने अपने दावे के आधार पर इन बच्चों को पुलिस थाने ले जाकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इसे 'राजनीतिक नौटंकी' बताया और राहुल गांधी को सकारात्मक राजनीति करने की सलाह दी।

कर्नाटक मंत्री के बयान पर कांग्रेस को घेरा

कर्नाटक के एक मंत्री द्वारा इस्लाम को सबसे श्रेष्ठ धर्म बताए जाने के बयान पर गिरिराज सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आज की कांग्रेस व्यवहार में 'मुस्लिम कांग्रेस' बन गई है और सनातन धर्म को अपमानित करते हुए किसी एक धर्म को श्रेष्ठ बताना निंदनीय है।

सिंह ने आरोप लगाया कि जहाँ-जहाँ कांग्रेस की सरकारें हैं, वहाँ सनातन धर्म के खिलाफ काम किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पहले से ही हिंदुत्व और धार्मिक पहचान के सवालों पर BJP के निशाने पर है।

ओवैसी पर तीखी प्रतिक्रिया

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान में मिले सम्मान पर की गई टिप्पणियों पर गिरिराज सिंह ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी किसी मुसलमान या किसी देश के नागरिक से नफरत नहीं है।

सिंह ने कहा, 'हमारी आपत्ति बाबर जैसे आक्रांताओं से है' — और यह स्पष्ट किया कि ऐतिहासिक आक्रांताओं के कृत्यों की आलोचना को किसी धार्मिक समुदाय के खिलाफ नफरत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

ओवैसी पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि वह बैरिस्टर हो सकते हैं, लेकिन उनके बयानों में भारत के प्रति 'हीन भावना' दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मानसिकता के कारण ओवैसी ऐसे बयान देते हैं।

आगे क्या

गिरिराज सिंह के इन बयानों से राजनीतिक तापमान बढ़ना तय है। हल्द्वानी एफआईआर मामले में जाँच जारी है, जबकि कर्नाटक मंत्री के बयान पर विवाद थमने के आसार नहीं हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस और AIMIM की ओर से जवाबी प्रतिक्रिया की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह महज़ इतिहास-चर्चा नहीं रहती। गौरतलब है कि ऐसे बयान आमतौर पर चुनावी मौसम में या जब BJP को धार्मिक एकजुटता की ज़रूरत होती है, तब तेज़ होते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि इन बयानों की काट में विपक्ष के पास अभी कोई ठोस जवाबी कथा नहीं है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरिराज सिंह ने 'बाबर जैसे आक्रांताओं से नफरत' वाला बयान क्यों दिया?
यह बयान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की उस टिप्पणी के जवाब में आया जो उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान में मिले सम्मान पर की थी। सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी किसी मुसलमान या किसी देश के नागरिक से नफरत नहीं है, बल्कि आपत्ति ऐतिहासिक आक्रांताओं के कृत्यों से है।
हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मामला क्या है?
हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, जिस पर गिरिराज सिंह ने कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे नेता को इस तरह का आचरण नहीं करना चाहिए। सिंह के अनुसार, संबंधित मामले की जाँच पहले से जारी थी और घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही थी।
कर्नाटक के मंत्री के किस बयान पर विवाद हुआ?
कर्नाटक के एक मंत्री ने इस्लाम को सबसे श्रेष्ठ धर्म बताया और सनातन धर्म को अपमानित करने वाली भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे गिरिराज सिंह ने निंदनीय बताया। सिंह ने इसे कांग्रेस शासित राज्यों में सनातन धर्म के खिलाफ काम करने की प्रवृत्ति का हिस्सा बताया।
गिरिराज सिंह ने ओवैसी पर क्या आरोप लगाए?
सिंह ने कहा कि ओवैसी बैरिस्टर हो सकते हैं, लेकिन उनके बयानों में भारत के प्रति 'हीन भावना' दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मानसिकता के कारण ओवैसी ऐसे बयान देते हैं।
BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा का हल्द्वानी मामले में क्या रुख था?
गिरिराज सिंह के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा सदन में घटना की जानकारी दिए जाने के बाद BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस पर संज्ञान लिया और दुख व्यक्त किया था।
राष्ट्र प्रेस
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