कौशांबी पटाखा फैक्टरी विस्फोट: तीन की मौत, पाँच घायल; मनौरी बाजार में हड़कंप
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 31 अगस्त 2026 को सोमवार सुबह करीब 10:40 बजे मनौरी बाजार के निकट एक पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत और पाँच अन्य के घायल होने की प्रारंभिक सूचना है। कौशांबी-प्रयागराज सीमा पर स्थित इस फैक्टरी में अचानक आग लगने के बाद एक के बाद एक जोरदार धमाके हुए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले मकान से धुआँ उठता दिखा और इसके तुरंत बाद पटाखों में तेज विस्फोट शुरू हो गए। धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह पटाखा फैक्टरी बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में संचालित हो रही थी और हादसे के समय वहाँ कई लोग मौजूद थे।
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के कई मकानों के शीशे टूट गए, दीवारें क्षतिग्रस्त हुईं और मलबा दूर तक बिखर गया। इलाके में धुएँ का गुबार छा गया। हालाँकि, प्रशासन की ओर से अभी तक मकानों के पूरी तरह ध्वस्त होने या मृतक-घायलों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
कौशांबी के जिलाधिकारी विपिन पाल सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुँचे और राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने और घायलों को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना करीब 10:40 बजे मिली, जिसके बाद दमकल की टीम और छह से आठ एंबुलेंस तत्काल घटनास्थल पर भेजी गईं। लगातार धमाकों के कारण शुरुआती दौर में राहत दलों को अंदर जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
घायलों का उपचार
घायलों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। मलबे से निकाले जा रहे प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या राहत-बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण
घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने इलाके में आवाजाही नियंत्रित की और घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात किया गया। कौशांबी और प्रयागराज दोनों जिलों के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचकर राहत-बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। कौशांबी के पुलिस अधीक्षक भी घटनास्थल पर उपस्थित हैं।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में अवैध या अनियमित पटाखा फैक्टरियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। प्रशासन ने कहा है कि राहत-बचाव अभियान पूरा होने के बाद नई जानकारी साझा की जाएगी। मलबा हटाने का काम अभी जारी है और मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।