अन्ना हजारे मुंबई के ICU में भर्ती, किडनी समस्या और डिहाइड्रेशन से पीड़ित
सारांश
मुख्य बातें
वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को 31 अगस्त 2026, सोमवार को मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उन्हें वायरल इन्फेक्शन, गंभीर डिहाइड्रेशन और किडनी संबंधी जटिलताओं के चलते इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में रखा गया है। उनकी देखरेख वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गौतम भंसाली कर रहे हैं।
अस्पताल में भर्ती की स्थिति
हजारे को उनके पैतृक गांव रालेगन सिद्धि से देखभालकर्ताओं के साथ एम्बुलेंस के जरिए मुंबई लाया गया। डॉ. भंसाली ने बताया कि फिलहाल उनकी विस्तृत जांच चल रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे का उपचार निर्धारित किया जाएगा। उनकी सेहत पर निकट से नजर रखी जा रही है।
अन्ना हजारे: एक परिचय
अन्ना हजारे वर्ष 2011 में 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी जन-शक्ति के रूप में उभरे थे। इससे पहले, वह महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में स्थित अपने गांव रालेगन सिद्धि के ग्रामीण पुनर्निर्माण और भ्रष्टाचार-विरोधी प्रयासों के लिए जाने जाते थे। गौरतलब है कि उनके नेतृत्व में रालेगन सिद्धि का वॉटरशेड डेवलपमेंट मॉडल देश भर में ग्रामीण बदलाव की मिसाल बना।
हाल की गतिविधियाँ
भर्ती होने से महज एक महीने पहले, हजारे ने सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी, हैदराबाद से प्रशिक्षित 20 आईपीएस प्रोबेशनर्स के एक दल से मुलाकात की थी। जुलाई के अंत में यह दल रालेगन सिद्धि पहुँचा था और वहाँ के वॉटरशेड विकास व ग्रामीण परिवर्तन के मॉडल का अध्ययन किया था। हजारे ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा था कि भारत के युवा ही देश का भविष्य हैं और ईमानदारी तथा निस्वार्थ सेवा राष्ट्र-निर्माण के अनिवार्य गुण हैं।
शांतिपूर्ण संवाद पर जोर
हाल ही में एक विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में हजारे ने अपना सुपरिचित रुख दोहराया था। उन्होंने कहा था, 'कोई भी मुद्दा बातचीत से ही सुलझता है। तनाव पैदा करने और गलत रास्ते पर चलने से कुछ भी हल नहीं होगा। मैंने 22 बार भूख हड़ताल की है, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया।' उन्होंने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन और लोकतांत्रिक बातचीत ही जनता की शिकायतों को दूर करने के एकमात्र तरीके हैं।
आगे की स्थिति
अभी उनकी जांच रिपोर्टें आनी बाकी हैं, जिसके आधार पर उपचार की दिशा तय होगी। उनके स्वास्थ्य की ताजा जानकारी का इंतजार उनके समर्थकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को है। चिकित्सक दल उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।