हिमाचल BJP विधायक दल की बैठक: श्रीकांत शर्मा ने विधानसभा सत्र की रणनीति पर विधायकों से की चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने 31 अगस्त 2026 को शिमला में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में आगामी विधानसभा सत्र को लेकर विधायकों के साथ विस्तृत मंथन किया। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्टी के सभी विधायक उपस्थित रहे।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और संगठन महामंत्री सिद्धार्थन भी विशेष रूप से शामिल हुए। पार्टी के सभी विधायकों की उपस्थिति ने इस बैठक को विधायक दल की एक व्यापक रणनीतिक बैठक का रूप दिया।
विधानसभा सत्र पर मुख्य चर्चा
श्रीकांत शर्मा ने विधायकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाएँ और कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और विपक्ष की जिम्मेदारी है कि प्रदेश की जनता से जुड़े हर विषय को पूरी मजबूती और तथ्यों के साथ सदन में रखा जाए।
बैठक में सदन में पार्टी की भूमिका, संगठन तथा विधायक दल के बीच बेहतर समन्वय, और जनहित से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाने पर विस्तार से विचार साझा किए गए।
संगठन और विधायक दल के बीच समन्वय पर जोर
डॉ. राजीव बिंदल ने संगठन और विधायक दल के बीच मजबूत समन्वय पर बल दिया। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि संगठन के माध्यम से प्रदेशभर से सामने आने वाले जनहित के विषयों को विधायक दल के जरिए विधानसभा में प्रभावी ढंग से उठाया जाए।
संगठन महामंत्री सिद्धार्थन की उपस्थिति में संगठनात्मक विषयों, आगामी कार्यक्रमों और विधायक दल तथा संगठन के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
विधायकों ने क्षेत्रीय मुद्दे रखे
विभिन्न विधायकों ने बैठक में अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विषय और प्रदेश स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दे प्रस्तुत किए। इन विषयों को सदन में प्रभावी तरीके से उठाने को लेकर आपसी विचार-विमर्श किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार और विपक्षी BJP के बीच विधानसभा में टकराव की संभावनाएँ बनी हुई हैं।
आगे की रणनीति
बैठक के समापन पर भाजपा विधायक दल ने यह संकल्प दोहराया कि प्रदेश की जनता से जुड़े विषयों को सदन के भीतर पूरी गंभीरता और प्रभावी तरीके से उठाया जाएगा तथा एक सजग और मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाई जाएगी। आगामी विधानसभा सत्र में भाजपा की तैयारी और रणनीति पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।