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हिमाचल मानसून सत्र में विपक्ष रचनात्मक भूमिका निभाएगा: जय राम ठाकुर

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हिमाचल मानसून सत्र में विपक्ष रचनात्मक भूमिका निभाएगा: जय राम ठाकुर

सारांश

हिमाचल मानसून सत्र से एक दिन पहले विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने साफ कर दिया — सहयोग भी करेंगे, जवाब भी देंगे। सूचना छिपाने, बदले की कार्रवाई और विकास की उपेक्षा के आरोपों के साथ विपक्ष सदन में आक्रामक रुख अपनाने को तैयार है।

मुख्य बातें

विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने 20 अगस्त को शिमला में सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि मानसून सत्र में विपक्ष की भूमिका रचनात्मक रहेगी।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार बदले की भावना से जन प्रतिनिधियों के खिलाफ मामले दर्ज कर रही है।
पिछले चार वर्षों में विपक्षी प्रश्नों के उत्तर में सूचना रोकने का आरोप — विपक्ष को RTI का सहारा लेना पड़ा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर जानबूझकर जानकारी छिपाने का आरोप।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने दोनों दलों से सदन के सुचारू संचालन में सहयोग की अपील की।
मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होगा।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले, 20 अगस्त को शिमला में आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भूमिका सदन में रचनात्मक रहेगी, लेकिन सरकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जनहित के मुद्दों को गंभीरता से लिया गया तो विपक्ष सहयोग करेगा, अन्यथा सदन के भीतर और बाहर जनता की आवाज बनकर सरकार को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

सर्वदलीय बैठक में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर और उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य मानसून सत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना था। विधानसभा अध्यक्ष ने सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी BJP दोनों से सदन की कार्यवाही में पूर्ण सहयोग की अपील की।

विपक्ष की शर्तें और चेतावनी

ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि सरकार लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास करती है, तो विपक्ष 'मुंहतोड़ जवाब' देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समय से राज्य सरकार बदले की भावना से जन प्रतिनिधियों के विरुद्ध मामले दर्ज कर रही है। उनके अनुसार यदि मामले गंभीर हैं तो जाँच होनी चाहिए, परंतु विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग स्वीकार्य नहीं है।

सूचना छिपाने का आरोप

ठाकुर ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष यह मुद्दा भी उठाया कि पिछले चार वर्षों में जब भी विपक्ष का कोई सदस्य सदन में प्रश्न पूछता है, तो उत्तर में कहा जाता है कि 'जानकारी एकत्रित की जा रही है'। उनका कहना था कि यह सदन की गरिमा के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके मंत्री जानबूझकर सूचना रोकते हैं, जिसके चलते विपक्ष को सदन में ही सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम का सहारा लेना पड़ता है।

सरकार पर विकास की उपेक्षा का आरोप

ठाकुर ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का ध्यान विकास कार्यों की बजाय अन्य मसलों पर केंद्रित रहा है। उनके अनुसार सरकार को प्रदेश की जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए थी। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब हिमाचल प्रदेश मानसून के कारण आपदाओं और वित्तीय संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है।

आगे क्या

मानसून सत्र शुक्रवार, 21 अगस्त से शुरू होगा। विपक्ष के रुख से स्पष्ट है कि सदन में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामले, सूचना की पारदर्शिता और विकास कार्यों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से संयम और सहयोग की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन RTI के जरिए सूचना जुटाने की मजबूरी और बदले की कार्रवाई के आरोप बताते हैं कि हिमाचल की विधायी संस्थाएँ दबाव में हैं। सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी BJP के बीच यह टकराव केवल सदन की कार्यवाही तक सीमित नहीं — यह राज्य में लोकतांत्रिक जवाबदेही की बड़ी लड़ाई का हिस्सा है। मानसून सत्र में असली परीक्षा यह होगी कि क्या विधानसभा अध्यक्ष दोनों पक्षों को समान अवसर दे पाते हैं, या 'सुचारू संचालन' की आड़ में असुविधाजनक सवाल दब जाते हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश का मानसून सत्र कब शुरू होगा?
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त 2026 (शुक्रवार) से शुरू होगा। सत्र से पहले 20 अगस्त को शिमला में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई।
जय राम ठाकुर ने मानसून सत्र को लेकर क्या कहा?
विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने कहा कि BJP की भूमिका रचनात्मक रहेगी और जनहित के मुद्दों पर सरकार का साथ दिया जाएगा। लेकिन यदि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करती है, तो सदन के भीतर और बाहर जनता की आवाज बनकर जवाब दिया जाएगा।
विपक्ष ने सूचना छिपाने का आरोप क्यों लगाया?
ठाकुर के अनुसार पिछले चार वर्षों में जब भी विपक्षी सदस्य सदन में प्रश्न पूछते हैं, सरकार 'जानकारी एकत्रित की जा रही है' कहकर उत्तर टालती है। इस कारण विपक्ष को सदन में ही RTI का उपयोग करने पर मजबूर होना पड़ता है।
सर्वदलीय बैठक में कौन-कौन शामिल थे?
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर और उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया उपस्थित रहे।
हिमाचल में विपक्ष ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
ठाकुर ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार बदले की भावना से जन प्रतिनिधियों के खिलाफ मामले दर्ज कर रही है और विकास कार्यों की उपेक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री जानबूझकर सूचना रोकते हैं, जो सदन की गरिमा के विरुद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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