हिमाचल मानसून सत्र में विपक्ष रचनात्मक भूमिका निभाएगा: जय राम ठाकुर
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले, 20 अगस्त को शिमला में आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भूमिका सदन में रचनात्मक रहेगी, लेकिन सरकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जनहित के मुद्दों को गंभीरता से लिया गया तो विपक्ष सहयोग करेगा, अन्यथा सदन के भीतर और बाहर जनता की आवाज बनकर सरकार को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
सर्वदलीय बैठक में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर और उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य मानसून सत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना था। विधानसभा अध्यक्ष ने सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी BJP दोनों से सदन की कार्यवाही में पूर्ण सहयोग की अपील की।
विपक्ष की शर्तें और चेतावनी
ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि सरकार लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास करती है, तो विपक्ष 'मुंहतोड़ जवाब' देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समय से राज्य सरकार बदले की भावना से जन प्रतिनिधियों के विरुद्ध मामले दर्ज कर रही है। उनके अनुसार यदि मामले गंभीर हैं तो जाँच होनी चाहिए, परंतु विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग स्वीकार्य नहीं है।
सूचना छिपाने का आरोप
ठाकुर ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष यह मुद्दा भी उठाया कि पिछले चार वर्षों में जब भी विपक्ष का कोई सदस्य सदन में प्रश्न पूछता है, तो उत्तर में कहा जाता है कि 'जानकारी एकत्रित की जा रही है'। उनका कहना था कि यह सदन की गरिमा के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके मंत्री जानबूझकर सूचना रोकते हैं, जिसके चलते विपक्ष को सदन में ही सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम का सहारा लेना पड़ता है।
सरकार पर विकास की उपेक्षा का आरोप
ठाकुर ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का ध्यान विकास कार्यों की बजाय अन्य मसलों पर केंद्रित रहा है। उनके अनुसार सरकार को प्रदेश की जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए थी। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब हिमाचल प्रदेश मानसून के कारण आपदाओं और वित्तीय संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है।
आगे क्या
मानसून सत्र शुक्रवार, 21 अगस्त से शुरू होगा। विपक्ष के रुख से स्पष्ट है कि सदन में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामले, सूचना की पारदर्शिता और विकास कार्यों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से संयम और सहयोग की अपील की है।