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UP विधानसभा मानसून सत्र: स्पीकर सतीश महाना बोले — विपक्ष को बोलने का अधिकार, पर हंगामा अस्वीकार्य

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UP विधानसभा मानसून सत्र: स्पीकर सतीश महाना बोले — विपक्ष को बोलने का अधिकार, पर हंगामा अस्वीकार्य

सारांश

UP विधानसभा के मानसून सत्र में सपा के हंगामे के बाद स्पीकर सतीश महाना ने साफ कहा — विपक्ष के सभी नोटिस स्वीकार किए, चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन व्यवधान बर्दाश्त नहीं। BJP मंत्रियों ने सपा पर विकास-विरोधी होने का आरोप लगाया और 2027 चुनावों में जनता के जवाब की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

4 अगस्त 2026 को UP विधानसभा के मानसून सत्र में सपा विधायकों ने हंगामा किया।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष के सभी सुसंगत नोटिस स्वीकार किए थे, फिर भी कार्यवाही बाधित हुई।
महाना ने कहा — सहमति-असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सदन में बाधा डालना अस्वीकार्य है।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सपा पर विकास-विरोधी होने का आरोप लगाया और 2027 चुनावों में जनता के जवाब की बात कही।
BJP विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने सपा पर आपत्तिजनक पोस्टर से विधानसभा की गरिमा भंग करने का आरोप लगाया।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में 4 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों द्वारा हंगामा किए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्पष्ट किया कि सदन में प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, लेकिन कार्यवाही में बाधा डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में महाना ने कहा कि उन्होंने सुबह विपक्ष के सभी सुसंगत नोटिस स्वीकार किए थे और चाहते थे कि उन पर सार्थक चर्चा हो।

मुख्य घटनाक्रम

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विधानसभा का फ्लोर चर्चा के लिए है और सहमति-असहमति दोनों लोकतंत्र के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने बताया कि विपक्षी विधायकों द्वारा सुबह दिए गए जो नोटिस नियमों के दायरे में थे, उन सभी को उन्होंने स्वीकार कर लिया था। उनके अनुसार, 'विपक्ष अपनी बात कहे, सरकार अपना जवाब देगी' — यही संसदीय परंपरा की आत्मा है।

महाना ने कहा कि जब सदन की कार्यवाही चल रही हो और विपक्ष उसमें बाधा डाले, तो सदन चलाने का औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई बार हाथ जोड़कर विपक्षी सदस्यों को समझाने का प्रयास किया और जब वे नहीं माने तब नियमानुसार कार्रवाई करनी पड़ी।

सरकार की प्रतिक्रिया

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश की तरक्की, युवाओं का भला और प्रदेश के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, 'जब भी सदन में जनता के हित की बात होती है, सपा बाधा पैदा करती है।' कश्यप ने यह भी कहा कि 2027 के चुनावों में जनता सपा को इसका जवाब देगी।

मंत्री संजय निषाद ने इस व्यवहार को 'अमर्यादित और अशोभनीय' बताया और कहा कि विपक्ष का यह दोहरा चरित्र है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की आवाज बनना चाहिए, न कि सदन की कार्यवाही ठप करने का माध्यम।

मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सदन की कार्यवाही बाधित करना एक अपराध है और सपा का यह मूल चरित्र रहा है कि वह प्रदेश के विकास में रोड़ा बनती है।

भाजपा विधायक का बयान

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि सपा ने इससे पहले संसद परिसर में सनातन का अपमान किया था और अब विधानसभा में आपत्तिजनक पोस्टर लहराकर सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाई है। उन्होंने इसे 'बहुत गलत' करार दिया।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू हो चुकी है और सत्तारूढ़ BJP तथा विपक्षी सपा के बीच विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह तनाव बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि मानसून सत्र में विपक्ष द्वारा नोटिस देना और फिर हंगामा करना इस सत्र की एक उभरती हुई प्रवृत्ति बन गई है। स्पीकर महाना के रुख से स्पष्ट है कि आगे भी नियमानुसार कार्यवाही जारी रहेगी और व्यवधान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या नोटिस स्वीकृत होने के बाद भी चर्चा का अवसर पर्याप्त रूप से दिया गया। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप यह दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश में विधायी बहस अब तेजी से चुनावी अखाड़े में तब्दील हो रही है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP विधानसभा मानसून सत्र में 4 अगस्त को क्या हुआ?
4 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सपा विधायकों ने हंगामा किया और कार्यवाही बाधित की। स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि उन्होंने विपक्ष के सभी सुसंगत नोटिस स्वीकार किए थे, फिर भी व्यवधान जारी रहा, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।
स्पीकर सतीश महाना ने सपा के हंगामे पर क्या कहा?
स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है और सरकार हर सवाल का जवाब देगी, लेकिन सदन की कार्यवाही बाधित करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई बार हाथ जोड़कर विपक्षी सदस्यों को समझाने का प्रयास किया।
BJP मंत्रियों ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने आरोप लगाया कि सपा को उत्तर प्रदेश की तरक्की और युवाओं के भले से कोई मतलब नहीं है और वह जानबूझकर विकास कार्यों में बाधा डालती है। मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने सदन की कार्यवाही बाधित करने को 'अपराध' बताया।
UP विधानसभा में विपक्ष के नोटिस का क्या हुआ?
स्पीकर सतीश महाना ने सुबह विपक्षी विधायकों द्वारा दिए गए सभी नोटिस जो नियमों के अंतर्गत थे, स्वीकार कर लिए थे। उनका कहना था कि वे चाहते थे कि इन नोटिसों पर सदन में सार्थक चर्चा हो, लेकिन हंगामे के कारण यह संभव नहीं हो सका।
इस घटनाक्रम का 2027 UP चुनावों पर क्या असर पड़ सकता है?
BJP मंत्री नरेंद्र कश्यप ने खुले तौर पर कहा कि 2027 चुनावों में जनता सपा को इस व्यवहार का जवाब देगी। विश्लेषकों के अनुसार, विधानसभा के भीतर यह टकराव 2027 की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें दोनों दल जनता के बीच अपनी छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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