UP विधानसभा मानसून सत्र: स्पीकर सतीश महाना बोले — विपक्ष को बोलने का अधिकार, पर हंगामा अस्वीकार्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में 4 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों द्वारा हंगामा किए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्पष्ट किया कि सदन में प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, लेकिन कार्यवाही में बाधा डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में महाना ने कहा कि उन्होंने सुबह विपक्ष के सभी सुसंगत नोटिस स्वीकार किए थे और चाहते थे कि उन पर सार्थक चर्चा हो।
मुख्य घटनाक्रम
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विधानसभा का फ्लोर चर्चा के लिए है और सहमति-असहमति दोनों लोकतंत्र के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने बताया कि विपक्षी विधायकों द्वारा सुबह दिए गए जो नोटिस नियमों के दायरे में थे, उन सभी को उन्होंने स्वीकार कर लिया था। उनके अनुसार, 'विपक्ष अपनी बात कहे, सरकार अपना जवाब देगी' — यही संसदीय परंपरा की आत्मा है।
महाना ने कहा कि जब सदन की कार्यवाही चल रही हो और विपक्ष उसमें बाधा डाले, तो सदन चलाने का औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई बार हाथ जोड़कर विपक्षी सदस्यों को समझाने का प्रयास किया और जब वे नहीं माने तब नियमानुसार कार्रवाई करनी पड़ी।
सरकार की प्रतिक्रिया
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश की तरक्की, युवाओं का भला और प्रदेश के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, 'जब भी सदन में जनता के हित की बात होती है, सपा बाधा पैदा करती है।' कश्यप ने यह भी कहा कि 2027 के चुनावों में जनता सपा को इसका जवाब देगी।
मंत्री संजय निषाद ने इस व्यवहार को 'अमर्यादित और अशोभनीय' बताया और कहा कि विपक्ष का यह दोहरा चरित्र है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की आवाज बनना चाहिए, न कि सदन की कार्यवाही ठप करने का माध्यम।
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सदन की कार्यवाही बाधित करना एक अपराध है और सपा का यह मूल चरित्र रहा है कि वह प्रदेश के विकास में रोड़ा बनती है।
भाजपा विधायक का बयान
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि सपा ने इससे पहले संसद परिसर में सनातन का अपमान किया था और अब विधानसभा में आपत्तिजनक पोस्टर लहराकर सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाई है। उन्होंने इसे 'बहुत गलत' करार दिया।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू हो चुकी है और सत्तारूढ़ BJP तथा विपक्षी सपा के बीच विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह तनाव बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि मानसून सत्र में विपक्ष द्वारा नोटिस देना और फिर हंगामा करना इस सत्र की एक उभरती हुई प्रवृत्ति बन गई है। स्पीकर महाना के रुख से स्पष्ट है कि आगे भी नियमानुसार कार्यवाही जारी रहेगी और व्यवधान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।