यूपी विधानसभा मानसून सत्र 2026: सर्वदलीय बैठक में सहमति, महाना ने गरिमापूर्ण चर्चा की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानसभा के सोमवार, 4 अगस्त से शुरू हो रहे चार दिवसीय मानसून सत्र से एक दिन पहले रविवार, 3 अगस्त को विधान भवन, लखनऊ में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सदन के शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित संचालन पर सर्वसम्मति बनी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी दलों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करते हुए जनहित के मुद्दों पर सार्थक और गरिमापूर्ण संवाद करने की अपील की।
सर्वदलीय बैठक में क्या हुआ
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वोच्च मंच है और इसकी गरिमा बनाए रखना सत्ता पक्ष एवं विपक्ष — दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही तभी प्रभावशाली होगी जब सभी सदस्य नियमों का पालन करते हुए संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करेंगे।
महाना ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में सभी दलों के सहयोग से विधानसभा की कार्यवाही सफलतापूर्वक संचालित होती रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सत्र में भी सकारात्मक वातावरण में जनहित के मुद्दों पर चर्चा होगी और स्वस्थ संसदीय परंपराओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
ऐतिहासिक पहल: सदन में 'वंदे मातरम्' का पूर्ण गायन
महाना ने बताया कि इस चार दिवसीय सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय कार्य संपन्न किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के इतिहास में पहली बार सदन में 'वंदे मातरम्' का पूर्ण सामूहिक गायन किया जाएगा — जिसे एक ऐतिहासिक परंपरा की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सदन का सुचारू संचालन सत्ता पक्ष और विपक्ष के आपसी सहयोग पर निर्भर करता है। उन्होंने सभी दलों के शांतिपूर्ण सहयोग के आश्वासन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक परंपराएँ और सुदृढ़ होंगी।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, अपना दल (सोनेलाल) के राम निवास वर्मा, कांग्रेस की आराधना मिश्रा 'मोना', राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल सिंह बालियान, सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर, निषाद दल के रमेश सिंह और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने भाग लिया। सभी ने सदन के गरिमापूर्ण संचालन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्य-मंत्रणा समिति की बैठक
सर्वदलीय बैठक से पूर्व कार्य-मंत्रणा समिति की बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें चार दिवसीय विधानमंडल सत्र के विधायी और वित्तीय कार्यों की रूपरेखा पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। यह सत्र ऐसे समय में आ रहा है जब राज्य में कई प्रमुख नीतिगत और जनकल्याण के मुद्दे विधायी स्वीकृति की प्रतीक्षा में हैं।
आगे क्या
सोमवार से शुरू होने वाले इस मानसून सत्र में विधायी और वित्तीय एजेंडे पर कार्यवाही होगी। सभी दलों की सहमति और सकारात्मक माहौल को देखते हुए सत्र के सुचारू संचालन की उम्मीद है। 'वंदे मातरम्' के पूर्ण गायन की ऐतिहासिक परंपरा की शुरुआत इस सत्र को विशेष बनाती है।