मानसून सत्र से पहले सीएम योगी की सर्वदलीय अपील: जनहित के मुद्दे सदन में उठाएँ, कार्यवाही सुचारु रखें
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे जनहित से जुड़े हर मुद्दे को सदन में गंभीरता से उठाएँ और स्वस्थ चर्चा के ज़रिए प्रदेश के विकास में सरकार का सहयोग करें। यह बैठक 3 अगस्त से प्रारंभ हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियों के संदर्भ में बुलाई गई थी।
सर्वदलीय बैठक का संदर्भ
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित इस सर्वदलीय बैठक में नेता सदन के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद अत्यंत महत्वपूर्ण है और सदन जनप्रतिनिधियों को यह संवाद करने का सबसे सशक्त मंच प्रदान करता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस संवाद से निकले परिणाम सीधे जनोपयोगी होते हैं।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से विशेष रूप से अपील की कि वे सदन की कार्यवाही को बाधित न करें और मानसून सत्र को सुचारु रूप से संचालित होने दें। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सभी सदस्यों से सदन के सुचारु संचालन में सहयोग माँगा।
नौ वर्षों की संसदीय विरासत का उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि विगत 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश विधानसभा ने पूरे देश में संसदीय कार्यप्रणाली का उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिससे लोकतंत्र और मज़बूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक संवाद के परिणामस्वरूप ही देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश की छवि बदली है। यह उपलब्धि सभी दलों के नेताओं के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं और मानसून सत्र में तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।
विधान भवन में विकास कार्यों का शुभारंभ
सर्वदलीय बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन में अनेक विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों का उद्घाटन किया। इनमें विधान परिषद मंडप का सौंदर्यीकरण, विधान भवन भूतल का नवीनीकृत कॉरिडोर और विधानसभा का नवनिर्मित पॉडकास्ट स्टूडियो शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मुख्यमंत्री के विधान भवन पहुँचने पर पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर के आकार में बने एक मॉडल के भीतर बैठकर उत्तर प्रदेश के इतिहास, धार्मिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाती तस्वीरों का अवलोकन किया। उन्होंने पॉडकास्ट स्टूडियो का निरीक्षण किया और सदन के भीतर की व्यवस्थाओं का भी जायज़ा लिया।
मानसून सत्र से जनता की अपेक्षाएँ
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मानसून सत्र में आमजन से जुड़े मुद्दों पर गहन और रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए, जिससे प्रदेश का विकास भी हो और जनता की समस्याओं का समाधान भी निकले। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि वह अपने क्षेत्र की जनता के हित से जुड़े हर मुद्दे को सदन में गंभीरता से प्रस्तुत करे।
3 अगस्त से शुरू होने वाले इस मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका इस बात से तय होगी कि वे जनहित के मुद्दों को कितनी प्रभावी तरीके से सदन में उठाते हैं।