यूपी विधानमंडल मानसून सत्र 2026: सपा का प्रदर्शन, सीएम योगी ने जनहित चर्चा की अपील
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का चार दिवसीय मानसून सत्र 3 अगस्त 2026 को लखनऊ में शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन ही सियासी तापमान चढ़ा रहा — समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने विधानसभा परिसर में राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता, नीट पेपर लीक और शिक्षक भर्ती जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप सकारात्मक चर्चा की अपील की।
मुख्यमंत्री का संबोधन और प्रमुख दावे
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा पहुँचने पर सभी सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विधायिका जनहित से जुड़े मुद्दों पर विमर्श और समाधान का सबसे प्रभावी मंच है, और यह सत्र गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा का महत्वपूर्ण अवसर है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले वर्षों में 6 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर मध्यम वर्ग की श्रेणी में लाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के किसानों की आय में पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
महिला सशक्तीकरण पर बोलते हुए योगी ने बताया कि राज्य सरकार कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल का निर्माण करा रही है, ताकि उन्हें रोजगार के दौरान सुविधा मिल सके। साथ ही बेहतर औद्योगिक माहौल के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को अपने जिलों में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है।
कांवड़ यात्रा और विधायकों की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में शिवभक्त आस्था के साथ यात्रा निकाल रहे हैं और उनकी सुरक्षा तथा स्वागत के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त से विधायक भी कांवड़ियों के स्वागत कार्यक्रमों में भाग लेंगे। आउटसोर्स कर्मियों के कल्याण के लिए भी सरकार लगातार काम कर रही है।
सपा का प्रदर्शन और विपक्ष की माँगें
सत्र शुरू होने से पहले सपा के विधायक चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के निकट प्रदर्शन पर बैठे। विधायक अपने हाथों में पोस्टर और दानपेटी लेकर पहुँचे तथा राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी, नीट पेपर लीक और शिक्षक भर्ती के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक का मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहा है और विपक्ष इसे सत्र में उठाने की रणनीति बना चुका था।
सरकार की प्रतिक्रिया
विपक्ष के प्रदर्शन पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह केवल राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी कहा कि राज्य सरकार विकास और जनहित से जुड़े हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सत्र का एजेंडा: बजट, अध्यादेश और संभल रिपोर्ट
चार कार्य दिवस तक चलने वाले इस मानसून सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। इसके अलावा सरकार नौ अध्यादेशों को सदन से पारित कराने के साथ-साथ संभल हिंसा की जाँच के लिए गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रख सकती है। यह सत्र उत्तर प्रदेश की राजनीतिक दिशा के लिहाज से अहम साबित हो सकता है।