3 अगस्त 2026
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UP मानसून सत्र: सपा के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, मंत्री कश्यप बोले — 'विकास एजेंडे के साथ सदन में जाएगी सरकार'

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UP मानसून सत्र: सपा के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, मंत्री कश्यप बोले — 'विकास एजेंडे के साथ सदन में जाएगी सरकार'

सारांश

UP विधानसभा के मानसून सत्र की अवधि को लेकर सपा और BJP आमने-सामने हैं। सपा के आरोपों पर मंत्री नरेंद्र कश्यप और कपिल देव अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार अनुपूरक बजट और विकास परियोजनाओं के साथ सदन में जाएगी — और 2027 चुनाव से पहले यह बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

मुख्य बातें

समाजवादी पार्टी (सपा) ने UP विधानसभा मानसून सत्र की अवधि कम रखने पर योगी सरकार पर जनता के मुद्दों से बचने का आरोप लगाया।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि BJP सरकार में सदन पहले की तुलना में अधिक दिनों तक चला है।
सरकार मानसून सत्र में अनुपूरक बजट लाकर विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रावधान करेगी।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सपा के पास जनता के मुद्दे नहीं बचे, इसलिए वह धार्मिक विषयों पर राजनीति कर रही है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के संकेत हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की अवधि को लेकर लखनऊ में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव 3 अगस्त को उस समय और गहरा गया जब समाजवादी पार्टी (सपा) ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर जनता के ज्वलंत मुद्दों से बचने के लिए सत्र को जानबूझकर छोटा रखने का आरोप लगाया। इन आरोपों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मंत्रियों ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सरकार विकास और जनहित के ठोस एजेंडे के साथ सदन में उपस्थित होगी।

मंत्री कश्यप का बयान: विकास पर रहेगा जोर

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि मानसून सत्र प्रदेश की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि सरकार कई विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए अनुपूरक बजट लाएगी, जिससे आवश्यक वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित किए जाएंगे। कश्यप ने स्पष्ट किया कि सदन का उपयोग कानून निर्माण और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह किया जाएगा।

सपा पर पलटवार: 'पहले अपना रिकॉर्ड देखें'

सत्र की अवधि कम रखने के सपा के आरोपों पर नरेंद्र कश्यप ने कहा कि समाजवादी पार्टी को पहले अपने शासनकाल का रिकॉर्ड देखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि BJP सरकार के दौरान सदन पहले की तुलना में अधिक दिनों तक चला है। कश्यप ने यह भी आरोप लगाया कि सपा विधायक सदन की कार्यवाही को बाधित करते हैं और जाति तथा धर्म के मुद्दों को उठाकर विकास से जुड़े विषयों से ध्यान भटकाते हैं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों में विपक्ष बाधा डालने का काम करता है।

विपक्ष की भूमिका पर सवाल

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद — सभी मंचों पर विपक्ष का रवैया लोकतांत्रिक चर्चा के बजाय व्यवधान पैदा करने का रहा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्ष को रचनात्मक सुझाव देने चाहिए, लेकिन सपा केवल विरोध के लिए विरोध कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर BJP को सत्ता सौंपेगी।

पप्पू यादव प्रकरण पर प्रतिक्रिया

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर हुए हमले से जुड़े सवाल पर नरेंद्र कश्यप ने कहा कि संसद देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का पवित्र मंच है। उन्होंने कहा कि वहाँ संत का वेश धारण कर प्रदर्शन करना और भगवान राम की फोटो को किसी के चरणों में ले जाना संत समाज और सनातन परंपरा का अपमान है। उनके अनुसार, ऐसे कृत्यों पर सनातनी समाज अपनी प्रतिक्रिया अवश्य देगा।

मंत्री अग्रवाल का सपा पर निशाना

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास जनता से जुड़े मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह राम मंदिर और धार्मिक विषयों पर राजनीति करने में लगा है। अग्रवाल ने कहा कि जिन लोगों ने अतीत में रामभक्तों पर लाठियाँ चलवाईं और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, वही आज सनातन संस्कृति की बात कर रहे हैं। यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब UP विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियाँ दोनों दलों में तेज हो रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सत्तापक्ष चाहे जो भी हो, जारी रहती है। BJP का यह तर्क कि उनके शासन में सदन अधिक दिनों तक चला, सत्यापन योग्य है — लेकिन इसका ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया। असली सवाल यह है कि सदन के दिनों की संख्या नहीं, बल्कि उन दिनों में कितनी सार्थक विधायी चर्चा हुई — और इस पर दोनों पक्ष चुप हैं। 2027 के चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आएंगे, यह बयानबाजी और तीखी होगी, लेकिन जनता के लिए ज़रूरी है कि वह नारों से परे जाकर विधायी उत्पादकता के ठोस आँकड़े माँगे।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP विधानसभा के मानसून सत्र की अवधि को लेकर विवाद क्यों है?
समाजवादी पार्टी (सपा) ने आरोप लगाया है कि योगी सरकार जानबूझकर मानसून सत्र की अवधि कम रख रही है ताकि जनता के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा से बचा जा सके। BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके शासन में सदन पहले की तुलना में अधिक दिनों तक चला है।
मानसून सत्र में UP सरकार क्या लाने की योजना बना रही है?
मंत्री नरेंद्र कश्यप के अनुसार, सरकार मानसून सत्र में अनुपूरक बजट लाएगी जिससे विकास परियोजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि सदन का पूरा उपयोग कानून निर्माण और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए होगा।
BJP ने सपा पर क्या आरोप लगाए हैं?
BJP मंत्रियों ने सपा पर आरोप लगाया है कि वह जाति, धर्म और विरोध की राजनीति करती है और सदन की कार्यवाही बाधित करती है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सपा के पास जनता से जुड़े मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह राम मंदिर और धार्मिक विषयों पर राजनीति कर रही है।
पप्पू यादव पर हमले के मुद्दे पर BJP का क्या रुख है?
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि संसद में संत का वेश धारण कर प्रदर्शन करना और भगवान राम की फोटो को किसी के चरणों में ले जाना सनातन परंपरा का अपमान है। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों पर सनातनी समाज अपनी प्रतिक्रिया देगा।
UP में 2027 चुनाव से पहले इस विवाद का क्या राजनीतिक महत्व है?
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में यह आरोप-प्रत्यारोप दोनों दलों की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। BJP ने दावा किया है कि जनता एक बार फिर उन्हें सत्ता सौंपेगी, जबकि सपा सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाकर जनाधार मज़बूत करने की कोशिश में है।
राष्ट्र प्रेस
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