नीरज चोपड़ा ने PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर कहा: 'सभी खिलाड़ियों को बराबर सम्मान मिलता है'
सारांश
मुख्य बातें
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भालाफेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मोदी के कार्यकाल में भारतीय खेल जगत में उल्लेखनीय बदलाव आए हैं। नीरज ने विशेष रूप से इस बात की प्रशंसा की कि प्रधानमंत्री पदक जीतने वाले और न जीतने वाले — दोनों तरह के खिलाड़ियों के साथ समान आदर-भाव से पेश आते हैं।
नीरज चोपड़ा का संदेश
नीरज चोपड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, 'मैं हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर उनको बहुत सारी शुभकामनाएं देता हूं।' उन्होंने कहा, 'जब भी हम मेडल जीतकर आते हैं, या किसी ने मेडल नहीं भी जीता है, तो वो सभी को बुलाते हैं और सभी से अच्छे से बात करते हैं, बराबर सम्मान देते हैं।' यह टिप्पणी भारत में खेल संस्कृति के प्रति सरकारी दृष्टिकोण में आए बदलाव को रेखांकित करती है।
खेलो इंडिया और TOPS योजना की सराहना
नीरज चोपड़ा ने खेलो इंडिया और टार्गेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) की सराहना करते हुए कहा, 'खेलो इंडिया स्कीम और टॉप्स स्कीम ने भी हमारे देश के खिलाड़ियों को बहुत ज्यादा मदद की है।' उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि आगे आने वाले समय में और बेहतर बदलाव होंगे। गौरतलब है कि TOPS योजना के तहत भारत के शीर्ष एथलीटों को विदेशी प्रशिक्षण, उपकरण और चिकित्सा सहायता दी जाती है, जिसका लाभ नीरज सहित कई खिलाड़ियों को मिला है।
साइना नेहवाल की बधाई और प्रतिक्रिया
इस अवसर पर दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने पत्रकारों से कहा, 'मैं उनसे पाँच-छह साल पहले मिली थी, जब मैं वर्ल्ड नंबर वन बनी थी, उस समय उन्होंने बताया था कि खेल खेलना चाहिए, बहुत अच्छी बात होती है।' उन्होंने प्रधानमंत्री की फिटनेस की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें देखकर प्रेरणा मिलती है। साइना ने यह भी कहा, 'हमें तो अभी से ही कमर दर्द, घुटने में दर्द हो जाता है, लेकिन उन्हें देखकर बहुत अच्छा लगता है।'
खेल जगत में व्यापक प्रतिक्रिया
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में अपनी उपस्थिति लगातार मज़बूत कर रहा है। नीरज चोपड़ा ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में भालाफेंक में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर भारत को एथलेटिक्स में पहला व्यक्तिगत ओलंपिक गोल्ड दिलाया था। उनकी यह सफलता खेलो इंडिया और TOPS जैसी सरकारी योजनाओं के समर्थन से संभव हुई, यह तथ्य खेल विशेषज्ञ भी स्वीकार करते हैं। आगे आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय एथलीटों के प्रदर्शन पर सबकी नज़रें रहेंगी।