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क्या नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में इतिहास रचा और देश को नई पहचान दिलाई?

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क्या नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में इतिहास रचा और देश को नई पहचान दिलाई?

सारांश

नीरज चोपड़ा, जिसने ओलंपिक में गोल्ड जीतकर भारत का नाम रोशन किया, अब देश के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। उनके असाधारण सफर ने न केवल खेल को बढ़ावा दिया है, बल्कि युवा एथलीट्स को भी प्रेरित किया है। जानिये उनकी सफलता की कहानी।

मुख्य बातें

नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में गोल्ड जीतकर भारत का नाम रोशन किया।
उन्होंने 90 मीटर क्लब में शामिल होकर भारतीय एथलेटिक्स की मानसिक सीमा तोड़ी।
उनकी सफलता ने युवा एथलीट्स को खेल की ओर आकर्षित किया।
नीरज ने सीमित संसाधनों से वैश्विक स्तर तक पहुंचने की प्रेरणा दी।
भारतीय खेलों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा का नया युग शुरू किया।

नई दिल्ली, 23 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने भारत को इस खेल में नई पहचान दिलाई है। ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में ओलंपिक गोल्ड जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक गेम्स में 2 मेडल अपने नाम किए हैं।

24 दिसंबर 1997 को हरियाणा में जन्मे नीरज चोपड़ा बचपन में खाने-पीने के बेहद शौकीन थे। यही वजह रही कि कम उम्र में ही नीरज का वजन 80 किलोग्राम तक पहुंच गया था।

नीरज के बढ़ते वजन ने परिवार को चिंतित कर दिया था। ऐसे में उन्हें खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इसी प्रेरणा ने उनकी जिंदगी बदल दी।

90 मीटर क्लब में शामिल होकर भारतीय एथलेटिक्स की मानसिक सीमा तोड़ने वाले नीरज चोपड़ा ने जैवलिन को भारत में हाशिये से मुख्यधारा में लाने का काम किया है। साल 2012 से अब तक नीरज चोपड़ा 79 भाला फेंक प्रतियोगिता में शामिल हुए, जिसमें 43 में जीत दर्ज की है। 18 मौकों पर वह दूसरे स्थान पर रहे। तीन बार उन्होंने तीसरा स्थान अपने नाम किया है। यही वजह रही कि भारतीय फैंस किसी प्रतियोगिता में नीरज के शामिल होने को मेडल की गारंटी समझते हैं।

साल 2012 में नीरज चोपड़ा ने राष्ट्रीय जूनियर चैंपियनशिप (अंडर 16) में 68.46 मीटर की दूरी तय करते हुए पहला स्थान हासिल किया था। अगले साल उन्होंने यूथ चैंपियनशिप जीती। साल 2014 में नीरज भारतीय अंडर 18 चैंपियनशिप में पहले स्थान पर रहे। इसी साल उन्होंने यूथ ओलंपिक गेम्स क्वालिफिकेशन में दूसरा स्थान हासिल किया।

नीरज चोपड़ा एशियन चैंपियनशिप 2015 में 9वें स्थान पर रहे, जिसके बाद उन्होंने अपनी खामियों से सबक लेते हुए इंटरनेशनल चैंपियनशिप, फेड कप जूनियर चैंपियनशिप, भारतीय चैंपियनशिप, साउथ एशियन गेम्स और इंडियन ग्रां प्री 1 में पहला स्थान हासिल करते हुए चमक बिखेरी।

साल 2016 में नीरज चोपड़ा ने आईएएएफ वर्ल्ड अंडर 20 चैंपियनशिप जीती। इसके बाद साल 2018 में फेडरेशन कप अपने नाम किया। साल 2018 में एशियन चैंपियनशिप जीतने के बाद शानदार प्रदर्शन करते हुए 2020 टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल किया।

'मैन विद गोल्डन आर्म' ने साल 2022 में लुसाने डायमंड लीग और ज्यूरिख डायमंड लीग जीती। अगले साल दोहा डायमंड लीग, लुसाने डायमंड लीग और विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पहला स्थान हासिल किया।

नीरज चोपड़ा को 2024 टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन यहां उन्हें सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा। साल 2025 में नीरज चोपड़ा ने पेरिस डायमंड लीग, ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक और एनसी क्लासिक में पहला स्थान हासिल किया।

नीरज चोपड़ा की सफलता से देशभर में कई युवा एथलीट्स इस खेल की ओर आकर्षित हुए। नीरज ने भारत में इस खेल के सिस्टम में बदलाव लाने का काम किया है।

नीरज ने अपने शानदार प्रदर्शन से यह विश्वास मजबूत किया कि भारत ट्रैक-एंड-फील्ड जैसे कठिन वैश्विक खेलों में भी ओलंपिक स्वर्ण जीत सकता है। उन्होंने क्रिकेट-केंद्रित माहौल में एथलेटिक्स को नई पहचान दिलाई है।

नीरज के साथ ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को रोल मॉडल मिला कि सीमित संसाधनों से भी विश्व स्तर तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने भारत के खेल को आत्मविश्वास से भरी वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में मोड़ा। देश को भविष्य में भी नीरज चोपड़ा से ओलंपिक मेडल की आस होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश के लिए एक नई दिशा की ओर संकेत हैं। उनके प्रयासों ने न केवल एथलेटिक्स को पुनर्जीवित किया है, बल्कि युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने का कार्य भी किया है। राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में नीरज ने भारतीय खेल जगत को एक नई पहचान दी है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीरज चोपड़ा ने कब ओलंपिक गोल्ड जीता?
नीरज चोपड़ा ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता।
नीरज चोपड़ा का जन्म कब हुआ?
नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा में हुआ।
नीरज चोपड़ा ने कितने मेडल जीते हैं?
नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक गेम्स में 2 मेडल जीते हैं।
नीरज चोपड़ा की उपलब्धियां क्या हैं?
नीरज चोपड़ा ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं, जिसमें ओलंपिक गोल्ड शामिल है।
नीरज चोपड़ा का योगदान क्या है?
नीरज चोपड़ा ने भारतीय एथलेटिक्स को मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है और कई युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया है।
राष्ट्र प्रेस
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