5 अगस्त 2026
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UP विधानसभा हंगामा: स्पीकर सतीश महाना बोले — विपक्ष के सहयोग बिना सदन नहीं चल सकता

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UP विधानसभा हंगामा: स्पीकर सतीश महाना बोले — विपक्ष के सहयोग बिना सदन नहीं चल सकता

सारांश

UP विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन में हंगामे पर कड़ा रुख अपनाया — दो घंटे मनाने के बाद भी विपक्ष नहीं माना। सपा विधायक सचिन यादव को मुख्यमंत्री की तस्वीर नहीं हटाने पर सत्र से निष्कासित किया गया। महाना का साफ संदेश: विपक्ष के सहयोग के बिना विधानसभा नहीं चल सकती।

मुख्य बातें

UP विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने 5 अगस्त 2026 को सदन में हुए हंगामे पर कड़ी नाराज़गी जताई।
महाना ने दो घंटे से अधिक समय तक विपक्ष को हर मुद्दा उठाने का अवसर दिया, फिर भी कार्यवाही बाधित रही।
सपा विधायक सचिन यादव को मुख्यमंत्री की तस्वीर अनुचित तरीके से दिखाने और स्पीकर का निर्देश न मानने पर विधानसभा सत्र से निष्कासित किया गया।
स्पीकर ने स्पष्ट किया कि सदन की गरिमा सभी 403 सदस्यों का अधिकार है और इस पर आक्रमण विशेषाधिकार उल्लंघन है।
महाना ने कहा कि वे आगामी सत्र में विपक्ष के सभी विषय सुनने को तैयार हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने 5 अगस्त 2026 को सदन में हुए हंगामे पर कड़ी नाराज़गी जताई और स्पष्ट किया कि विधानसभा सत्ता पक्ष और विपक्ष — दोनों के सहयोग से चलती है। महाना ने कहा कि उन्होंने दो घंटे से अधिक समय तक विपक्षी सदस्यों को हर मुद्दा उठाने का अवसर दिया, फिर भी स्थिति नियंत्रण से बाहर रही।

मुख्य घटनाक्रम

विधानसभा अध्यक्ष ने बुधवार सुबह मीडिया से बातचीत में कहा, 'विपक्ष का व्यवहार बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। मैं उनकी सभी चिंताओं को सुनने के लिए पूरी तरह तैयार था। मैंने उन्हें हर मुद्दा उठाने के लिए कहने में लगभग दो घंटे बिताए। सदन की गरिमा और मर्यादा बनाए रखते हुए, मैंने उनके सामने हाथ भी जोड़े।' उन्होंने यह भी कहा कि 'अगर विपक्ष सहयोग नहीं करेगा तो विधानसभा नहीं चल पाएगी।'

महाना ने यह भी स्पष्ट किया कि सदन में केवल शोर-शराबे से काम नहीं चलेगा। उनके अनुसार, 'अगर विपक्ष के पास कोई मुद्दा हो, तो उस पर चर्चा की जा सकती है — सिर्फ हंगामे से सदन नहीं चलता।'

सपा विधायक सचिन यादव का निष्कासन

सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक सचिन यादव को विधानसभा सत्र से निष्कासित किया गया। स्पीकर महाना ने इस पर कहा, 'मुझे उम्मीद थी कि सचिन यादव एक पढ़े-लिखे व्यक्ति होने के नाते बेहतर व्यवहार करेंगे। लेकिन मंगलवार को मुझे बहुत निराशा हुई।'

महाना के अनुसार, जब विधानसभा में मुख्यमंत्री की तस्वीर अनुचित तरीके से प्रदर्शित की गई, तो उन्होंने सचिन यादव को उसे हटाने का निर्देश दिया। निर्देश के बावजूद यादव ने आदेश नहीं माना, जिसे स्पीकर ने 'सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन' करार दिया।

सदन की गरिमा पर स्पीकर का रुख

महाना ने ज़ोर देकर कहा कि सदन की गरिमा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि विधानसभा के सभी 403 सदस्यों का अधिकार है। उन्होंने कहा, 'इसके ऊपर कोई आक्रमण करता है, तो यह विशेषाधिकार के दायरे में आता है।' यादव के आचरण पर उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि 'उनके आचरण से मुझे आत्मग्लानि हुई।'

आगे की राह

स्पीकर महाना ने संकेत दिया कि वे आगामी सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और विपक्ष के सभी विषयों को सुनने के लिए तैयार हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा में सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। गौरतलब है कि विधानसभा की कार्यवाही में बाधा और सदस्यों का निष्कासन राज्य की संसदीय परंपराओं के लिए एक गंभीर संदेश है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सहमति से चलती है। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या विपक्ष की आवाज़ें सदन के भीतर पर्याप्त रूप से सुनी जा रही थीं, जो उन्हें हंगामे का रास्ता चुनना पड़ा। सचिन यादव का निष्कासन एक कड़ा संदेश है, पर यह उस राजनीतिक तनाव का लक्षण भी है जो उत्तर प्रदेश की विधायिका में सत्र-दर-सत्र बढ़ता जा रहा है। विधानसभा की विश्वसनीयता के लिए ज़रूरी है कि दोनों पक्ष — सत्ता और विपक्ष — संवाद की मेज़ पर लौटें।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP विधानसभा में हंगामे पर स्पीकर सतीश महाना ने क्या कहा?
स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि विपक्ष का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण था और उन्होंने दो घंटे से अधिक समय तक विपक्षी सदस्यों को हर मुद्दा उठाने का मौका दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष के सहयोग के बिना विधानसभा नहीं चल सकती।
सपा विधायक सचिन यादव को विधानसभा से क्यों निष्कासित किया गया?
सपा विधायक सचिन यादव ने सदन में मुख्यमंत्री की तस्वीर अनुचित तरीके से प्रदर्शित की और स्पीकर के निर्देश के बावजूद उसे हटाने से इनकार कर दिया। इस अवज्ञा को स्पीकर ने सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन मानते हुए उन्हें सत्र से निष्कासित किया।
स्पीकर महाना ने सदन की गरिमा को लेकर क्या कहा?
महाना ने कहा कि सदन की गरिमा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि विधानसभा के सभी 403 सदस्यों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस पर कोई आक्रमण करता है तो यह विशेषाधिकार के दायरे में आता है।
UP विधानसभा का अगला सत्र कैसे चलेगा?
स्पीकर सतीश महाना ने संकेत दिया कि वे आगामी सत्र में विपक्ष के सभी विषयों को सुनने के लिए तैयार हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा का सत्र आगे सुचारु रूप से चले।
क्या विपक्षी दलों को UP विधानसभा में अपने मुद्दे उठाने का मौका मिलता है?
स्पीकर महाना के अनुसार, उन्होंने विपक्ष को हर मुद्दा उठाने के लिए दो घंटे से अधिक समय दिया और हाथ जोड़कर भी अनुरोध किया। उनका कहना है कि चर्चा के लिए द्वार खुले हैं, लेकिन केवल शोर-शराबे से सदन नहीं चल सकता।
राष्ट्र प्रेस
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