UP विधानसभा में सपा विधायक सचिन यादव निलंबित, ₹59,019 करोड़ अनुपूरक बजट पेश; राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर हंगामा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन 4 अगस्त 2026 को लखनऊ में सदन की कार्यवाही उस समय अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई, जब समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर तत्काल बहस की माँग को लेकर पूरे दिन हंगामा किया। इस बीच वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने फिरोजाबाद की जसराना सीट से सपा विधायक सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा कराने की माँग उठाई। अनुमति न मिलने पर सपा सदस्य वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोपहर में कार्यवाही पुनः आरंभ होने पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अनुपूरक बजट पेश किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बजट चर्चा का जवाब देने उठे तो विपक्ष ने फिर नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान सपा विधायक सचिन यादव ने विरोध-स्वरूप पोस्टर लहराया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन की गरिमा के प्रतिकूल बताते हुए पहले चेतावनी दी और चेतावनी के बावजूद विरोध जारी रहने पर उन्हें पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
मार्शलों और विधायकों के बीच धक्का-मुक्की
विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर जब मार्शल सचिन यादव को सदन से बाहर ले जाने पहुँचे, तो विपक्षी सदस्य उनके समर्थन में खड़े हो गए। मार्शलों और कुछ विधायकों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे सदन का माहौल और तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही बुधवार, 5 अगस्त की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
मुख्यमंत्री और सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के व्यवहार को असंवैधानिक और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि अनुपूरक बजट पर चर्चा प्रदेश की 25 करोड़ जनता के विकास से जुड़े विषयों के लिए निर्धारित थी और एजेंडा पहले से तय था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने का प्रयास कर रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने की योजना बना रही है। गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा पिछले कुछ दिनों से राज्य की राजनीति में केंद्रीय बना हुआ है।
विधानसभा अध्यक्ष की चेतावनी
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति होने पर विशेषाधिकार समिति के माध्यम से सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा। यह चेतावनी विपक्षी सदस्यों के लिए स्पष्ट संकेत है कि सदन में अनुशासनहीनता को लेकर अध्यक्ष कड़ा रुख अपनाने के लिए तैयार हैं।
आगे क्या होगा
सदन की कार्यवाही बुधवार को पुनः शुरू होगी, जहाँ अनुपूरक बजट पर चर्चा और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का रुख केंद्रीय रहेगा। सपा के निलंबित विधायक सचिन यादव की बहाली को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो सकती हैं। मानसून सत्र में शेष दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने की संभावना है।