18 सितंबर 2026
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चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना: 2030 तक दवा उद्योग का राजस्व 35 खरब युआन पार करने का लक्ष्य

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चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना: 2030 तक दवा उद्योग का राजस्व 35 खरब युआन पार करने का लक्ष्य

सारांश

चीन ने 2026-2030 की 15वीं पंचवर्षीय योजना में दवा उद्योग को नई ऊँचाई देने का संकल्प लिया है — 35 खरब युआन का राजस्व लक्ष्य, फर्स्ट-इन-क्लास दवाओं में 25% वैश्विक हिस्सेदारी और 20% से अधिक की विकास दर। यह केवल उद्योग नीति नहीं, वैश्विक दवा बाज़ार में चीन की बड़ी छलाँग की तैयारी है।

मुख्य बातें

चीन के 10 सरकारी विभागों ने 18 सितंबर 2026 को औषधि उद्योग विकास की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) जारी की।
2030 तक बड़े औषधि उद्यमों का परिचालन राजस्व 35 खरब युआन से अधिक करने का लक्ष्य।
नवीन दवा उद्योग की औसत विकास दर 20 फीसदी से अधिक और वैश्विक $1 अरब+ बिक्री वाले उत्पाद 5 से अधिक करने का संकल्प।
10 अरब युआन+ राजस्व वाले औषधि उद्यम 50 और 1 खरब युआन+ उत्पादन वाले औषधि पार्क 20 तक पहुँचाने का लक्ष्य।
सूचीबद्ध कंपनियों का औसत R&D निवेश 10 फीसदी से अधिक ; चीन में विकसित फर्स्ट-इन-क्लास दवाओं की वैश्विक हिस्सेदारी 25 फीसदी से अधिक करने का उद्देश्य।

चीन के राष्ट्रीय उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग सहित 10 सरकारी विभागों ने 18 सितंबर 2026 को संयुक्त रूप से 'औषधि उद्योग विकास के लिए 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030)' जारी की। इस योजना में वर्ष 2030 तक चीन के बड़े औषधि उद्योग उद्यमों का परिचालन राजस्व 35 खरब युआन से अधिक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। नवीन दवाओं के वैश्विक बाज़ार में चीन की हिस्सेदारी बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

औद्योगिक पैमाने और राजस्व लक्ष्य

योजना के पहले प्रमुख लक्ष्य के तहत नवीन दवा उद्योग की विकास दर को औसतन 20 फीसदी से अधिक बनाए रखना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर सालाना 1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक बिक्री वाले उत्पादों की संख्या 5 से अधिक करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब चीन वैश्विक दवा बाज़ार में अपनी उपस्थिति को अमेरिका और यूरोप के समकक्ष ले जाने की कोशिश में लगा है।

उद्यम विकास और औषधि पार्क

दूसरे लक्ष्य के अंतर्गत 10 अरब युआन से अधिक सालाना राजस्व वाले औषधि उद्यमों की संख्या 50 तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। साथ ही, 1 खरब युआन से अधिक के औद्योगिक उत्पादन वाले औषधि पार्कों की संख्या 20 तक ले जाने की परिकल्पना की गई है। गौरतलब है कि चीन ने पिछले एक दशक में दर्जनों विशेष औषधि औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए हैं, और यह योजना उस बुनियादी ढाँचे को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम है।

नवाचार और अनुसंधान-विकास पर जोर

तीसरे एवं सर्वाधिक चर्चित लक्ष्य के तहत सूचीबद्ध औषधि कंपनियों का सालाना औसत अनुसंधान एवं विकास (R&D) निवेश 10 फीसदी से अधिक रखना अनिवार्य किया गया है। योजना में चीन में विकसित फर्स्ट-इन-क्लास नई दवाओं की वैश्विक हिस्सेदारी 25 फीसदी से अधिक करने का महत्वपूर्ण लक्ष्य भी शामिल है। यह लक्ष्य इस बात का संकेत है कि चीन अब केवल जेनेरिक दवाओं के निर्माता की भूमिका से आगे बढ़कर मूल अनुसंधान-आधारित दवा शक्ति बनने की दौड़ में शामिल हो रहा है।

वैश्विक दवा बाज़ार पर संभावित असर

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चीन इन लक्ष्यों को हासिल करने में सफल रहता है, तो वैश्विक दवा आपूर्ति श्रृंखला पर इसका दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। भारत सहित कई देश जो कच्चे माल (API) के लिए चीन पर निर्भर हैं, उन्हें नई प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। योजना के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए केंद्रीय स्तर पर समन्वय तंत्र बनाने की भी बात कही गई है, हालाँकि विस्तृत रूपरेखा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर वैश्विक बाज़ार में भारतीय जेनेरिक दवा कंपनियों को नए चीनी मूल-अनुसंधान से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। इस योजना के लक्ष्यों की सत्यापन-योग्यता और क्रियान्वयन पारदर्शिता — जो पिछली पंचवर्षीय योजनाओं में कमज़ोर रही है — ही तय करेगी कि ये महत्वाकांक्षाएँ हकीकत बनती हैं या महज़ कागज़ी वादे।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन की 15वीं पंचवर्षीय औषधि योजना क्या है?
यह 18 सितंबर 2026 को चीन के 10 सरकारी विभागों द्वारा संयुक्त रूप से जारी 'औषधि उद्योग विकास के लिए 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030)' है। इसमें 2030 तक दवा उद्योग का राजस्व 35 खरब युआन पार करने, नवीन दवाओं में 20% से अधिक विकास दर और फर्स्ट-इन-क्लास दवाओं में 25% वैश्विक हिस्सेदारी हासिल करने के लक्ष्य शामिल हैं।
इस योजना में R&D के लिए क्या लक्ष्य रखा गया है?
योजना के अनुसार, चीन की सूचीबद्ध औषधि कंपनियों का सालाना औसत अनुसंधान एवं विकास निवेश 10 फीसदी से अधिक रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही चीन में विकसित फर्स्ट-इन-क्लास नई दवाओं की वैश्विक हिस्सेदारी 25 फीसदी से अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
क्या इस योजना का भारत के दवा उद्योग पर असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चीन इन लक्ष्यों को हासिल करता है तो भारत समेत API आयात पर निर्भर देशों को नई प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वैश्विक जेनेरिक दवा बाज़ार में चीनी कंपनियों की बढ़ती ताकत भारतीय फार्मा क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक दबाव बन सकती है।
औषधि पार्कों के लिए क्या लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं?
योजना में 1 खरब युआन से अधिक के औद्योगिक उत्पादन वाले औषधि पार्कों की संख्या 20 तक पहुँचाने का लक्ष्य है। इसके अलावा 10 अरब युआन से अधिक सालाना राजस्व वाले औषधि उद्यमों की संख्या 50 तक करने का भी संकल्प लिया गया है।
यह योजना किन विभागों ने मिलकर जारी की?
यह योजना चीन के राष्ट्रीय उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग सहित कुल 10 सरकारी विभागों ने संयुक्त रूप से 18 सितंबर 2026 को जारी की।
राष्ट्र प्रेस
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