चीन की मई 2025 अर्थव्यवस्था: औद्योगिक वृद्धि 5.4%, विदेशी व्यापार में 16.9% उछाल
सारांश
मुख्य बातें
चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के पहले पाँच महीनों (जनवरी–मई 2025) के आर्थिक आँकड़े सामने आए हैं, जिनमें उद्योग, उपभोग और विदेशी व्यापार तीनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज किया गया है। आँकड़ों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बीजिंग की अर्थव्यवस्था स्थिर और सकारात्मक गति बनाए हुए है।
औद्योगिक स्थिरता: मजबूत नींव
जनवरी से मई के दौरान निर्धारित आकार से ऊपर के औद्योगिक उद्यमों के मूल्यवर्धन में पिछले वर्ष की तुलना में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें उच्च स्तरीय विनिर्माण क्षेत्र सबसे आगे रहा। सेवा क्षेत्र की खुदरा बिक्री भी 5.4 प्रतिशत बढ़ी — जो वस्तुओं की खुदरा बिक्री की वृद्धि दर से अधिक है — यह संकेत देती है कि सेवा क्षेत्र उपभोग वृद्धि का प्रमुख आधार बनता जा रहा है। बुनियादी ढाँचे में निवेश भी लगातार बढ़ रहा है और प्रमुख परियोजनाओं का कार्यान्वयन तेज़ गति से जारी है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की आशंकाओं और व्यापार तनावों से जूझ रही है। PwC की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य भूमि चीन को अपने शीर्ष तीन निवेश स्थलों में शामिल करने वाले वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो विदेशी निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
नवाचार: विकास का नया इंजन
आँकड़ों के अनुसार, जनवरी–मई 2025 के बीच उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण क्षेत्र ने कुल औद्योगिक विकास में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान दिया, जबकि उपकरण विनिर्माण क्षेत्र का हिस्सा लगभग 60 प्रतिशत रहा। गौरतलब है कि नए उद्योग और उभरते क्षेत्र अब आर्थिक वृद्धि के प्रमुख चालक बन चुके हैं।
कई बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ चीन को वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में विकसित कर रही हैं और वहाँ अपने अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों का विस्तार कर रही हैं। 'नई गुणवत्ता वाली उत्पादक शक्तियों' की अवधारणा के तहत चीन अर्थव्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी और भविष्योन्मुखी बनाने की कोशिश में है।
विदेशी व्यापार: लचीलेपन की परीक्षा में सफल
मई 2025 में चीन के कुल आयात और निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में 16.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उल्लेखनीय यह रहा कि आयात और निर्यात दोनों में दोहरे अंकों की बढ़ोतरी देखी गई — यह वैश्विक व्यापार में बढ़ते संरक्षणवाद के बीच एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, ये आँकड़े चीनी अर्थव्यवस्था की अनुकूलन क्षमता को रेखांकित करते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में उसकी केंद्रीय भूमिका को पुष्ट करते हैं।
चुनौतियाँ और आगे की राह
हालाँकि, विशेषज्ञ इस बात पर ज़ोर देते हैं कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितताएँ अभी भी बनी हुई हैं। कमज़ोर घरेलू उपभोग, रियल एस्टेट क्षेत्र का दबाव और भू-राजनीतिक तनाव दीर्घकालिक जोखिम बने हुए हैं। फिर भी, आँकड़ों के अनुसार 15वीं पंचवर्षीय योजना के आगे बढ़ने के साथ चीन की घरेलू माँग, औद्योगिक क्षमता और खुलेपन के लाभ और अधिक स्पष्ट रूप से उभरने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की बढ़ती रुचि और वैश्विक संस्थानों का सकारात्मक दृष्टिकोण यह संकेत देता है कि आने वाली तिमाहियों में चीन की आर्थिक दिशा पर दुनिया की नज़र बनी रहेगी।