उत्तर प्रदेश विधानसभा में सकारात्मक बदलाव: सतीश महाना का बयान

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उत्तर प्रदेश विधानसभा में सकारात्मक बदलाव: सतीश महाना का बयान

सारांश

लखनऊ में सतीश महाना ने विधानसभाओं में सकारात्मक बदलाव की बात की। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवैधानिक सीमाओं के भीतर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस सत्र के दौरान हुई चर्चाओं और उपलब्धियों के बारे में।

Key Takeaways

  • उत्तर प्रदेश विधानसभा में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं।
  • सभी पक्षों को अपनी संवैधानिक सीमाओं के भीतर रहकर काम करना चाहिए।
  • बजट सत्र में महत्वपूर्ण विधेयकों को स्वीकृति मिली।
  • मीडिया की भूमिका विधानसभा की छवि को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण रही है।
  • संवाद और संयम लोकतंत्र की आत्मा हैं।

लखनऊ, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश की विधायिका के प्रति समाज में बनी नकारात्मक धारणा में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने बताया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी संवैधानिक सीमाओं के भीतर रहकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए, तभी लोकतंत्र मजबूत होता है।

महाना ने बजट सत्र के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में सत्र की उपलब्धियों और सदन के बदलते स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब विधानसभा की कार्यवाही को लेकर आम जनता में संदेह और निराशा का भाव था, लेकिन आज वही सदन गंभीर, सार्थक और परिणाममुखी चर्चाओं का केंद्र बन चुका है।

अध्यक्ष ने कहा कि 18वीं विधानसभा ने लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजते हुए नवाचार, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक को अपनाकर कार्यसंस्कृति में व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अब केवल एक ऐतिहासिक भवन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व, अनुशासन और जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बन चुकी है। इन सुधारात्मक प्रयासों के कारण प्रदेश की विधानसभा को देश की अग्रणी विधानसभाओं में एक प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हुआ है।

महाना ने बताया कि बजट सत्र कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण, विचारोत्तेजक और परिणाममुखी रहा। वित्तीय वर्ष के बजट पर विस्तृत और सारगर्भित चर्चा की गई। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर क्रमबद्ध विचार-विमर्श किया गया और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन की स्वीकृति मिली। प्रश्नकाल के माध्यम से शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की गई, जबकि शून्यकाल में जनसरोकार के विविध मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि सदन जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि पूरे सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष दोनों ने संसदीय मर्यादाओं का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक अंग हैं, लेकिन संवाद, संयम और शालीनता इसकी मूल आत्मा है। इस सत्र में स्वस्थ बहस, तार्किक प्रतिपादन और सकारात्मक सहभागिता देखने को मिली, जो प्रदेश की संसदीय परंपराओं के लिए उत्साहवर्धक है। विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा विधानसभा के बदलते स्वरूप की सराहना की गई। उन्होंने बताया कि विधानसभा की सकारात्मक छवि को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

Point of View

NationPress
27/02/2026

Frequently Asked Questions

सतीश महाना ने विधानसभा के बारे में क्या कहा?
सतीश महाना ने कहा कि पिछले चार वर्षों में विधायिका के प्रति समाज की धारणा में सकारात्मक बदलाव आया है।
बजट सत्र में क्या महत्वपूर्ण चर्चाएँ हुईं?
बजट सत्र में वित्तीय वर्ष के बजट पर विस्तृत चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण विधेयकों को स्वीकृति मिली।
विधानसभा की सकारात्मक छवि को कैसे बढ़ावा मिला?
मीडिया ने विधानसभा की सकारात्मक छवि को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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