उमेश पाल हत्याकांड: ₹5 लाख इनामी शूटर अरमान प्रयागराज कोर्ट में पेश, 14 अक्टूबर को अगली सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
उमेश पाल हत्याकांड के ₹5 लाख के इनामी आरोपी शूटर अरमान को 5 अक्टूबर 2026 को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रयागराज की विशेष अदालत में पेश किया गया। बिहार की जेल से ट्रांजिट रिमांड पर लाए गए अरमान को पेशी के बाद न्यायालय ने पुनः बिहार जेल भेजने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है।
अदालत में पेशी का विवरण
सरकारी वकील मनोज पांडे के अनुसार, अरमान को स्पेशल जज एससी/एसटी की अदालत में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी को उसके विरुद्ध दर्ज आरोपों से संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध कराए गए। इसके बाद अदालत ने अरमान से पूछा कि क्या उसे अपनी पैरवी के लिए किसी अधिवक्ता की आवश्यकता है।
अरमान ने अदालत में अधिवक्ता उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर न्यायालय द्वारा विचार किया जाएगा। ट्रांजिट रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद उसे वापस बिहार जेल भेज दिया गया।
निःशुल्क अधिवक्ता की व्यवस्था
सरकारी वकील मनोज पांडे ने बताया कि कानूनी प्रावधानों के अनुसार आर्थिक रूप से कमज़ोर या ज़रूरतमंद आरोपियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जा सकता है। अरमान के अनुरोध पर इसी व्यवस्था के तहत आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब उमेश पाल हत्याकांड पहले से ही न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत है और इस मामले में कई आरोपी विभिन्न चरणों में हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
अरमान की पेशी के दौरान प्रयागराज अदालत परिसर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाई-प्रोफ़ाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया था।
मामले की पृष्ठभूमि
उमेश पाल हत्याकांड उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक है। अरमान पर इस मामले में सक्रिय भूमिका का आरोप है और उस पर ₹5 लाख का इनाम घोषित था। उसकी गिरफ़्तारी बिहार से हुई थी, जिसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज लाया गया।
आगे क्या होगा
अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई निर्धारित की है। तब तक अरमान बिहार की जेल में ही रहेगा। अधिवक्ता उपलब्ध कराने के उसके आवेदन पर DLSA द्वारा कार्रवाई अपेक्षित है।