6 अगस्त 2026
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विमल कुमार हत्याकांड: पप्पू यादव ने परिवार से मुलाकात की, ₹2 करोड़ मुआवजा और सीबीआई जांच की मांग

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विमल कुमार हत्याकांड: पप्पू यादव ने परिवार से मुलाकात की, ₹2 करोड़ मुआवजा और सीबीआई जांच की मांग

सारांश

बिहार में एक सरकारी अधिकारी की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या के बाद सियासत गरमाई है। पप्पू यादव ने परिवार से मिलकर ₹2 करोड़ मुआवजा और सीबीआई जांच की मांग की, जबकि मृतक की पत्नी ने स्थानीय विधायक पर ₹50 लाख की मांग का गंभीर आरोप लगाया है — जिसने इस हत्याकांड को एक नया और संवेदनशील मोड़ दे दिया है।

मुख्य बातें

डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के ईओ विमल कुमार की 2 अगस्त को औरंगाबाद जिले के बरुन क्षेत्र में कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 4 अगस्त को पटना में परिवार से मुलाकात कर ₹2 करोड़ मुआवजे और सीबीआई जांच की मांग की।
पप्पू यादव ने संसद में यह मुद्दा उठाने की घोषणा की और बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
विमल कुमार की पत्नी ने डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर कथित तौर पर ₹50 लाख की मांग का आरोप लगाया है — पुलिस जांच जारी है।
परिवार को क्लर्क-स्तर की नौकरी देने की खबरों को पप्पू यादव ने अपर्याप्त बताया; योग्य सदस्य को उचित सरकारी नौकरी और सुरक्षा की मांग की।

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मंगलवार, 4 अगस्त को पटना के गोला रोड स्थित आवास पर जाकर डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) विमल कुमार के शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। 2 अगस्त को कथित तौर पर पीट-पीटकर की गई इस हत्या के बाद पप्पू यादव ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया और राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का सीधा आरोप लगाया।

हत्या का मामला: क्या हुआ था

अधिकारियों के अनुसार, 2 अगस्त को विमल कुमार अपनी सरकारी गाड़ी से परिवार से मिलने पटना जा रहे थे, तभी औरंगाबाद जिले के बरुन पुलिस स्टेशन क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने उन पर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला किया। इस हमले में उनकी मौत हो गई। गया जिले के शेरघाटी के मूल निवासी विमल कुमार डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद में कार्यकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे। हत्या की जांच फिलहाल जारी है।

पप्पू यादव की मांगें और आरोप

परिवार से मुलाकात के दौरान पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक सरकारी अधिकारी की इस तरह की हत्या राज्य में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का प्रमाण है और अपराधी बेखौफ होते जा रहे हैं। उन्होंने परिवार के हवाले से कहा, "विमल कुमार के छोटे बेटे ने मुझसे कहा, 'उन्होंने मेरे पिता को प्रताड़ित करके मार डाला; आपको भी उन्हें मार देना चाहिए।' यह परिवार की निराशा को दर्शाता है। बिहार माफिया, भ्रष्ट अधिकारियों, अपराधियों और राजनेताओं की जगह बन गया है।"

सांसद ने मृतक के परिवार के लिए ₹2 करोड़ के मुआवजे की मांग की। उन्होंने उन रिपोर्टों पर भी सवाल उठाए जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार विमल कुमार की पत्नी को क्लर्क-स्तर की नौकरी देने पर विचार कर रही है — उनका कहना था कि यह पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने परिवार के किसी योग्य सदस्य को उचित सरकारी नौकरी और परिवार को पर्याप्त सुरक्षा देने की माँग भी रखी।

सीबीआई जांच की मांग

पप्पू यादव ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की और कहा कि जांच निष्पक्ष एवं उच्च स्तर पर होनी चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि वह संसद में यह मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध में शामिल सभी लोगों के खिलाफ — चाहे वे प्रभावशाली या 'व्हाइट-कॉलर' पृष्ठभूमि के हों — सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

विधायक पर गंभीर आरोप

इस बीच, विमल कुमार की पत्नी ने डेहरी के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कथित तौर पर दावा है कि ₹50 लाख की मांग की गई थी। इस आरोप ने हत्याकांड को एक नया मोड़ दे दिया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उसके बाद की कानूनी कार्यवाही से ही हो पाएगी — पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

आगे क्या होगा

यह मामला अब राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो गया है। पप्पू यादव के संसद में सवाल उठाने की घोषणा के बाद दबाव बढ़ने की संभावना है। सीबीआई जांच की मांग और विधायक पर लगे आरोपों के बीच बिहार सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़र है। यह घटना राज्य में सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और जवाबदेही के व्यापक सवाल को फिर से केंद्र में ले आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि महज एक अपराध की खबर। पप्पू यादव की सीबीआई मांग राजनीतिक रूप से सुविधाजनक हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि राज्य पुलिस इस मामले में कितनी स्वतंत्र रूप से जांच कर सकती है जब आरोप एक सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक पर हों। मृतक की पत्नी का बयान अगर सत्यापित होता है, तो यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि संस्थागत दबाव और भ्रष्टाचार का मामला बन जाता है — जिसकी जांच किसी स्थानीय एजेंसी के भरोसे छोड़ना उचित नहीं होगा।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विमल कुमार कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
विमल कुमार गया जिले के शेरघाटी के निवासी थे और डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद में कार्यकारी अधिकारी (ईओ) के पद पर तैनात थे। 2 अगस्त को जब वह अपनी सरकारी गाड़ी से परिवार से मिलने पटना जा रहे थे, तब औरंगाबाद जिले के बरुन पुलिस स्टेशन क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने उन पर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई।
पप्पू यादव ने परिवार के लिए क्या मांगें रखी हैं?
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने मृतक के परिवार के लिए ₹2 करोड़ का मुआवजा, परिवार के किसी योग्य सदस्य को उचित सरकारी नौकरी, पर्याप्त सुरक्षा और मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने संसद में भी यह मुद्दा उठाने की घोषणा की है।
सीबीआई जांच की मांग क्यों की जा रही है?
पप्पू यादव का कहना है कि जांच निष्पक्ष और उच्च स्तर पर होनी चाहिए, खासकर तब जब मृतक की पत्नी ने एक स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, अपराध में शामिल प्रभावशाली लोगों के खिलाफ राज्य पुलिस की जांच पर्याप्त नहीं होगी।
विधायक सोनू सिंह पर क्या आरोप हैं?
विमल कुमार की पत्नी ने डेहरी के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर कथित तौर पर ₹50 लाख की मांग का आरोप लगाया है। यह आरोप अभी जांच के दायरे में है और पुलिस इसकी पुष्टि कर रही है — इसे अदालत में साबित होना बाकी है।
बिहार सरकार ने इस मामले में क्या प्रतिक्रिया दी है?
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार विमल कुमार की पत्नी को क्लर्क-स्तर की सरकारी नौकरी देने पर विचार कर रही है, जिसे पप्पू यादव ने अपर्याप्त बताया है। राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और सीबीआई जांच की मांग पर उनका रुख अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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