विमल कुमार हत्याकांड: पप्पू यादव ने परिवार से मुलाकात की, ₹2 करोड़ मुआवजा और सीबीआई जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मंगलवार, 4 अगस्त को पटना के गोला रोड स्थित आवास पर जाकर डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) विमल कुमार के शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। 2 अगस्त को कथित तौर पर पीट-पीटकर की गई इस हत्या के बाद पप्पू यादव ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया और राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का सीधा आरोप लगाया।
हत्या का मामला: क्या हुआ था
अधिकारियों के अनुसार, 2 अगस्त को विमल कुमार अपनी सरकारी गाड़ी से परिवार से मिलने पटना जा रहे थे, तभी औरंगाबाद जिले के बरुन पुलिस स्टेशन क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने उन पर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला किया। इस हमले में उनकी मौत हो गई। गया जिले के शेरघाटी के मूल निवासी विमल कुमार डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद में कार्यकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे। हत्या की जांच फिलहाल जारी है।
पप्पू यादव की मांगें और आरोप
परिवार से मुलाकात के दौरान पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक सरकारी अधिकारी की इस तरह की हत्या राज्य में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का प्रमाण है और अपराधी बेखौफ होते जा रहे हैं। उन्होंने परिवार के हवाले से कहा, "विमल कुमार के छोटे बेटे ने मुझसे कहा, 'उन्होंने मेरे पिता को प्रताड़ित करके मार डाला; आपको भी उन्हें मार देना चाहिए।' यह परिवार की निराशा को दर्शाता है। बिहार माफिया, भ्रष्ट अधिकारियों, अपराधियों और राजनेताओं की जगह बन गया है।"
सांसद ने मृतक के परिवार के लिए ₹2 करोड़ के मुआवजे की मांग की। उन्होंने उन रिपोर्टों पर भी सवाल उठाए जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार विमल कुमार की पत्नी को क्लर्क-स्तर की नौकरी देने पर विचार कर रही है — उनका कहना था कि यह पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने परिवार के किसी योग्य सदस्य को उचित सरकारी नौकरी और परिवार को पर्याप्त सुरक्षा देने की माँग भी रखी।
सीबीआई जांच की मांग
पप्पू यादव ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की और कहा कि जांच निष्पक्ष एवं उच्च स्तर पर होनी चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि वह संसद में यह मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध में शामिल सभी लोगों के खिलाफ — चाहे वे प्रभावशाली या 'व्हाइट-कॉलर' पृष्ठभूमि के हों — सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक पर गंभीर आरोप
इस बीच, विमल कुमार की पत्नी ने डेहरी के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कथित तौर पर दावा है कि ₹50 लाख की मांग की गई थी। इस आरोप ने हत्याकांड को एक नया मोड़ दे दिया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उसके बाद की कानूनी कार्यवाही से ही हो पाएगी — पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
आगे क्या होगा
यह मामला अब राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो गया है। पप्पू यादव के संसद में सवाल उठाने की घोषणा के बाद दबाव बढ़ने की संभावना है। सीबीआई जांच की मांग और विधायक पर लगे आरोपों के बीच बिहार सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़र है। यह घटना राज्य में सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और जवाबदेही के व्यापक सवाल को फिर से केंद्र में ले आई है।