21 अगस्त 2026
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हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र 10 मिनट में स्थगित, राष्ट्रगीत विवाद पर सत्ता-विपक्ष भिड़े

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हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र 10 मिनट में स्थगित, राष्ट्रगीत विवाद पर सत्ता-विपक्ष भिड़े

सारांश

हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र पहले ही दिन 10 मिनट में धराशायी — राष्ट्रगीत पर भिड़े सत्ता और विपक्ष, अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस बीच मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि इस मानसून में ₹1,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है।

मुख्य बातें

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त को पहले ही दिन मात्र 10 मिनट में स्थगित हो गया।
राष्ट्रगीत गाए जाने के समय को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष में नारेबाजी हुई; विपक्ष ने कांग्रेस पर राष्ट्रविरोधी रवैये का आरोप लगाया।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित की; अगली बैठक शनिवार सुबह 11 बजे निर्धारित।
मंत्री जगत सिंह नेगी के अनुसार इस मानसून में अब तक लगभग ₹1,000 करोड़ का नुकसान हुआ है।
सड़क संपर्क, बिजली लाइनें, पेयजल आपूर्ति और कई पुल प्रभावित; युद्धस्तर पर बहाली का काम जारी।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त को अपने पहले ही दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। शिमला में सदन की कार्यवाही मात्र 10 मिनट चल सकी, जब राष्ट्रगीत गाए जाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को बाध्य होकर कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

मुख्य घटनाक्रम

सदन की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके तुरंत बाद विपक्ष ने माँग उठाई कि राष्ट्रगान के साथ-साथ राष्ट्रगीत भी गाया जाना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने स्पष्ट किया कि सदन की परंपरा के अनुसार राष्ट्रगीत सत्र के समापन के समय गाया जाता है, न कि उद्घाटन पर।

अध्यक्ष के इस स्पष्टीकरण से विपक्षी विधायक संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने नारेबाजी आरंभ कर दी। देखते ही देखते सत्ता पक्ष के सदस्य भी जवाबी नारेबाजी में उतर आए, और सदन का माहौल अव्यवस्थित हो गया।

विपक्ष के आरोप

विपक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार राष्ट्रगीत नहीं गाना चाहती और सरकार का यह रवैया राष्ट्रविरोधी है। विपक्षी विधायकों ने जोर देकर कहा कि कानून का पालन होना चाहिए। हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित कर दी। अब सदन की अगली बैठक शनिवार सुबह 11 बजे आयोजित होगी।

सरकार की प्रतिक्रिया

हिमाचल प्रदेश सरकार के मंत्री जगत सिंह नेगी ने विपक्ष के आचरण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'विपक्ष को अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभानी चाहिए। चाहे वह सरकार से सवाल पूछे या चर्चा के लिए मुद्दे उठाए और प्रदेश की समस्याओं पर सरकार के साथ चर्चा करे, यही विपक्ष का मुख्य काम है और उन्हें वही करना चाहिए।'

मानसून से नुकसान का ब्यौरा

मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस मानसून में हुई तबाही के आँकड़े भी साझा किए। उनके अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक लगभग ₹1,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है। सड़क संपर्क, बिजली लाइनें और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई मकान बह गए हैं और अनेक स्थानों पर पुलों को भी क्षति पहुँची है।

हालाँकि नेगी ने यह भी बताया कि पिछले मानसून की तुलना में इस बार नुकसान अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने कहा कि मौसम अभी भी सक्रिय है और कई जिलों में दर्जनों सड़कें बाधित हैं, जिन्हें बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में मानसून से हुई भारी क्षति के मद्देनज़र विधानसभा सत्र में राहत कार्यों और बजट आवंटन पर चर्चा की उम्मीद थी। गौरतलब है कि सत्र का पहला दिन ही हंगामे में गँवा देने से महत्वपूर्ण विधायी कामकाज अधर में लटक गया है। शनिवार की बैठक में दोनों पक्षों के बीच संवाद बहाल होता है या नहीं, यह देखना अहम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब राज्य में ₹1,000 करोड़ की मानसूनी तबाही से जूझ रहे लाखों लोग राहत की उम्मीद में हैं। विपक्ष का 'राष्ट्रविरोधी' आरोप राजनीतिक रूप से धारदार हो सकता है, लेकिन यह उस असली एजेंडे से ध्यान भटकाता है जिसके लिए सत्र बुलाया गया था। सत्ता पक्ष की जवाबी नारेबाजी भी उसे नैतिक ऊँचाई नहीं देती। हिमाचल की पहाड़ी अर्थव्यवस्था हर मानसून में बुनियादी ढाँचे के नुकसान से करोड़ों का घाटा उठाती है — ऐसे में विधायी समय की बर्बादी एक विलासिता है जो प्रदेश वहन नहीं कर सकता।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र क्यों स्थगित हुआ?
21 अगस्त को सत्र के पहले दिन राष्ट्रगीत गाए जाने के समय को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच नारेबाजी हो गई, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मात्र 10 मिनट में कार्यवाही स्थगित कर दी।
राष्ट्रगीत विवाद क्या था?
विपक्ष ने माँग की कि सत्र की शुरुआत में राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रगीत भी गाया जाए। अध्यक्ष पठानिया ने स्पष्ट किया कि परंपरा के अनुसार राष्ट्रगीत सत्र के समापन पर गाया जाता है। इस पर विपक्ष ने कांग्रेस सरकार पर राष्ट्रविरोधी रवैये का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
हिमाचल विधानसभा की अगली बैठक कब होगी?
स्थगन के बाद घोषणा की गई कि सदन की अगली बैठक शनिवार सुबह 11 बजे होगी।
इस मानसून में हिमाचल प्रदेश को कितना नुकसान हुआ है?
मंत्री जगत सिंह नेगी के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक लगभग ₹1,000 करोड़ का नुकसान हुआ है। सड़क संपर्क, बिजली लाइनें, पेयजल आपूर्ति और कई पुल प्रभावित हैं, हालाँकि पिछले मानसून की तुलना में नुकसान कम बताया गया है।
सत्र के स्थगन से हिमाचल की जनता पर क्या असर पड़ेगा?
मानसून से हुई भारी तबाही के बीच यह सत्र राहत कार्यों, बजट आवंटन और पुनर्निर्माण योजनाओं पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण था। पहले दिन का हंगामा इन ज़रूरी विधायी कामकाज को पीछे धकेलता है, जिसका सीधा असर प्रभावित नागरिकों पर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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