हिमाचल विधानसभा हंगामा: नेगी बोले — भाजपा 'फर्जी राष्ट्रवाद' से असली मुद्दे दबा रही है
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने 21 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 'वंदे मातरम' को लेकर मचाया गया हंगामा एक पूर्व-नियोजित राजनीतिक रणनीति थी। नेगी के अनुसार, BJP 'फर्जी राष्ट्रवाद' का सहारा लेकर बेरोज़गारी, महंगाई, अग्निवीर योजना और परीक्षा घोटालों जैसे ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
विधानसभा की परंपरा पर चोट
नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा के इतिहास में पहली बार सदन के पहले दिन की पारंपरिक कार्यवाही बाधित की गई। सदन के पहले दिन दिवंगत सदस्यों के लिए शोक प्रस्ताव पेश करने की परंपरा रही है। इस बार भी दो दिवंगत सदस्यों के लिए यह प्रस्ताव रखा जाना था, लेकिन BJP के हंगामे के कारण यह सम्मानजनक परंपरा प्रभावित हुई। उन्होंने सवाल किया कि 'वंदे मातरम' के मुद्दे को लेकर ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि प्रश्नकाल और शोक प्रस्ताव दोनों को बाधित करना पड़ा।
राजनीतिक मंशा पर सवाल
नेगी ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता सदन में उपस्थित नहीं थे, इसलिए BJP के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने खुद को राजनीतिक रूप से उभारने के लिए यह रणनीति अपनाई। उनके अनुसार, यह हंगामा सुनियोजित था और इसका उद्देश्य वास्तविक विधायी कार्य को पटरी से उतारना था।
वंदे मातरम का इतिहास और BJP की भूमिका
नेगी ने 'वंदे मातरम' के ऐतिहासिक महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि यह गीत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित है और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और जवाहरलाल नेहरू जैसे नेताओं के साथ-साथ लाखों देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि जिस विचारधारा से BJP उभरी है, उससे जुड़े लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई। नेगी ने यह भी कहा कि कुछ लोगों को स्वतंत्रता सेनानी के रूप में पेश करने की कोशिश की जा रही है, जिन्होंने कथित तौर पर अंग्रेजी शासन के सामने माफी माँगी थी।
असली मुद्दे जिनसे ध्यान भटकाया जा रहा है
नेगी ने उन मुद्दों की फेहरिस्त गिनाई जिन पर उनके अनुसार चर्चा होनी चाहिए — बेरोज़गारी, महंगाई, NEET और कथित पेपर लीक विवाद, अग्निवीर योजना, चीन के साथ सीमा विवाद, किसानों की समस्याएँ और भ्रष्टाचार। उन्होंने कहा कि इन सवालों की जगह 'वंदे मातरम' जैसे विषयों को राजनीतिक रंग देकर जनता को भटकाया जा रहा है।
लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता पर चेतावनी
नेगी ने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान जैसे विषय देश की एकता और अखंडता से जुड़े हैं और इन्हें राजनीतिक टकराव का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में बहुमत के आधार पर कानून बनाए जाते हैं, लेकिन किसी भी कानून को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता — भविष्य की सरकारें उन्हें बदल या निरस्त कर सकती हैं। आने वाले दिनों में यह सियासी विवाद हिमाचल की राजनीति में और गहरा हो सकता है।