जयराम ठाकुर का सीएम पर हमला: 'राष्ट्रीय गीत विवाद में 75 लाख जनता से बोला झूठ'
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 26 अगस्त को शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार किया। राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान को लेकर विधानसभा में मचे घमासान के बीच उन्होंने मुख्यमंत्री पर सदन और जनता दोनों से झूठ बोलने का सीधा आरोप लगाया।
वीडियो जारी करने में देरी पर सवाल
ठाकुर ने कहा कि घटना के 5 दिन बाद वीडियो जारी किया गया, जो उनके अनुसार मामले को दबाने की कोशिश का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने वीडियो क्लिपिंग 10 बार देखी और कहीं भी राष्ट्रगान के अपमान का कोई प्रमाण नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'सभी सदस्यों की ओर से पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगान गाया गया। वीडियो की क्लिपिंग से यह बात जाहिर हो गई है।'
मुख्यमंत्री पर झूठ बोलने का आरोप
ठाकुर ने आरोप लगाया कि 68 विधायकों के सामने मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया, वह 75 लाख हिमाचली नागरिकों से झूठ बोलने के बराबर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से जिला मुख्यालयों पर भाजपा के विरुद्ध प्रदर्शन और नारेबाजी की गई, जबकि वीडियो में ऐसा कुछ भी नहीं है जो उनके दावों को सही ठहराए। उनके अनुसार, 'मुख्यमंत्री और कांग्रेस के लोगों की ओर से जो भी बोला गया, वह सरासर झूठ है।'
राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का क्रम
ठाकुर ने स्पष्ट किया कि प्रचलित व्यवस्था के अनुसार वंदे मातरम (राष्ट्रीय गीत) पहले और जन गण मन (राष्ट्रगान) बाद में गाया जाता है — और सदन में यही क्रम अपनाया गया था। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ।
विधानसभा अध्यक्ष को लेकर संकेत
नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष पर सीधी टिप्पणी से परहेज करते हुए भी यह स्पष्ट किया कि अध्यक्ष भी संविधान और नियमों से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि नियमों का पालन विपक्ष के लिए अनिवार्य है, तो अध्यक्ष को भी संवैधानिक व्यवस्था का समान रूप से सम्मान करना होगा। भाजपा ने संकेत दिया कि वह अध्यक्ष से इस मामले में अगली व्यवस्था की माँग करेगी।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच विधानसभा के भीतर और बाहर तनाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े विवाद राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील होते हैं और जनमत को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। भाजपा के अगले कदम पर सबकी नज़रें टिकी हैं।