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घुसपैठ बयान पर पप्पू यादव का पलटवार: '12 साल में पेपर लीक न रोक पाई सरकार, असल मुद्दे छोड़ो'

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घुसपैठ बयान पर पप्पू यादव का पलटवार: '12 साल में पेपर लीक न रोक पाई सरकार, असल मुद्दे छोड़ो'

सारांश

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने अमित शाह के घुसपैठ बयान को सरकार की असफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। 12 साल की सत्ता में पेपर लीक, बेरोज़गारी और किसान आत्महत्या जैसे मुद्दों पर सरकार की चुप्पी को उन्होंने निशाने पर लिया।

मुख्य बातें

पप्पू यादव ने 26 अगस्त 2026 को पटना में गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठ बयान पर तीखा पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार 12 साल में पेपर लीक तक नहीं रोक पाई, घुसपैठ रोकने की बात बेमानी है।
सरकार पर 2 करोड़ नौकरियों का वादा न निभाने और बेरोज़गारी बढ़ाने का आरोप लगाया।
मणिपुर और अंकिता भंडारी न्याय के मुद्दे भी उठाए; कहा — असल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।
असम CM हिमंता बिस्वा सरमा के राहुल गांधी को 'पागल' कहने पर भी आपत्ति जताई।

पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने 26 अगस्त 2026 को पटना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठ संबंधी बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि एनडीए सरकार को सत्ता में 12 साल हो चुके हैं और अब घुसपैठ की बात करना बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

शाह के बयान पर क्या बोले पप्पू यादव

गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है और केवल देश के नागरिकों को यहाँ रहने का अधिकार है। उन्होंने घुसपैठियों को देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकी के लिए खतरा बताया था।

इस पर पलटवार करते हुए पप्पू यादव ने कहा, 'मुझे समझ में नहीं आता कि 12 साल बाद भी अमित शाह घुसपैठ पर बयान देते हैं। जनता सब कुछ जानती है, उसे हल्के में न लें। असल मुद्दों से कब तक ध्यान भटकाएंगे।'

शिक्षा, बेरोज़गारी और किसानों के मुद्दे उठाए

पप्पू यादव ने पेपर लीक का उल्लेख करते हुए कहा कि जो सरकार 12 साल में पेपर लीक नहीं रोक पाई, वह घुसपैठ रोकने की बात करती है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और महंगाई तथा किसानों के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं होती।

उन्होंने आरोप लगाया कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं, फिर भी सरकार इस पर मौन है। सरकार ने युवाओं को 2 करोड़ नौकरियाँ देने का वादा किया था, जो अब सुनाई नहीं देता — और इसके बजाय देश में बेरोज़गारों की फौज खड़ी हो गई है। उन्होंने मणिपुर और अंकिता भंडारी न्याय के मुद्दे भी उठाए।

शाह के रिटायरमेंट और 2029 पर तंज

पप्पू यादव ने कहा कि अमित शाह के रिटायरमेंट का समय आ गया है और एक बार उन्हें भी प्रधानमंत्री बनने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 2029 में एनडीए सरकार की विदाई तय है और युवा पीढ़ी राहुल गांधी के साथ खड़ी है।

छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शनों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में शिक्षा और परीक्षाओं को लेकर आक्रोश है और छात्रों में कोचिंग माफिया तथा सरकार के खिलाफ गुस्सा उबल रहा है।

हिमंता के 'पागल' वाले बयान पर भी विरोध

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा राहुल गांधी को 'पागल' कहे जाने पर भी पप्पू यादव ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सरमा कभी कांग्रेस की विचारधारा से निकले थे और सोनिया गांधी को 'माँ' कहते थे — राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन परस्पर सम्मान की मर्यादा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं से नफरत और जहर के अलावा कुछ नहीं मिलता।

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष लगातार सरकार पर असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगा रहा है और 2029 के आम चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो गई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह भी बयानबाज़ी तक सीमित है। पेपर लीक, बेरोज़गारी और किसान संकट — ये मुद्दे वास्तविक हैं और इन पर जवाबदेही ज़रूरी है, लेकिन 2029 की चुनावी गणित में इन्हें भुनाने की होड़ में गहरे नीतिगत विमर्श की जगह सिकुड़ती जा रही है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने अमित शाह के किस बयान पर पलटवार किया?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है और घुसपैठिए देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था व जनसांख्यिकी के लिए खतरा हैं। इस पर पप्पू यादव ने कहा कि 12 साल की सत्ता के बाद यह बयान जनता को असल मुद्दों से भटकाने की कोशिश है।
पप्पू यादव ने सरकार पर कौन-कौन से मुद्दे उठाए?
उन्होंने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, महंगाई, किसान आत्महत्या, 2 करोड़ नौकरियों के अधूरे वादे और मणिपुर व अंकिता भंडारी न्याय जैसे मुद्दे उठाए। उनका आरोप था कि सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए घुसपैठ जैसे विषय उठाती है।
पप्पू यादव ने 2029 चुनाव को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि 2029 में एनडीए सरकार की विदाई तय है और युवा पीढ़ी राहुल गांधी के साथ खड़ी है। उन्होंने अमित शाह के 'रिटायरमेंट का समय आ गया' कहकर तंज भी कसा।
हिमंता बिस्वा सरमा के बयान पर पप्पू यादव ने क्या कहा?
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा राहुल गांधी को 'पागल' कहे जाने पर पप्पू यादव ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन परस्पर सम्मान की मर्यादा बनी रहनी चाहिए।
पप्पू यादव कौन हैं और वे किस दल से हैं?
पप्पू यादव बिहार के पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी के नेता हैं और केंद्र सरकार की नीतियों के मुखर आलोचक के रूप में जाने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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