पप्पू यादव का केंद्र पर तीखा हमला: ‘देश बचाने वाले पेपर लीक नहीं रोक पा रहे’, 2029 की तैयारी का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने 2 जून को चंडीगढ़ में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ‘जो लोग देश बचाने का दावा करते हैं, वे परीक्षा पेपर लीक होने से नहीं बचा पा रहे।’ उन्होंने 8 जून को नई दिल्ली में प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की संभावित बैठक के संदर्भ में विपक्षी गठबंधन से 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू करने का आह्वान किया।
इंडिया ब्लॉक की एकजुटता पर ज़ोर
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि वे चाहते हैं कि गठबंधन के सभी घटक दलों को ‘दिल से’ बुलाया जाए और वे भी पूरी निष्ठा से एकजुट हों। उन्होंने कहा कि देश के बच्चों के भविष्य और बेलगाम महंगाई पर लगाम लगाने के लिए इंडिया गठबंधन का मज़बूत होना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।
सांसद के अनुसार, जिस तरह देश में ‘लोकतंत्र को कमज़ोर’ किया जा रहा है, उसे देखते हुए विपक्ष को इन मुद्दों पर पूरी ताक़त के साथ बैठक बुलानी चाहिए और अगले आम चुनाव की रणनीतिक तैयारी प्रारंभ कर देनी चाहिए।
पेपर लीक और NEET विवाद पर हमला
पप्पू यादव ने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले का ज़िक्र करते हुए कहा कि ‘रोज़ाना पेपर लीक हो रहे हैं और सरकार इन्हें रोकने में नाकाम है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब पेपर लीक हुए हैं, इसके बावजूद केंद्र सरकार ने अब तक कोई सख़्त कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने बिहार में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की कथित आत्महत्या का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया, ‘भारत सरकार जवाबदेही कब तय करेगी?’ TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले का हवाला देते हुए उन्होंने देश की क़ानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।
महंगाई और ईंधन क़ीमतों पर तंज़
पप्पू यादव ने कहा कि सार्थक बैठकें और परिपक्व चर्चाएँ होनी चाहिए, लेकिन उनका केंद्र बिंदु आम जनता की समस्याएँ हों — महंगाई, पेपर लीक और पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें। उन्होंने BJP पर तंज़ कसते हुए कहा कि ‘भाजपा सरकार सारा पैसा चुनाव में ख़र्च करती है और बाद में उसकी वसूली जनता से की जाती है।’
राबड़ी देवी के आवास विवाद पर प्रतिक्रिया
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास से जुड़े मामले पर पप्पू यादव ने कहा कि ‘राबड़ी देवी पूर्व सीएम रह चुकी हैं, एक मकान से किसी को क्या आपत्ति होनी चाहिए?’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ‘राजनीतिक रिवेंज’ की नीति पर चल रही है और बिहार में अपराध रोकने में विफल साबित हुई है।
आगे क्या
गौरतलब है कि 8 जून को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक पर सभी विपक्षी दलों की नज़रें टिकी हैं, जहाँ चुनावी रणनीति, पेपर लीक और महंगाई जैसे मुद्दों पर साझा रुख़ तय होने की संभावना है।