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नीट पेपर लीक: सपा सांसदों का संसद से जंतर-मंतर तक मार्च, डिंपल यादव बोलीं — सरकार सुनने को तैयार नहीं

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नीट पेपर लीक: सपा सांसदों का संसद से जंतर-मंतर तक मार्च, डिंपल यादव बोलीं — सरकार सुनने को तैयार नहीं

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद संसद की दहलीज तक पहुँच गया — सपा सांसद डिंपल यादव की अगुवाई में मार्च निकला, सोनम वांगचुक 20 दिन की भूख हड़ताल के बाद हटाए गए, और छात्र अभी भी डटे हैं। मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष की यह आक्रामकता बताती है कि यह मुद्दा सत्र भर गूँजेगा।

मुख्य बातें

सपा सांसद डिंपल यादव की अगुवाई में 20 जुलाई को संसद से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला गया।
मार्च का मकसद नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार से जवाबदेही की माँग करना और छात्रों के साथ एकजुटता दिखाना था।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 20 दिनों की भूख हड़ताल के बाद पुलिस द्वारा हटाए गए; उनके साथी छात्र अभी भी अनशन पर हैं।
सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों की पुलिस ने पिटाई की।
सपा ने नीट के अलावा राम मंदिर दान चोरी और यूपी विश्वविद्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई के मुद्दे भी उठाए।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने 20 जुलाई को संसद से जंतर-मंतर तक मार्च निकालकर नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार से जवाबदेही की माँग की। मानसून सत्र के पहले दिन हंगामे के बीच सपा सांसदों ने छात्रों के साथ एकजुटता जताते हुए सड़कों पर उतरने का फैसला किया। यह मार्च ऐसे समय में हुआ जब नीट परीक्षा विवाद पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है।

मार्च का घटनाक्रम

सपा सांसद डिंपल यादव की अगुवाई में सांसदों का यह जत्था नई दिल्ली की सड़कों पर उतरा। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षाओं के कुप्रबंधन को लेकर नारे लगाए और सरकार पर असंवेदनशीलता व लापरवाही के आरोप लगाए। मीडिया से बात करते हुए सांसदों ने परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और विरोध कर रहे छात्रों से संवाद के सभी रास्ते बंद करने पर सरकार को घेरा।

सरकार की आलोचना: सांसदों के बयान

सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, 'आज हालात ऐसे हैं कि युवा अपनी चिंताएँ बताना चाहते हैं, लेकिन सरकार सुनने या बातचीत करने से इनकार कर रही है। लोगों के अनशन पर होने के बावजूद, सरकार इतनी कठोर और असंवेदनशील है कि वह किसी और की बात सुनने को तैयार नहीं है। भ्रष्ट सरकार की वजह से देश के युवाओं और छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और वे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।'

सपा सांसद राजीव राय ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा के पेपर से लेकर मंदिर के फंड तक सब कुछ चुरा रही है और इसलिए इसे सत्ता से हटाना जरूरी है। सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के एक समूह की पुलिस ने पिटाई की और उनका दल उनसे मिलने और समर्थन देने जा रहा था। उन्होंने कहा, 'हम माँग करते हैं कि सरकार छात्रों के आंदोलन को कुचलने के बजाय उनसे बातचीत करे।'

सोनम वांगचुक और छात्रों की भूख हड़ताल

इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक के विरोध में 20 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें वहाँ से हटा दिया। उनके साथ कई छात्रों ने भी संकल्प लिया था और वे अभी भी भूख हड़ताल पर बने हुए हैं। ये छात्र पेपर लीक मामले में बड़े अधिकारियों और शिक्षा मंत्री से जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।

अन्य मुद्दों पर भी सरकार घिरी

सपा सांसदों ने केवल नीट विवाद तक ही खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने राम मंदिर में दान की कथित चोरी, उत्तर प्रदेश की एक विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई और अन्य पेपर लीक मामलों पर भी सरकार की आलोचना की। गौरतलब है कि मानसून सत्र की यह शुरुआत विपक्ष की आक्रामक रणनीति का संकेत देती है।

आगे क्या

नीट विवाद पर संसद में बहस की माँग तेज हो रही है। विपक्षी दलों के इस एकजुट प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना है कि वह परीक्षा सुधारों और प्रभावित छात्रों के लिए ठोस कदमों की घोषणा करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मानसून सत्र की पूरी रणनीति का संकेत है — विपक्ष जानता है कि परीक्षा प्रणाली की विफलता एक ऐसा मुद्दा है जो जाति और क्षेत्र की सीमाएँ तोड़ता है। असली सवाल यह है कि क्या यह दबाव केवल सड़क पर रहेगा या संसद के भीतर नीति-परिवर्तन तक पहुँचेगा। सोनम वांगचुक जैसे गैर-राजनीतिक चेहरे का इस आंदोलन से जुड़ना और पुलिस द्वारा हटाया जाना सरकार के लिए एक अलग किस्म की जवाबदेही की माँग खड़ी करता है — जिसे केवल राजनीतिक विरोध कहकर खारिज नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसदों ने संसद से जंतर-मंतर तक मार्च क्यों किया?
सपा सांसदों ने नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार से जवाबदेही की माँग करने और प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए 20 जुलाई को यह मार्च निकाला। मानसून सत्र के पहले दिन हुए इस प्रदर्शन में डिंपल यादव समेत कई सपा सांसद शामिल रहे।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट (राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा) के प्रश्नपत्र के परीक्षा से पहले लीक होने के आरोप हैं, जिससे लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही को लेकर बड़े विवाद का रूप ले चुका है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का नीट से क्या संबंध है?
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक के विरोध में 20 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें वहाँ से हटा दिया। उनके साथ कई छात्र भी अनशन पर थे और वे पेपर लीक मामले में बड़े अधिकारियों और शिक्षा मंत्री से जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।
सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने पुलिस पर क्या आरोप लगाया?
सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के एक समूह की पुलिस ने पिटाई की। उन्होंने माँग की कि सरकार छात्रों के आंदोलन को दबाने के बजाय उनसे संवाद करे।
सपा ने मार्च में नीट के अलावा और कौन-से मुद्दे उठाए?
सपा सांसदों ने नीट पेपर लीक के साथ-साथ राम मंदिर में दान की कथित चोरी और उत्तर प्रदेश की एक विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई के मुद्दे भी उठाए। सांसद राजीव राय ने इन सभी मुद्दों को एक साथ जोड़ते हुए सरकार पर व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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