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अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: 'अहंकार में चल रही सरकार, छात्रों की आवाज़ सुनो'

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अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: 'अहंकार में चल रही सरकार, छात्रों की आवाज़ सुनो'

सारांश

मानसून सत्र में सपा ने भाजपा को घेरा — अखिलेश यादव ने सरकार की तुलना ऐतिहासिक आक्रमणकारियों से की, नीट गड़बड़ी पर जवाबदेही माँगी। रामजीलाल सुमन ने वांगचुक आंदोलन और पेपर लीक को संसदीय बहस का विषय बनाने की माँग उठाई।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 20 जुलाई को मानसून सत्र के दौरान भाजपा सरकार पर अहंकार के साथ शासन चलाने का आरोप लगाया।
सपा प्रमुख ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर सरकार की जवाबदेही तय करने की माँग की।
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने सोनम वांगचुक के आंदोलन और पेपर लीक मुद्दे पर संसद में चर्चा की माँग की।
डिंपल यादव के नेतृत्व में सपा प्रतिनिधिमंडल पहले ही वांगचुक से मुलाकात कर चुका है।
राज्यसभा में अमित शाह द्वारा वंदे मातरम विधेयक पेश किए जाने पर सपा ने कहा — विधेयक पढ़कर पक्ष रखेंगे।
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, पार्टी बैठक के बाद मानसून सत्र की आगे की रणनीति तय होगी।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अहंकार के साथ काम कर रही है और छात्रों तथा आम नागरिकों की समस्याओं पर ध्यान देने से बच रही है। नई दिल्ली में संसद परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए सपा नेताओं ने नीट परीक्षा अनियमितताओं से लेकर पेपर लीक तक कई मुद्दे उठाए।

नीट और पेपर लीक पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं और लाखों छात्र अभी भी जवाब की प्रतीक्षा में हैं। उनका सवाल था कि ऐसे हालात में सरकार की जवाबदेही कहाँ है और 'अमृत काल' में छात्रों को न्याय कब मिलेगा।

ऐतिहासिक संदर्भ देकर भाजपा पर राजनीतिक प्रहार

सपा प्रमुख ने ऐतिहासिक घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा पर राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतिहास में विदेशी आक्रमणकारियों ने मंदिरों को लूटा, विश्वविद्यालयों को नष्ट किया और स्वतंत्रता सेनानियों पर अत्याचार किए — और कथित तौर पर आज की भाजपा सरकार भी अहंकार के साथ शासन चला रही है। आलोचकों का कहना है कि यह तुलना सत्तारूढ़ दल की कार्यशैली पर सपा का सबसे तीखा प्रहार है।

सांसद रामजीलाल सुमन की माँग — संसद में हो सार्थक चर्चा

सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि संसद के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी केवल विपक्ष की नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष की भी है। उन्होंने सोनम वांगचुक के आंदोलन और पेपर लीक जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सदन में विस्तृत बहस की माँग की। सुमन ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास कर रही है।

वंदे मातरम विधेयक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सवाल

राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वंदे मातरम से जुड़े विधेयक पेश किए जाने पर सुमन ने कहा कि पार्टी विधेयक का पूरा अध्ययन करने के बाद अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी बात के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता और प्रत्येक नागरिक को अपनी राय व्यक्त करने का संवैधानिक अधिकार है।

सपा का वांगचुक समर्थन और आगे की रणनीति

सुमन ने बताया कि डिंपल यादव के नेतृत्व में सपा सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी और पार्टी उनके आंदोलन तथा युवाओं के मुद्दों का समर्थन करती है। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी की बैठक के बाद मानसून सत्र में आगे की रणनीति तय की जाएगी और विपक्षी सांसदों ने गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दे दिए हैं। यह देखना होगा कि सरकार इन नोटिसों पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और मानसून सत्र विपक्ष को सार्वजनिक मंच देता है। लेकिन ऐतिहासिक आक्रमणकारियों से भाजपा की तुलना एक ऐसा अतिरेक है जो मुद्दे की धार को कमज़ोर कर सकता है — जबकि नीट और पेपर लीक पर ठोस तथ्यात्मक दबाव कहीं अधिक प्रभावी होता। वंदे मातरम विधेयक पर सपा की 'प्रतीक्षा करो और देखो' वाली भूमिका दर्शाती है कि पार्टी संवेदनशील सांस्कृतिक मुद्दों पर सीधी टकराहट से बचना चाहती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने मानसून सत्र में भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अहंकार के साथ काम कर रही है और छात्रों व आम लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर सरकार की जवाबदेही माँगी और पूछा कि 'अमृत काल' में छात्रों को न्याय कब मिलेगा।
सपा ने सोनम वांगचुक के आंदोलन पर क्या कहा?
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने सोनम वांगचुक के आंदोलन को राष्ट्रीय महत्व का विषय बताते हुए संसद में चर्चा की माँग की। उन्होंने यह भी बताया कि डिंपल यादव के नेतृत्व में सपा सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल पहले ही वांगचुक से मिल चुका है।
वंदे मातरम विधेयक पर सपा का क्या रुख है?
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि पार्टी विधेयक का पूरा अध्ययन करने के बाद अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी बात के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
मानसून सत्र में सपा की आगे की रणनीति क्या है?
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बताया कि पार्टी की आंतरिक बैठक के बाद मानसून सत्र में आगे की रणनीति तय की जाएगी। विपक्षी सांसदों ने नीट, पेपर लीक और वांगचुक आंदोलन सहित कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दे दिए हैं।
संसद के सुचारू संचालन पर सपा का क्या कहना है?
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि सदन के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी केवल विपक्ष की नहीं, सत्ता पक्ष की भी है। उनका कहना था कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर संसद में खुलकर बहस हो।
राष्ट्र प्रेस
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