अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: 'अहंकार में चल रही सरकार, छात्रों की आवाज़ सुनो'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अहंकार के साथ काम कर रही है और छात्रों तथा आम नागरिकों की समस्याओं पर ध्यान देने से बच रही है। नई दिल्ली में संसद परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए सपा नेताओं ने नीट परीक्षा अनियमितताओं से लेकर पेपर लीक तक कई मुद्दे उठाए।
नीट और पेपर लीक पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं और लाखों छात्र अभी भी जवाब की प्रतीक्षा में हैं। उनका सवाल था कि ऐसे हालात में सरकार की जवाबदेही कहाँ है और 'अमृत काल' में छात्रों को न्याय कब मिलेगा।
ऐतिहासिक संदर्भ देकर भाजपा पर राजनीतिक प्रहार
सपा प्रमुख ने ऐतिहासिक घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा पर राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतिहास में विदेशी आक्रमणकारियों ने मंदिरों को लूटा, विश्वविद्यालयों को नष्ट किया और स्वतंत्रता सेनानियों पर अत्याचार किए — और कथित तौर पर आज की भाजपा सरकार भी अहंकार के साथ शासन चला रही है। आलोचकों का कहना है कि यह तुलना सत्तारूढ़ दल की कार्यशैली पर सपा का सबसे तीखा प्रहार है।
सांसद रामजीलाल सुमन की माँग — संसद में हो सार्थक चर्चा
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि संसद के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी केवल विपक्ष की नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष की भी है। उन्होंने सोनम वांगचुक के आंदोलन और पेपर लीक जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सदन में विस्तृत बहस की माँग की। सुमन ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को दबाने का प्रयास कर रही है।
वंदे मातरम विधेयक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सवाल
राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वंदे मातरम से जुड़े विधेयक पेश किए जाने पर सुमन ने कहा कि पार्टी विधेयक का पूरा अध्ययन करने के बाद अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी बात के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता और प्रत्येक नागरिक को अपनी राय व्यक्त करने का संवैधानिक अधिकार है।
सपा का वांगचुक समर्थन और आगे की रणनीति
सुमन ने बताया कि डिंपल यादव के नेतृत्व में सपा सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी और पार्टी उनके आंदोलन तथा युवाओं के मुद्दों का समर्थन करती है। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी की बैठक के बाद मानसून सत्र में आगे की रणनीति तय की जाएगी और विपक्षी सांसदों ने गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दे दिए हैं। यह देखना होगा कि सरकार इन नोटिसों पर क्या रुख अपनाती है।