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सहवाग का खुलासा: गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया की सोच थी विदेश में जीत

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सहवाग का खुलासा: गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया की सोच थी विदेश में जीत

सारांश

वीरेंद्र सहवाग ने 'राइज एंड फॉल' सीज़न 2 के प्रमोशन के दौरान खुलासा किया कि गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया का एकमात्र लक्ष्य था — विदेशी धरती पर जीत। यह बयान उस स्वर्णिम दौर की याद दिलाता है जब भारत ने विदेश में जीतना सीखा।

मुख्य बातें

वीरेंद्र सहवाग ने 'राइज एंड फॉल' सीज़न 2 के प्रमोशन के दौरान सौरव गांगुली की कप्तानी पर अहम खुलासा किया।
सहवाग के अनुसार, गांगुली के नेतृत्व में टीम की प्रमुख सोच विदेशी धरती पर अधिकतम जीत हासिल करना था।
सहवाग ने बताया कि वे हमेशा आक्रामक नहीं खेलते थे — ज़रूरत के अनुसार डिफेंसिव रणनीति भी अपनाते थे।
सहवाग और सचिन तेंदुलकर उस दौर में दुनिया की सबसे धाकड़ सलामी जोड़ी मानी जाती थी।
'राइज एंड फॉल' सीज़न 2 में 15 कंटेस्टेंट 42 दिनों तक प्रतिस्पर्धा करते हैं; सहवाग ने अश्नीर ग्रोवर की जगह होस्टिंग संभाली।

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग ने स्ट्रीमिंग रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' के सीज़न 2 के प्रमोशन के दौरान खुलासा किया कि पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के नेतृत्व में टीम इंडिया की सबसे बड़ी प्राथमिकता विदेशी सरज़मीं पर अधिक से अधिक जीत दर्ज करना था। सहवाग के अनुसार, उस दौर में टीम ने निडर और आक्रामक क्रिकेट की मानसिकता को अपनाया, जिसने भारतीय क्रिकेट की पहचान को वैश्विक स्तर पर नए सिरे से स्थापित किया।

गांगुली युग की कार्यशैली

सहवाग ने शो के प्रमोशन के दौरान कहा, 'दादा' (सौरव गांगुली) की कप्तानी में टीम का फोकस विदेशी धरती पर जीत हासिल करना था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'देखिए, मैं दादा की कप्तानी वाली टीम का हिस्सा था। इसलिए, मैं उस टीम की सोच के बारे में बात कर सकता हूं। हमारी सोच ज़्यादा से ज़्यादा मैच खेलने और विदेशी धरती पर जीत हासिल करने की थी। हमने इस पर काम किया और सौरव गांगुली की कप्तानी में हमने ऐसा करके दिखाया।'

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे मौजूदा भारतीय क्रिकेट टीम की रणनीति या सोच पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि वे उस टीम का हिस्सा नहीं हैं और उनके खेलने के तरीके की सटीक जानकारी उनके पास नहीं है।

आक्रामकता और लचीलापन दोनों साथ-साथ

सहवाग ने यह भी बताया कि उनकी अपनी बल्लेबाज़ी शैली को लेकर जो धारणा है, वह पूरी तरह सच नहीं है। उनके अनुसार, वे हमेशा आक्रामक होकर नहीं खेलते थे, बल्कि खेल की ज़रूरत के अनुसार अपनी रणनीति बदलते थे। उन्होंने कहा, 'ऐसा नहीं है कि मैं खेल में हमेशा आक्रामक होकर ही खेलता था। मैं ज़रूरत पड़ने पर डिफेंसिव होकर भी खेलता था। मैंने मुश्किल हालात का भी सामना किया है।'

गौरतलब है कि वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर उस दौर में दुनिया की सबसे धाकड़ सलामी जोड़ी मानी जाती थी। उनकी साझेदारियों ने भारत को अनेक यादगार जीत दिलाईं।

गांगुली की कप्तानी का महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व और टीम संस्कृति को लेकर चर्चा अक्सर होती रहती है। सौरव गांगुली की कप्तानी को भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक निर्णायक दौर माना जाता है, जब टीम ने विदेश में जीतना सीखा और विपक्षी टीमों को उन्हीं की धरती पर चुनौती देना शुरू किया। सहवाग की यह टिप्पणी गांगुली के उस योगदान को रेखांकित करती है।

'राइज एंड फॉल' सीज़न 2 में सहवाग की नई भूमिका

इस खुलासे का संदर्भ स्ट्रीमिंग रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' के सीज़न 2 का प्रमोशन है, जिसमें वीरेंद्र सहवाग ने अश्नीर ग्रोवर की जगह होस्टिंग की ज़िम्मेदारी संभाली है। इस रियलिटी सीरीज़ में 15 कंटेस्टेंट 42 दिनों तक पावर, स्ट्रैटेजी, गठबंधन और बदलते हालात पर आधारित गेम में हिस्सा लेते हैं।

कंटेस्टेंट को दो ग्रुप में बाँटा गया है — 'रूलर्स', जो टॉवर से खेल को नियंत्रित करते हैं, और 'वर्कर्स', जो बेसमेंट से ऊपर जाने के लिए संघर्ष करते हैं। सीज़न 2 में दर्शकों की सक्रिय भागीदारी का एक नया पहलू भी जोड़ा गया है, जिसमें दर्शक तय कर सकते हैं कि कौन 'रूलर' बनेगा और कौन 'वर्कर'। आने वाले हफ्तों में यह शो दर्शकों के बीच कितनी लोकप्रियता हासिल करता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक गहरी सच्चाई की ओर इशारा करता है — गांगुली की कप्तानी वह दौर था जब भारतीय क्रिकेट ने 'घर में शेर, बाहर ढेर' की छवि तोड़ी। यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब आधुनिक टीम इंडिया की विदेशी टेस्ट सीरीज़ प्रदर्शन को लेकर फिर से बहस छिड़ी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि सहवाग ने मौजूदा टीम पर टिप्पणी करने से सोच-समझकर परहेज़ किया — यह संयम खुद एक बयान है। क्रिकेट की बहस के बीच यह इंटरव्यू एक रियलिटी शो के प्रमोशन का हिस्सा है, जो इस खुलासे के संदर्भ को भी ध्यान में रखने की ज़रूरत बताता है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सहवाग ने गांगुली की कप्तानी के बारे में क्या कहा?
सहवाग ने बताया कि गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया की सबसे बड़ी सोच विदेशी धरती पर अधिक से अधिक मैच जीतना था। उन्होंने कहा कि टीम ने इस लक्ष्य पर मिलकर काम किया और इसे हासिल भी किया।
वीरेंद्र सहवाग 'राइज एंड फॉल' सीज़न 2 में क्या भूमिका निभा रहे हैं?
वीरेंद्र सहवाग ने 'राइज एंड फॉल' सीज़न 2 में अश्नीर ग्रोवर की जगह होस्टिंग की ज़िम्मेदारी संभाली है। इस शो में 15 कंटेस्टेंट 42 दिनों तक पावर, स्ट्रैटेजी और गठबंधन पर आधारित गेम में हिस्सा लेते हैं।
'राइज एंड फॉल' सीज़न 2 में नया क्या है?
सीज़न 2 में दर्शकों की सक्रिय भागीदारी का एक नया पहलू जोड़ा गया है, जिसमें दर्शक यह तय कर सकते हैं कि कौन 'रूलर' बनेगा और कौन 'वर्कर'। इससे शो का इंटरैक्टिव अनुभव पहले से अलग हो गया है।
गांगुली की कप्तानी को भारतीय क्रिकेट में क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
सौरव गांगुली की कप्तानी को भारतीय क्रिकेट का निर्णायक दौर माना जाता है, जब टीम ने विदेशी सरज़मीन पर जीत की मानसिकता विकसित की। उस दौर में सहवाग-तेंदुलकर जैसी धाकड़ सलामी जोड़ी ने टीम को अनेक यादगार जीत दिलाईं।
क्या सहवाग ने अपनी बल्लेबाज़ी शैली के बारे में भी कुछ कहा?
हाँ, सहवाग ने स्पष्ट किया कि वे हमेशा आक्रामक बल्लेबाज़ी नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि खेल की ज़रूरत के अनुसार वे डिफेंसिव रणनीति भी अपनाते थे और मुश्किल हालात का सामना भी किया है।
राष्ट्र प्रेस
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