सौरव गांगुली ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल, 12वें भारतीय क्रिकेटर बने — तेंदुलकर, युवराज ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को 9 जुलाई 2025 को प्रतिष्ठित ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया — और यह सम्मान उनके 54वें जन्मदिन पर मिला, जिससे 'दादा' के शानदार क्रिकेट सफर में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। गांगुली इस प्रतिष्ठित सूची में जगह पाने वाले 12वें भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
ICC ने 9 जुलाई को आधिकारिक तौर पर गांगुली के नाम की घोषणा की। यह तारीख महज संयोग नहीं — उनका जन्मदिन भी यही है। क्रिकेट जगत ने इस दोहरी खुशी को हर्षोल्लास के साथ मनाया। गांगुली से पहले बिशन सिंह बेदी, सुनील गावस्कर, कपिल देव, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीनू मांकड़, डायना एडुल्जी, वीरेंद्र सहवाग, नीतू डेविड और एमएस धोनी इस सूची में शामिल हो चुके हैं।
करियर की उपलब्धियाँ
गांगुली ने 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन और 311 वनडे में 11,363 रन बनाए। बल्ले के साथ इन आँकड़ों से भी बड़ी उनकी विरासत कप्तानी के मैदान में है — उन्होंने 2000 के दशक की शुरुआत में भारतीय क्रिकेट को एक नया आत्मविश्वास दिया और 2003 वनडे विश्व कप के फाइनल तक टीम को पहुँचाया। उनकी अगुवाई में निडर खिलाड़ियों की एक पूरी पीढ़ी तैयार हुई।
साथी खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "बधाई हो कप्तान। यह घोषणा सुनकर खुशी हुई।"
पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह, जो 2000 के दशक की शुरुआत में गांगुली की टीम का अहम हिस्सा रहे, ने लिखा, "ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल होने पर बधाई हो दादा। आप इसके पूरी तरह हकदार हैं। आपने सिर्फ एक टीम ही नहीं बनाई, बल्कि क्रिकेटर्स की एक पीढ़ी में भरोसा भी जगाया। आपकी कप्तानी में खेलने और जीवन भर स्मरण रहने वाली यादें बनाने के लिए मैं आभारी हूँ।"
महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपने पुराने ओपनिंग पार्टनर को बधाई देते हुए लिखा, "जब हम 14 साल के थे, तब से एक-दूसरे को जानते हैं, इसलिए अब ज़्यादा हैरानी वाली बातें नहीं बची हैं। यह भी उनमें से एक नहीं थी। बधाई हो सौरव गांगुली — आपको ICC हॉल ऑफ फेम में देखकर बहुत खुशी हुई।"
विरासत और महत्व
गांगुली की कप्तानी को भारतीय क्रिकेट के पुनर्जागरण का दौर माना जाता है। मैच-फिक्सिंग के काले दौर के बाद उन्होंने टीम को न केवल संभाला, बल्कि विदेशी धरती पर जीतना सिखाया। नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल 2002 में लॉर्ड्स की बालकनी पर शर्ट लहराने का वह दृश्य आज भी भारतीय क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित छवियों में से एक है।
आगे क्या
ICC हॉल ऑफ फेम में औपचारिक समावेश समारोह आगामी ICC आयोजन के दौरान प्रस्तावित है। गांगुली की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का उत्सव है, बल्कि उस पीढ़ी के लिए श्रद्धांजलि भी है जिसे उन्होंने तराशा।