ब्राजील का भारत दौरा: गांगुली बोले — बेहतर प्रतिद्वंद्वी के साथ खेलने से निखरता है खेल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने 3 सितंबर को कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए पाँच बार के फीफा विश्व कप चैंपियन ब्राजील के भारत दौरे पर उत्साह जताया। ब्राजील पहली बार भारत का दौरा करेगा और 3 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में भारत के खिलाफ फ्रेंडली मैच खेलेगा। गांगुली का मानना है कि बेहतर प्रतिद्वंद्वियों के साथ मुकाबला भारतीय फुटबॉलरों को एक नया स्तर देगा।
गांगुली का संदेश: प्रतिस्पर्धा से निखरता है खिलाड़ी
गांगुली ने कहा, 'फुटबॉल एक शानदार खेल है। मुझे इसे देखना पसंद है। ब्राजील फुटबॉल खेलने वाले सबसे बेहतरीन देशों में से एक है। मुझे उम्मीद है कि वे एक बहुत मजबूत टीम के साथ आएंगे और इससे हमारे फुटबॉलरों को अच्छा अनुभव मिलेगा, क्योंकि जब आप अपने से बेहतर खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं, तो आप भी बेहतर बनते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'सिर्फ ब्राजील ही नहीं, उरुग्वे और पनामा भी आ रहे हैं — यानी कई टीमें फुटबॉल खेलने के लिए बंगाल आ रही हैं। उम्मीद है कि यह सिलसिला लगातार चलता रहेगा, क्योंकि इससे खिलाड़ियों को बहुत अच्छा अनुभव मिलेगा।'
मुख्य मैच कार्यक्रम
भारत की सीनियर मेंस फुटबॉल टीम फीफा मेंस इंटरनेशनल मैच विंडो के दौरान तीन अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैच खेलेगी। 26 सितंबर को बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में भारत का मुकाबला पनामा से होगा। इसके बाद 3 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में ब्राजील के साथ और 6 अक्टूबर को उसी मैदान पर उरुग्वे के खिलाफ मैच होगा।
खेल और युवाओं पर गांगुली का नज़रिया
बंगाल में खेल से जुड़ी नई पहलों के संदर्भ में गांगुली ने कहा, 'खेल लोगों पर सबसे ज्यादा असर डालने वाली चीज है। जब आप युवा लड़के-लड़कियों को खेलने के लिए लाते हैं — चाहे वह फुटबॉल हो या क्रिकेट — तो आप उन्हें एक जिंदगी देते हैं। इसीलिए मौके बहुत जरूरी हैं।'
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारतीय फुटबॉल अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि ब्राजील का यह दौरा भारतीय फुटबॉल इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
भारतीय फुटबॉल के लिए क्या मायने रखता है यह दौरा
विश्व फुटबॉल की दिग्गज टीमों के खिलाफ खेलने का अनुभव भारतीय खिलाड़ियों को तकनीकी और मानसिक दोनों स्तरों पर तैयार करता है। ब्राजील, उरुग्वे और पनामा जैसी टीमों के साथ एक ही विंडो में तीन मैच खेलना भारत के लिए दुर्लभ अवसर है। आने वाले समय में यदि इस तरह के दौरे नियमित होते हैं, तो भारतीय फुटबॉल की रैंकिंग और प्रदर्शन दोनों में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।