मेसी के संन्यास पर गांगुली बोले: 'महान खिलाड़ियों को जाना ही पड़ता है, विरासत अमर रहेगी'
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व कप्तान और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने 3 सितंबर को विश्व फुटबॉल के महानायक लियोनेल मेसी के अंतरराष्ट्रीय संन्यास पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह खेल की अनिवार्य सच्चाई है। गांगुली के अनुसार, मेसी ने जो विरासत छोड़ी है, उसकी बराबरी कर पाना किसी भी खिलाड़ी के लिए अत्यंत कठिन होगा।
मेसी के संन्यास पर गांगुली की प्रतिक्रिया
सौरव गांगुली ने कहा, 'खेल का यही तो मतलब है। बेहतरीन खिलाड़ियों को कभी न कभी रिटायर होना ही पड़ता है और उन्होंने लंबे समय तक शानदार खेल दिखाया है, लेकिन खेल में ऐसा होना तय है। बेहतरीन खिलाड़ियों को जाना ही पड़ता है और उन्होंने ऐसी विरासत छोड़ी है जिसकी बराबरी करना बहुत मुश्किल होगा।'
गांगुली ने अर्जेंटीना की फुटबॉल परंपरा का उल्लेख करते हुए डिएगो माराडोना से तुलना की। उन्होंने कहा, 'मैंने अर्जेंटीना के एक और बाएं पैर के खिलाड़ी डिएगो माराडोना को खेलते देखा है और मेसी भी अर्जेंटीना से ही हैं। ऐसी विरासत को बनाए रखना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन अर्जेंटीना, ब्राजील, इंग्लैंड, जर्मनी, स्पेन जैसे देश फुटबॉल के मामले में बहुत महान हैं — वे हर बार वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी पैदा करते रहते हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब मेसी के जाने के बाद वैश्विक फुटबॉल में उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो चुकी है।
भारत-ब्राजील मैत्री मैच पर उत्साह
पाँच बार की फीफा विश्व कप विजेता ब्राजील की टीम इसी वर्ष भारत दौरे पर आएगी। 3 अक्टूबर को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में भारत और ब्राजील के बीच एक ऐतिहासिक मैत्री मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले पर गांगुली ने कहा, 'फुटबॉल एक शानदार खेल है और ब्राजील फुटबॉल खेलने वाले सबसे महान देशों में से एक है। मुझे उम्मीद है कि वे एक बहुत मजबूत टीम के साथ आएंगे और इससे हमारे फुटबॉलर्स को अच्छा अनुभव मिलेगा — जब आप अपने से बेहतर खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं, तो आप भी बेहतर बनते हैं।'
गौरतलब है कि भारतीय फुटबॉल लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिछड़ा हुआ है और इस तरह के मैत्री मैच युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं।
खेल और युवाओं पर गांगुली का दृष्टिकोण
पूर्व भारतीय कप्तान ने खेल को युवाओं के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा, 'खेल लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। जब आप युवा लड़के-लड़कियों को खेलने के लिए लाते हैं, चाहे वह फुटबॉल हो या क्रिकेट, तो आप उन्हें एक जिंदगी देते हैं। इसीलिए मौके बहुत जरूरी हैं।'
नेपाल बाढ़ पर संवेदना
नेपाल में आई भयंकर बाढ़ में 1,200 से अधिक लोगों की जान जाने की खबर पर गांगुली ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'यह बेहद दुखद है। नेपाल के परिवारों और लोगों के साथ मेरी शुभकामनाएं हैं। ऐसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना आसान नहीं होता — यह किसी देश के पूरे सिस्टम को अस्त-व्यस्त कर देता है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि नेपाल जल्द इस त्रासदी से उबर पाएगा।
गांगुली की यह टिप्पणियाँ ऐसे समय में महत्वपूर्ण हैं जब भारत में फुटबॉल को क्रिकेट के समकक्ष लाने की कोशिशें तेज हो रही हैं और ब्राजील जैसी टीम का दौरा इस दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है।