संसद गतिरोध पर BJP का पलटवार: जगन्नाथ सरकार बोले — चर्चा छोड़ सदन बाधित कर रही कांग्रेस
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जगन्नाथ सरकार ने 11 अगस्त 2026 को विपक्ष, विशेषकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद जनता के करों से संचालित होती है, इसलिए सदन को ठप करने के बजाय हर मुद्दे पर खुली बहस होनी चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, आरएसएस पर कांग्रेस के बयान, 15 अगस्त को लाल किले पर वंदे मातरम गाए जाने और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले — सभी मुद्दों पर सदन के भीतर चर्चा होनी चाहिए।
संसद गतिरोध: BJP का विपक्ष पर आरोप
जगन्नाथ सरकार ने कहा कि लोकतंत्र में हर सांसद और राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन सदन को बार-बार बंद करना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उनके अनुसार, विपक्ष को जिन मुद्दों पर सरकार से जवाब चाहिए, उन पर सदन के भीतर ही बहस होनी चाहिए — न कि कार्यवाही को ठप करके। यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र लगातार व्यवधान की चपेट में है।
झारखंड लाठीचार्ज: दोहरे मानदंड का आरोप
BJP सांसद ने विपक्ष पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब अन्य राज्यों में पुलिस कार्रवाई के मुद्दे उठते हैं, तो कांग्रेस और विपक्षी नेता मुखर होते हैं, लेकिन झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर उनका रुख अलग क्यों है। सरकार ने कहा कि यदि कहीं गलत बल-प्रयोग हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इस मुद्दे पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। गौरतलब है कि BJP ने झारखंड में इस घटना के विरोध में बंद का आह्वान भी किया था।
आरएसएस पर कांग्रेस के बयान को खारिज किया
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के उस कथित बयान पर — जिसमें कहा गया कि कांग्रेस की सरकार आने पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को समाप्त कर दिया जाएगा — जगन्नाथ सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आरएसएस राष्ट्रहित और जनहित के लिए काम करने वाला संगठन है और देश में जब भी संकट आया, संघ ने राष्ट्रीय हित में योगदान दिया। उनके अनुसार, संगठन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और इसे समाप्त करने की बात वास्तविकता से परे है।
वंदे मातरम विवाद पर BJP का पक्ष
15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गाए जाने पर समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद लाल सुमन की कथित आपत्ति पर जगन्नाथ सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा मंत्र है जिसने देशभक्ति की भावना को मजबूत किया। इसे धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध बताने की दलील को उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आजादी के प्रतीकों का सम्मान राष्ट्रीय भावना का अभिन्न हिस्सा है।
ममता बनर्जी काफिले पर हमला: BJP का इनकार
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले के सवाल पर जगन्नाथ सरकार ने BJP का कोई संबंध होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह घटना तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो आंतरिक गुटों के बीच विवाद का परिणाम हो सकती है। उनके अनुसार, इस मामले में BJP को घसीटने की कोशिश बेबुनियाद है और जाँच के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आएंगे। इस बयान के साथ BJP ने संसद सत्र के बीच कई मोर्चों पर विपक्ष को घेरने की रणनीति और तेज कर दी है।