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नालागढ़ IED विस्फोट: NIA ने तीन और आरोपी दबोचे, गिरफ्तारियों की संख्या पहुँची छह

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नालागढ़ IED विस्फोट: NIA ने तीन और आरोपी दबोचे, गिरफ्तारियों की संख्या पहुँची छह

सारांश

1 जनवरी 2026 को नालागढ़ पुलिस स्टेशन में हुए IED विस्फोट की जाँच में NIA ने तीन और आरोपियों को दबोचा है — तीनों पंजाब के एसबीएस नगर के निवासी। कुल गिरफ्तारियाँ अब छह हो गई हैं और UAPA के तहत जाँच जारी है।

मुख्य बातें

NIA ने नालागढ़ IED विस्फोट मामले में तीन नए आरोपी गिरफ्तार किए — अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला , करणप्रताप और दिलजोत सैनी ।
तीनों आरोपी पंजाब के एसबीएस नगर जिले के राहों के निवासी हैं।
इस मामले में NIA द्वारा अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या छह हो गई है।
विस्फोट 1 जनवरी 2026 को सुबह 9:40 बजे नालागढ़ थाने की बाहरी दीवार के पास हुआ था।
NIA ने 8 मई 2026 को मामला दोबारा दर्ज कर UAPA सहित कई धाराओं के तहत जाँच शुरू की।
तीनों नए आरोपी पहले गढ़शंकर पुलिस स्टेशन की एफआईआर संख्या 11/2026 में गिरफ्तार थे।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में हुए IED विस्फोट मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में एजेंसी द्वारा अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या छह हो गई है। यह विस्फोट 1 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9:40 बजे पुलिस थाने के जाँच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास हुआ था।

नए गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

NIA ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है: अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला, निवासी मोहल्ला सिरहिंदिया, राहों, जिला एसबीएस नगर (पंजाब); करणप्रताप, निवासी मोहल्ला रोटा, राहों, जिला एसबीएस नगर (पंजाब); और दिलजोत सैनी, निवासी झांसी पार्क कॉलोनी, नवांशहर रोड, राहों, जिला एसबीएस नगर (पंजाब)। तीनों आरोपी इससे पहले पंजाब के होशियारपुर जिले के गढ़शंकर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 11/2026 के एक अन्य मामले में पहले से गिरफ्तार थे।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला शुरुआत में नालागढ़ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। बाद में जाँच NIA को सौंपी गई और एजेंसी ने 8 मई 2026 को इसे औपचारिक रूप से दोबारा दर्ज किया। जाँच भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की संबंधित धाराओं के तहत चल रही है। गौरतलब है कि UAPA के तहत जाँच इस मामले को आतंकी षड्यंत्र की श्रेणी में रखती है।

पहले से गिरफ्तार आरोपी

इन तीन नई गिरफ्तारियों से पहले NIA इस मामले में महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मनी को गिरफ्तार कर चुकी थी। इन तीनों को पहले पंजाब पुलिस ने मोहाली स्थित SSOC में दर्ज एफआईआर के संबंध में हिरासत में लिया था, जिसके बाद NIA ने उन्हें नालागढ़ विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया।

NIA की जाँच का दायरा

NIA के अनुसार, ताज़ा गिरफ्तारियाँ इस आतंकी हमले के पीछे मौजूद बड़ी साजिश को उजागर करने और पूरे नेटवर्क की पहचान करने की दिशा में जारी जाँच का हिस्सा हैं। एजेंसी अब आरोपियों की सटीक भूमिका, उनके आपसी संबंध, अन्य संदिग्धों और आपराधिक नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा एजेंसियाँ संगठित आतंकी मॉड्यूल पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं।

आगे क्या

NIA ने स्पष्ट किया है कि मामले की जाँच अभी जारी है और विस्फोट के पीछे के पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करने के लिए सभी पहलुओं की गहन जाँच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित आतंकी नेटवर्क की कड़ी मान रही है। उल्लेखनीय यह है कि सभी छह गिरफ्तार आरोपियों का संबंध पंजाब से है, जबकि विस्फोट हिमाचल प्रदेश में हुआ — यह सीमापार समन्वय की ओर इशारा करता है। गढ़शंकर और मोहाली के मामलों से जुड़े तार यह भी बताते हैं कि यह नेटवर्क पहले से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था, फिर भी विस्फोट हुआ — जो खुफिया तंत्र के लिए एक असुविधाजनक सवाल खड़ा करता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नालागढ़ पुलिस स्टेशन IED विस्फोट क्या था?
1 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9:40 बजे हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में जाँच अधिकारी के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास IED विस्फोट हुआ था। मामले की जाँच बाद में NIA को सौंपी गई और UAPA सहित कई गंभीर धाराओं के तहत जाँच चल रही है।
NIA ने इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार किए हैं?
NIA ने अब तक इस मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ताज़ा तीन गिरफ्तारियाँ — अर्शदीप सिंह, करणप्रताप और दिलजोत सैनी — पंजाब के एसबीएस नगर जिले के राहों के निवासी हैं। इससे पहले महावीर कुमार, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका था।
NIA ने यह मामला कब दर्ज किया?
NIA ने 8 मई 2026 को इस मामले को औपचारिक रूप से दोबारा दर्ज किया। जाँच भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराओं के तहत की जा रही है।
नए गिरफ्तार आरोपियों का किसी अन्य मामले से संबंध है?
हाँ, तीनों नए आरोपी पहले से पंजाब के होशियारपुर जिले के गढ़शंकर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 11/2026 में गिरफ्तार थे। NIA ने उन्हें उसी हिरासत से नालागढ़ विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
NIA के अनुसार जाँच जारी है और विस्फोट के पीछे के पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करने के लिए सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। एजेंसी आरोपियों की सटीक भूमिका, उनके आपसी संबंध और नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
राष्ट्र प्रेस
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