एनआईए ने सिरसा ग्रेनेड हमले में 2 पाकिस्तानी नागरिकों सहित 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हरियाणा के सिरसा स्थित महिला पुलिस स्टेशन पर 25 नवंबर 2025 को हुए ग्रेनेड हमले के मामले में दो पाकिस्तानी नागरिकों सहित कुल नौ आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया है। पंचकुला स्थित विशेष एनआईए न्यायालय में दायर यह आरोप पत्र एक सुनियोजित सीमापार आतंकी साजिश को उजागर करता है, जिसका उद्देश्य भारत में पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर दहशत फैलाना था।
आरोपियों की पहचान
आरोप पत्र में नामित दो पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलूच के रूप में हुई है। एनआईए के अनुसार, शहजाद भट्टी एक पाकिस्तानी गैंगस्टर-से-आतंकवादी बना व्यक्ति है, जिसने इस पूरी साजिश की रूपरेखा तैयार की थी। गिरफ्तार सात भारतीय नागरिकों में धीरज उर्फ धीरू, विकास उर्फ विक्की, संदीप उर्फ दैमर, विकास, सुशील उर्फ सिल्लू, मोहम्मद सिजान उर्फ सिजान और गुरजंत सिंह शामिल हैं।
साजिश का मुख्य घटनाक्रम
एनआईए की जांच के अनुसार, शहजाद और सोहेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड संचार चैनलों के ज़रिये भारतीय आरोपियों की भर्ती की और उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया। इस साजिश के तहत भारत में परिचालन मॉड्यूल स्थापित किए गए और स्थानीय गुर्गों को पुलिस प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमले करने का काम सौंपा गया।
धीरज पाकिस्तानी हैंडलर का भारत स्थित प्रमुख गुर्गा था, जो स्थानीय मॉड्यूल के साथ हमलों के समन्वय के लिए ज़िम्मेदार था। जांच में पता चला कि धीरज हमले में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड प्राप्त करने के लिए अमृतसर में गुरजंत सिंह से मिला था।
हमले की योजना और क्रियान्वयन
एनआईए के अनुसार, संभावित लक्ष्यों की रेकी के बाद आरोपियों ने सिरसा महिला पुलिस स्टेशन को हमले के लिए चुना। 25 नवंबर 2025 को किए गए इस ग्रेनेड हमले को आरोपियों ने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड भी किया, ताकि इसे प्रचारित और प्रसारित किया जा सके। हमले के बाद भी आरोपी अपने पाकिस्तानी हैंडलर और उसके सहयोगियों के संपर्क में बने रहे।
कानूनी कार्रवाई और आरोप
आरोप पत्र में आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम [यूए(पी) अधिनियम], भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच में भर्ती, वित्तपोषण, परिचालन समन्वय, विस्फोटक सामग्री की खरीद और आतंकी कृत्य को अंजाम देने की पूरी श्रृंखला स्थापित की गई है।
जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
एनआईए ने डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और फोरेंसिक साक्ष्यों की गहन जांच की है। एजेंसी ने बताया कि मामले में शामिल अन्य विदेशी संबंधों, वित्तीय चैनलों और बड़ी साजिश की जांच अभी जारी है। फरार आरोपियों का पता लगाने के प्रयास भी निरंतर जारी हैं। यह मामला उस व्यापक पैटर्न की ओर इशारा करता है जिसमें पाकिस्तान स्थित तत्व एन्क्रिप्टेड डिजिटल माध्यमों से भारत में स्थानीय नेटवर्क को सक्रिय कर रहे हैं।