एनआईए ने यूट्यूबर रोजर संधू के ग्रेनेड हमले मामले में दो आरोपियों पर आरोप लगाए, पाकिस्तानी गैंगस्टर शामिल
सारांश
Key Takeaways
- एनआईए ने दो आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।
- शहजाद भट्टी एक पाकिस्तानी गैंगस्टर है।
- दीपेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- जांच में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
- एनआईए फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले साल पंजाब के जालंधर में यूट्यूबर रोजर संधू के निवास पर हुए ग्रेनेड हमले के संबंध में दो आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया है। इसमें पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी भी शामिल है। एनआईए ने दिसंबर 2025 में इस मामले को पंजाब पुलिस से अपने अधीन लिया था।
एजेंसी ने विशेष अदालत में पेश की गई पूरक चार्जशीट में शहजाद को फरार आरोपी के रूप में चिह्नित किया है। दूसरे आरोपी दीपेंद्र प्रताप सिंह उर्फ दीपान राणा को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों पर यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और बीएनएस 2023 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
पंजाब पुलिस ने इस मामले में मार्च 2025 में मामला दर्ज किया था और पहले ही 9 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी। यह हमला 16 मार्च 2025 की सुबह जालंधर जिले के रायपुर रसूलपुर गांव स्थित रोजर संधू के घर पर हुआ था।
एनआईए की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि शहजाद भट्टी ने विदेश में बैठकर इस हमले की योजना बनाई थी। यह एक बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था, जो भारत में लक्षित हत्याएं, भर्ती और हथियारों की तस्करी में संलग्न है। शहजाद ने हमले को अंजाम देने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार का उपयोग किया।
जांच में यह भी सामने आया कि दीपेंद्र इस मामले में मुख्य स्थानीय सहायक था। उसने हमलावरों को आवश्यक सहायता और संसाधन प्रदान किए और अवैध हथियारों व विस्फोटकों के उपयोग में भी शामिल था। इस आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
अब तक इस मामले में कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि शहजाद सहित 7 आरोपी अभी भी फरार हैं। एनआईए फरार आरोपियों की तलाश और इस साजिश से जुड़े अन्य आतंकी नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी रखे हुए है।