एनआईए की बड़ी कार्रवाई: बंगाल बम धमाका मामले में दूसरा मुख्य आरोपी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- एनआईए ने 26 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल बम धमाका मामले में अहीदुल इस्लाम मोल्ला को गिरफ्तार किया।
- आरोपी दक्षिण 24 परगना जिले के बिजोयगंज बाजार का निवासी है और बम निर्माण व सबूत मिटाने में शामिल था।
- दक्षिण बामुनिया गाँव में हुए इस धमाके में एक की मौत और तीन घायल हुए थे।
- बिहार हथियार तस्करी मामले में कुंदन कुमार के खिलाफ छठी चार्जशीट पटना एनआईए विशेष अदालत में दाखिल की गई।
- नागालैंड से एके-47 समेत प्रतिबंधित हथियार बिहार के माओवादियों तक पहुँचाए जा रहे थे।
- एनआईए ने संकेत दिया है कि बंगाल मामले में और गिरफ्तारियाँ आने वाले दिनों में संभव हैं।
नई दिल्ली, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार, 26 अप्रैल को पश्चिम बंगाल बम धमाका मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए दूसरे मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया। यह धमाका इसी साल की शुरुआत में हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई थी और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
कौन है गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अहीदुल इस्लाम मोल्ला के रूप में हुई है, जो दक्षिण 24 परगना जिले के बिजोयगंज बाजार इलाके का रहने वाला है। एनआईए ने इस साल मार्च में दक्षिण बामुनिया गाँव में हुए विस्फोट में उसकी भूमिका की गहन जाँच के बाद यह गिरफ्तारी की।
एनआईए के अनुसार, अहीदुल इस्लाम इस आपराधिक साजिश में सह-साजिशकर्ता की भूमिका में था। उसके खिलाफ बम निर्माण और साक्ष्य नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
धमाके की पूरी कहानी
एनआईए ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि बम बनाने की प्रक्रिया के दौरान ही विस्फोट हो गया था, जिसके कारण इस साजिश में शामिल एक आरोपी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह घटना स्थानीय कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।
इससे पहले राज्य पुलिस ने इस मामले में एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया था। अब एनआईए की इस ताज़ा कार्रवाई से मामले की जाँच और अधिक व्यापक हो गई है। एजेंसी ने संकेत दिया है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
एनआईए ने कहा, "इस मामले में अन्य सह-आरोपियों की पहचान के लिए जाँच अभी भी जारी है।" यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
बिहार हथियार तस्करी मामले में भी एनआईए सक्रिय
एक अलग मामले में, एनआईए ने इसी महीने मुज्जफरपुर, बिहार के निवासी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के विरुद्ध 2024 के बिहार अवैध हथियार तस्करी मामले में पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया है।
पटना स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दायर इस पूरक चार्जशीट में कुंदन कुमार का नाम आईपीसी, शस्त्र अधिनियम और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत शामिल किया गया है। वह इस मामले में छठा आरोपी है जिसके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है।
यह मामला तब सामने आया जब बिहार पुलिस ने एक एके-47 राइफल और उससे जुड़े लेंस को जब्त किया था। एनआईए की जाँच में खुलासा हुआ कि कुंदन कुमार, जिसे एजेंसी ने नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया था, नागालैंड से प्रतिबंधित हथियारों की अवैध खरीद और तस्करी में सक्रिय था।
माओवादियों तक पहुँच रहे थे हथियार
जाँच में सामने आया कि कुंदन कुमार और उसके साथियों की साजिश के तहत इन हथियारों की आपूर्ति बिहार में सक्रिय माओवादियों और अन्य अपराधियों को की जा रही थी। यह खुलासा देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अत्यंत चिंताजनक है।
इस बिहार मामले में एनआईए ने मूल रूप से मई 2025 में चार आरोपियों — विकास कुमार, देवमणि राय, सत्यम कुमार और अहमद अंसारी — के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद फरवरी 2026 में पाँचवें आरोपी मंजूर खान के विरुद्ध आरोप तय किए गए थे।
एनआईए की बढ़ती भूमिका और सुरक्षा निहितार्थ
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में बम निर्माण की घटनाएं नई नहीं हैं। राज्य में पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें घरेलू स्तर पर विस्फोटक बनाने की कोशिश की गई। दक्षिण 24 परगना जिला विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
एनआईए की इस दोहरी कार्रवाई — एक ओर बंगाल बम धमाका मामले में गिरफ्तारी और दूसरी ओर बिहार हथियार तस्करी मामले में नई चार्जशीट — यह दर्शाती है कि केंद्रीय जाँच एजेंसी देश में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को व्यापक स्तर पर तोड़ने की कोशिश कर रही है।
आने वाले हफ्तों में बंगाल बम धमाका मामले में और गिरफ्तारियाँ और नए खुलासे होने की संभावना है, जो इस पूरे मामले की गहराई को और उजागर कर सकते हैं।