31 अगस्त 2026
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कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: 11 की मौत, 5 घायल; NDRF-SDRF राहत कार्य में जुटी

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कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: 11 की मौत, 5 घायल; NDRF-SDRF राहत कार्य में जुटी

सारांश

कौशांबी की पटाखा फैक्ट्री में आग और धमाकों ने 11 जिंदगियाँ लील लीं। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के बीच NDRF-SDRF राहत में जुटी है। CM योगी ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार मुआवजे का ऐलान किया है।

मुख्य बातें

कौशांबी जिले के मनौरी बाजार स्थित पटाखा फैक्ट्री में 31 अगस्त 2026 को भीषण विस्फोट, 11 की मौत ।
5 घायल — जिनमें एक बच्चा भी शामिल — प्रयागराज के SRN अस्पताल में उपचाराधीन।
NDRF और SDRF की टीमें मलबा हटाने और तलाशी अभियान में जुटीं; और पीड़ितों की आशंका।
CM योगी आदित्यनाथ ने मृतक परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
जिला मजिस्ट्रेट अमित पाल शर्मा ने जिम्मेदारों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने और संपत्ति जब्त करने का आश्वासन दिया।

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के पिपरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र स्थित मनौरी बाजार में 31 अगस्त 2026 (सोमवार) को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग भड़कने और उसके बाद हुए शक्तिशाली धमाकों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 5 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे में और लोग दबे हो सकते हैं, इसलिए तलाशी अभियान अभी भी जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुई तबाही

सोमवार को मनौरी बाजार स्थित पटाखा निर्माण इकाई में अचानक आग लगी, जो देखते-ही-देखते विस्फोटक सामग्री तक पहुँच गई और एक के बाद एक कई धमाके हुए। धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्ट्री भवन और आसपास की इमारतें ध्वस्त हो गईं। आस-पास के घरों के कई निवासी भी इस हादसे में घायल हुए। सबसे पहले स्थानीय ग्रामीण बचाव में आगे आए और जुगाड़ से बने स्ट्रेचर पर मलबे में दबे घायलों को सड़क तक पहुँचाया, जहाँ से एम्बुलेंस उन्हें अस्पताल ले गईं।

राहत एवं बचाव कार्य

जिला मजिस्ट्रेट अमित पाल शर्मा ने बताया कि नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं और मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। 5 घायलों का इलाज प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में चल रहा है। घायलों में एक बच्चा भी शामिल बताया जा रहा है। अधिकारियों ने तलाशी के दौरान मिलने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता का इंतजाम किया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को बचाव कार्यों में तेजी लाने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद का आश्वासन दिया और मुआवजे की घोषणा की — मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस त्रासदी पर शोक जताया। उन्होंने एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत को 'दिल दहला देने वाला' बताया और अस्पताल प्रशासन को घायलों का सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

कानूनी कार्रवाई

जिला मजिस्ट्रेट अमित पाल शर्मा ने इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कानून की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे और सरकारी निर्देशों के अनुसार संपत्ति जब्त करने सहित कठोर कदम उठाए जाएंगे। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अवैध पटाखा इकाइयों पर कार्रवाई की माँग लंबे समय से उठती रही है, और यह हादसा एक बार फिर ऐसी इकाइयों की सुरक्षा खामियों को उजागर करता है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के अनुसार मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान जारी रहेगा। घटनास्थल की तस्वीरों में रिश्तेदारों को मलबे में अपने लापता परिजनों को बेताबी से ढूँढते देखा गया। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जाँच के बाद फैक्ट्री के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की स्थिति भी सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर जाँच बैठती है, और फिर सब भुला दिया जाता है। कौशांबी की यह त्रासदी सवाल उठाती है कि क्या फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था और सुरक्षा मानकों की आखिरी जाँच कब हुई थी। जिला मजिस्ट्रेट का 'सख्त कार्रवाई' का आश्वासन तब तक अर्थहीन है जब तक जाँच में लाइसेंसिंग खामियाँ सार्वजनिक न हों। मुआवजा राहत देता है, लेकिन जवाबदेही तय किए बिना अगला हादसा रोकना मुश्किल है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में कितने लोगों की मौत हुई?
अधिकारियों के अनुसार अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 5 घायल हैं। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तलाशी अभियान जारी है, इसलिए संख्या बढ़ सकती है।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
पाँचों घायलों का इलाज प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में चल रहा है। घायलों में एक बच्चा भी शामिल बताया जा रहा है।
CM योगी आदित्यनाथ ने क्या मुआवजे की घोषणा की?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
बचाव कार्य में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
NDRF (नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) और SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने इलाके की घेराबंदी कर दी है।
जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
जिला मजिस्ट्रेट अमित पाल शर्मा ने कहा है कि कानून की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे और सरकारी निर्देशों के अनुसार संपत्ति जब्त करने सहित सख्त कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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