अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: 9 की मौत, राष्ट्रपति मुर्मु और PM मोदी ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में 18 जुलाई को एक अवैध पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट और आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। नगर निगम के अनुसार, 8 लोगों की मौत एल.जी. अस्पताल में हुई, जबकि 1 व्यक्ति ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल में दम तोड़ा। हादसे में 9 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
हादसे का घटनाक्रम
यह विस्फोट रामोल-गतराड रोड पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) कैंप के पीछे स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज करीब 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में भीषण आग भड़क उठी और इमारत का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए।
धमाके की आवाज सुनते ही निकटवर्ती RAF कैंप के जवान सबसे पहले घटनास्थल पर पहुँचे और दमकल विभाग के आने से पहले ही मलबे में फँसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू कर दिया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की पाँच से अधिक गाड़ियाँ तैनात की गईं। आग बुझने के बाद दोबारा भड़कने से रोकने के लिए कूलिंग ऑपरेशन देर शाम तक जारी रहा।
अवैध संचालन की पड़ताल
प्रारंभिक जाँच में पुलिस ने पाया कि यह पटाखा निर्माण इकाई बिना वैध लाइसेंस के चल रही थी। अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री संचालक की पहचान मेहुल डोडिया के रूप में हुई है। जाँच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, लेकिन कथित तौर पर इसके बावजूद यहाँ पटाखों का निर्माण जारी था। यह हादसा उन सवालों को फिर से उठाता है कि अवैध इकाइयों पर नियामक निगरानी कितनी प्रभावी है।
राष्ट्रपति, PM और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर पोस्ट कर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'अहमदाबाद में पटाखों की एक फैक्ट्री में हुए विस्फोट में लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी शोक-संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों तथा घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की।
घायलों की स्थिति और राहत कार्य
घायलों को एल.जी. अस्पताल और अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नगर निगम के मुताबिक, एल.जी. अस्पताल में एक गंभीर रूप से घायल मरीज का इलाज जारी है, जबकि चार अन्य घायल सिविल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। कई घायल गंभीर रूप से झुलसे हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
आगे क्या
पुलिस ने फैक्ट्री संचालक मेहुल डोडिया के खिलाफ जाँच तेज कर दी है। यह हादसा गुजरात में अवैध पटाखा इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की माँग को फिर से बल देता है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है और स्थिति पर प्रशासन की नज़र बनी हुई है।