जयपुर पटाखा कारखाने में भीषण आग: एक बच्चे समेत चार की मौत, चार गंभीर रूप से झुलसे
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर के खो नागोरियान इलाके में स्थित एक पटाखा कारखाने में 9 जून को सुबह करीब 11 बजे भीषण आग लग गई, जिसमें एक बच्चे समेत कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। आयशा नगर तलाई इलाके में आईटीआई कॉलेज के निकट संचालित इस कारखाने में आग ने देखते-देखते विकराल रूप ले लिया।
मुख्य घटनाक्रम
मृतकों में से एक की पहचान अब्दुल वाहिद के रूप में की गई है, जबकि तीन अन्य पीड़ितों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जयपुर कलेक्टर संदेश नायक के अनुसार, आग कारखाने के अंदर रखे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ के कारण लगी प्रतीत होती है। शादी समारोहों के लिए बड़ी मात्रा में संग्रहीत पटाखे आग में जलकर राख हो गए। जाँचकर्ताओं को मलबे में 'कोहिनूर' नाम की जली हुई पैकेजिंग भी मिली।
बचाव अभियान के दौरान परिसर के भीतर रखा एक एलपीजी सिलेंडर भी बरामद कर लिया गया, जिससे एक बड़े विस्फोट की आशंका टल गई। अधिकारियों का अनुमान है कि आग लगने के समय कारखाने में 8 से 10 लोग मौजूद थे।
घायलों की स्थिति
घायलों की पहचान नासिर खान (23), समीर खान (30), बिलाल (30) और आदिब (25) के रूप में हुई है। चारों को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. आरके जैन के अनुसार, समीर और नासिर लगभग 95 प्रतिशत जल गए हैं, जबकि बिलाल 75 प्रतिशत और आदिब 65 प्रतिशत झुलसे हैं। डॉक्टरों ने सभी की हालत गंभीर बताई है।
स्थानीय निवासी की आँखों देखी
बचाव कार्य में शामिल स्थानीय निवासी हाशिम अंसारी ने भयावह दृश्य का वर्णन किया। उन्होंने बताया, 'मुझे आग लगने की सूचना मिली और मैं तुरंत मौके पर पहुंचा। पानी का टैंकर मंगवाया गया और मैं होज पाइप लेकर अंदर गया। मैंने तीन-चार लोगों को बाहर निकाला और उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।' अंसारी ने बताया कि बाकी लोग अभी भी अंदर फंसे थे और आग इतनी भीषण थी कि उन्हें बचाना संभव नहीं हो सका। उन्होंने कहा, 'उन्हें बचाने की कोशिश में हमारे कपड़ों में आग लग गई और मेरे पैर में जलने के निशान आ गए।'
राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई
किशनपोल के विधायक अमीन कागजी ने सवाल उठाया कि रिहायशी इलाके में पटाखे और बारूद बनाने वाली फैक्ट्री कैसे चल सकती है। जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल और डीसीपी (पूर्वी) रणजीत शर्मा घटना के तुरंत बाद घटनास्थल पर पहुँचे। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण कर आग के कारण और कारखाने की परिचालन स्थिति की जाँच शुरू कर दी है।
राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीना ने जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन अधिकारियों को त्वरित राहत एवं बचाव अभियान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे की जाँच
गौरतलब है कि रिहायशी क्षेत्र में बिना उचित अनुमति के पटाखा भंडारण एवं निर्माण की यह घटना औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कारखाने के पास वैध लाइसेंस था या नहीं। जाँच के नतीजे सामने आने के बाद जिम्मेदारी तय किए जाने की संभावना है।