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जयपुर अवैध पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड: 8 की मौत के बाद 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 गोदाम सील

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जयपुर अवैध पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड: 8 की मौत के बाद 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 गोदाम सील

सारांश

जयपुर के खोह नागोरियन में अवैध पटाखा फैक्ट्री की आग ने 8 जिंदगियाँ लील लीं — और अब सवाल यह है कि घनी आबादी के बीच यह अवैध कारोबार इतने लंबे समय तक कैसे चलता रहा। दो पुलिसकर्मियों का निलंबन और 5 गोदामों की सीलिंग जवाबदेही की शुरुआत है, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं।

मुख्य बातें

जयपुर के खोह नागोरियन स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग से एक बच्चे समेत 8 लोगों की मौत हुई।
एएसआई अमर सिंह और हेड कॉन्स्टेबल पप्पू राम को घटना के एक दिन बाद सस्पेंड किया गया।
पुलिस ने अब तक 5 फैक्ट्रियों और गोदामों को सील किया; जावेद विहार में 3 गोदाम एक ही परिसर में मिले।
मुख्य आरोपी याकूब (मकान मालिक) और फैक्ट्री संचालक फिरोज (दिल्ली निवासी) घटना के बाद से फरार हैं।
फैक्ट्री में कोल्ड फायर पटाखे बनाए जा रहे थे; मकान को दीवार से विभाजित कर गतिविधि छुपाई गई थी।
बुधवार दोपहर तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

जयपुर के खोह नागोरियन इलाके में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग में एक बच्चे समेत 8 लोगों की मौत के ठीक एक दिन बाद, बुधवार, 11 जून 2025 को प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए खोह नागोरियन थाने के दो पुलिसकर्मियों — असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) अमर सिंह और हेड कॉन्स्टेबल पप्पू राम — को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही पुलिस ने आस-पास के इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर अब तक 5 फैक्ट्रियों और गोदामों को सील किया है।

मुख्य घटनाक्रम

मंगलवार सुबह करीब 11 बजे खोह नागोरियन इलाके की आयशा कॉलोनी में स्थित एक मकान में भीषण आग भड़की, जहाँ कथित तौर पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। यह संपत्ति याकूब की बताई जाती है, जो नजीर खान का बेटा है और 'रक्षा की ढाणी' का निवासी है। आग में 8 लोगों की जान गई, जिनमें एक बच्चा और दो सगे भाई भी शामिल थे — यह हाल के वर्षों में जयपुर के सबसे घातक औद्योगिक हादसों में से एक है।

जाँच में सामने आया कि मकान को एक दीवार से दो हिस्सों में बाँटा गया था, ताकि पटाखा निर्माण की गतिविधि बाहर से नज़र न आए। फैक्ट्री में मुख्य रूप से कोल्ड फायर पटाखे बनाए जा रहे थे, जिनका उपयोग शादियों और उत्सवों में होता है।

छापेमारी और बरामदगी

मंगलवार रात से ही पुलिस टीमें खोह नागोरियन और जावेद विहार समेत आस-पास के इलाकों में छापेमारी कर रही हैं। जावेद विहार में एक ही परिसर में बने तीन गोदामों को सील किया गया, जहाँ से भारी मात्रा में अवैध बारूद बरामद हुआ और पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली दो मशीनें जब्त की गईं। रिपोर्टों के अनुसार, ये गोदाम याकूब और उसके भतीजे कय्यूम के हैं, जिन्हें इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया है।

आयशा कॉलोनी के कई घरों में भी छापेमारी की गई, जहाँ कथित तौर पर पटाखे बनाने का काम चल रहा था। तीन अलग-अलग ठिकानों से गैरकानूनी तरीके से रखी गई विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।

आरोपी फरार, गिरफ्तारी अब तक नहीं

पुलिस के अनुसार, मकान मालिक याकूब और कथित फैक्ट्री संचालक फिरोज — जो दिल्ली का निवासी बताया जाता है — घटना के बाद से फरार हैं। बुधवार दोपहर तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।

प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

इस हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आलोचकों का कहना है कि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में इतने बड़े पैमाने पर अवैध पटाखा निर्माण इकाइयाँ लंबे समय से चल रही थीं, जबकि सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर बार-बार चिंताएँ जताई जाती रही थीं। यही कारण है कि दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की गई।

आगे क्या होगा

जाँचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन अवैध इकाइयों को किसकी संरक्षण प्राप्त थी और नियामक तंत्र कहाँ चूका। सील की गई संपत्तियों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि छापेमारी अभी भी जारी है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में यह अवैध नेटवर्क महीनों या सालों तक कैसे फलता-फूलता रहा। सिर्फ दो निचले दर्जे के पुलिसकर्मियों को निलंबित करना पर्याप्त जवाबदेही नहीं है — यह देखना ज़रूरी है कि नियामक निरीक्षण की श्रृंखला कहाँ-कहाँ टूटी। जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्त में नहीं आते और संरक्षण देने वालों की पहचान नहीं होती, यह कार्रवाई महज दिखावटी राहत बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर पटाखा फैक्ट्री हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
जयपुर के खोह नागोरियन इलाके की आयशा कॉलोनी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में लगी आग में एक बच्चे और दो सगे भाइयों समेत कुल 8 लोगों की मौत हुई। यह हाल के वर्षों में जयपुर के सबसे घातक औद्योगिक हादसों में से एक माना जा रहा है।
जयपुर पटाखा फैक्ट्री कांड में कौन से पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए?
खोह नागोरियन थाने के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) अमर सिंह और हेड कॉन्स्टेबल पप्पू राम को हादसे के एक दिन बाद बुधवार को निलंबित किया गया। उन पर अवैध फैक्ट्री के प्रति निष्क्रियता बरतने के आरोप हैं।
जयपुर में कितने गोदाम और फैक्ट्रियाँ सील की गई हैं?
अब तक कुल 5 फैक्ट्रियाँ और गोदाम सील किए जा चुके हैं। इनमें आयशा कॉलोनी का वह मकान शामिल है जहाँ हादसा हुआ, और जावेद विहार में एक ही परिसर में बने तीन गोदाम भी सील किए गए हैं।
जयपुर पटाखा फैक्ट्री का मुख्य आरोपी कौन है और क्या वह पकड़ा गया?
मकान मालिक याकूब (नजीर खान का बेटा) और कथित फैक्ट्री संचालक फिरोज (दिल्ली निवासी) को मुख्य आरोपी बनाया गया है। बुधवार दोपहर तक दोनों फरार थे और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
जयपुर की अवैध पटाखा फैक्ट्री में क्या बनाया जा रहा था?
फैक्ट्री में मुख्य रूप से कोल्ड फायर पटाखे बनाए जा रहे थे, जिनका उपयोग शादियों और उत्सवों में होता है। मकान को एक दीवार से दो हिस्सों में बाँटकर गतिविधि छुपाई गई थी और वहाँ से पटाखे बनाने की दो मशीनें भी बरामद हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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