अहमदाबाद पटाखा विस्फोट: 9 मौतों के बाद अवैध फैक्ट्री ध्वस्त, SIT जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के वस्त्राल गांव स्थित 'न्यू गुजरात फायर वर्क्स' पटाखा इकाई में हुए भीषण विस्फोट में 9 मजदूरों की मौत और 6 अन्य के गंभीर रूप से घायल होने के बाद प्रशासन ने 19 जुलाई 2026 (रविवार) को उस स्थल पर अवैध रूप से निर्मित ढाँचों को ध्वस्त कर दिया। पुलिस ने शहरभर में बिना अनुमति संचालित पटाखा निर्माण इकाइयों के विरुद्ध व्यापक अभियान भी तेज कर दिया है।
ध्वस्तीकरण अभियान का विवरण
गुजरात पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई रामोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामोल-गात्राड रोड पर, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) कैंप के पीछे स्थित फैक्ट्री परिसर में की गई। बयान के मुताबिक, यह कार्रवाई अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत, संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेक्टर-2) जयपाल सिंह राठौड़ और पुलिस उपायुक्त (जोन-8) मयूर पाटिल के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
पुलिस, अहमदाबाद नगर निगम (AMC) और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमें शहर के बाहरी इलाकों में लगातार निरीक्षण अभियान चला रही हैं। इस दौरान बिना अनुमति संचालित इकाइयों की पहचान कर उन्हें सील किया जा रहा है।
विस्फोट की पृष्ठभूमि और कारण
पुलिस का आरोप है कि 'न्यू गुजरात फायर वर्क्स' फैक्ट्री का लाइसेंस समाप्त हो चुका था और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। जाँचकर्ताओं के अनुसार, फैक्ट्री ने गणेश उत्सव के लिए मिले ऑर्डर पूरे करने की खातिर हाल ही में पटाखा निर्माण फिर से शुरू किया था। यह हादसा शनिवार को हुआ, जिसके बाद पुलिस, RAF जवानों और अहमदाबाद फायर एंड इमरजेंसी सर्विस ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
गौरतलब है कि अवैध पटाखा इकाइयाँ शहर के बाहरी और घनी आबादी वाले इलाकों में संचालित होती रही हैं, जो नियामक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
गिरफ्तारियाँ और आरोपी
पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री संचालक रमिला डोडिया, उनके बेटे मेहुल डोडिया और सादिक सैयद को गिरफ्तार किया है। रामोल थाने में मामला दर्ज किया गया है। जाँच एजेंसियाँ फैक्ट्री के संचालन से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका, विस्फोटक सामग्री के स्रोत और सुरक्षा नियमों के पालन की भी जाँच कर रही हैं।
SIT का गठन और जाँच का दायरा
अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त ने पुलिस उपायुक्त मयूर पाटिल की अध्यक्षता में एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया है। इसमें सहायक पुलिस आयुक्त वाईए गोहिल और रामोल पुलिस निरीक्षक वीडी मोरी सदस्य हैं। तीन सदस्यीय SIT को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, विस्फोटक विशेषज्ञों, अग्निशमन विभाग, श्रम विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर विस्तृत जाँच करने और 10 दिनों के भीतर प्रगति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
आगे की कार्रवाई
यह पूरा अभियान अहमदाबाद में अवैध पटाखा निर्माण इकाइयों के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा शहर के हालिया सबसे घातक औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक है। SIT की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई का निर्धारण किया जाएगा।