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कौशांबी पटाखा विस्फोट: 11 मौतें, 7 पुलिसकर्मी निलंबित; मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ में गिरफ्तार

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कौशांबी पटाखा विस्फोट: 11 मौतें, 7 पुलिसकर्मी निलंबित; मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ में गिरफ्तार

सारांश

कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट ने 11 जानें लीं — और एक पुराना सवाल फिर उठाया: लाइसेंस निलंबन और पुराने मुकदमे के बावजूद फैक्ट्री चलती रही, पुलिस देखती रही। अब 7 पुलिसकर्मी निलंबित हैं और आरोपी नौशाद मुठभेड़ के बाद सलाखों के पीछे।

मुख्य बातें

31 अगस्त को कौशांबी के चिल्ला शाहबाजी गांव की अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 11 मौतें और 5 गंभीर रूप से घायल ।
मुख्य आरोपी नौशाद को मंगलवार तड़के चरवा थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया; पैर में गोली लगी।
फैक्ट्री का लाइसेंस 4 अप्रैल 2024 को निलंबित हो चुका था और 9 अक्टूबर 2024 को मुकदमा भी दर्ज था — फिर भी अवैध संचालन जारी रहा।
पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज परिक्षेत्र ने निरीक्षक शिवचरण राम समेत 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा बरामद किया; शेष आरोपियों की तलाश जारी।

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 31 अगस्त को हुए भीषण अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 11 लोगों की मौत और 5 के गंभीर रूप से घायल होने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज परिक्षेत्र ने लापरवाही के लिए पिपरी थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही मंगलवार तड़के मुठभेड़ के बाद फैक्ट्री संचालक और मुख्य आरोपी नौशाद को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके पैर में जवाबी फायरिंग में गोली लगी।

विस्फोट का घटनाक्रम

31 अगस्त को सुबह करीब 11:30 बजे पिपरी थाना क्षेत्र के चिल्ला शाहबाजी गांव स्थित अवैध पटाखा निर्माण एवं भंडारण कारखाने में अचानक आग लगी और एक के बाद एक तेज धमाके हुए। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फैक्ट्री की इमारत पूरी तरह ध्वस्त हो गई और आसपास के करीब छह मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। पिपरी और आसपास के थानों की पुलिस तथा दमकल की टीमें मौके पर पहुँचीं और मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को निकाला गया।

मुठभेड़ में नौशाद गिरफ्तार

सीओ शिवांक सिंह के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मुख्य आरोपियों की तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई थीं। मंगलवार तड़के करीब चार बजे मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील-सैयद सरावां मार्ग पर आरोपी की घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नौशाद पुत्र निजामुद्दीन, निवासी महमदपुर मनौरी के रूप में हुई। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल मंझनपुर भेजा गया है। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध तमंचा भी बरामद किया है।

लाइसेंस निलंबन के बावजूद चलती रही फैक्ट्री

जाँच में सामने आया है कि इस पटाखा कारखाने की अनुमति 31 मार्च 2026 तक के लिए जारी की गई थी, लेकिन अनियमितताएँ पाए जाने पर इसे 4 अप्रैल 2024 को ही निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद आरोपी पक्ष ने अवैध रूप से पटाखा निर्माण और भंडारण जारी रखा। गौरतलब है कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने 9 अक्टूबर 2024 को पिपरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था और नौशाद को जेल भी भेजा गया था। जेल से रिहाई के बाद उसने दोबारा अवैध गतिविधियाँ शुरू कर दीं, और संबंधित पुलिसकर्मियों ने इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए।

सात पुलिसकर्मी निलंबित

इस चूक को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज परिक्षेत्र ने पिपरी थाने और चायल चौकी में तैनात रहे सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। निलंबित अधिकारियों में निरीक्षक शिवचरण राम (तत्कालीन थाना प्रभारी, पिपरी; वर्तमान में साइबर थाना प्रभारी), उपनिरीक्षक विकास सिंह (तत्कालीन थाना अध्यक्ष, पिपरी), उपनिरीक्षक विनय सिंह, उपनिरीक्षक अजीत कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता, उपनिरीक्षक मनीष पाल और उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी शामिल हैं।

आगे की जाँच और कार्रवाई

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट के बाद नौशाद किन-किन स्थानों पर छिपा रहा और फरार होने में किन लोगों ने उसकी मदद की। मामले में छह आरोपियों के खिलाफ पिपरी थाने में मुकदमा दर्ज है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रशासनिक विफलता की परतदार कहानी है। लाइसेंस निलंबन, पुराना मुकदमा, जेल और रिहाई — हर चेतावनी के बावजूद फैक्ट्री चलती रही और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। सात निलंबन एक जरूरी कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि इतनी चूक किसके संरक्षण में हुई। उत्तर प्रदेश में अवैध पटाखा उद्योग पर बार-बार कार्रवाई होती है, पर हर बार एक नई त्रासदी के बाद — यह चक्र तब तक नहीं टूटेगा जब तक जवाबदेही सिर्फ निलंबन तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट कब और कहाँ हुआ?
यह विस्फोट 31 अगस्त को सुबह करीब 11:30 बजे कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र के चिल्ला शाहबाजी गांव स्थित एक अवैध पटाखा निर्माण एवं भंडारण कारखाने में हुआ। विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई और 5 गंभीर रूप से घायल हुए।
मुख्य आरोपी नौशाद को कैसे गिरफ्तार किया गया?
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने मंगलवार तड़के करीब चार बजे चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील-सैयद सरावां मार्ग पर नौशाद की घेराबंदी की। पुलिस पर फायरिंग करने के बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
किन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया और क्यों?
पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज परिक्षेत्र ने निरीक्षक शिवचरण राम समेत 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। इनकी लापरवाही यह थी कि फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित होने और पुराना मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अवैध संचालन दोबारा शुरू होने पर इन्होंने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
क्या इस फैक्ट्री पर पहले भी कार्रवाई हुई थी?
हाँ। फैक्ट्री का लाइसेंस 4 अप्रैल 2024 को अनियमितताओं के कारण निलंबित किया गया था और 9 अक्टूबर 2024 को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था। जेल से रिहाई के बाद नौशाद ने दोबारा अवैध गतिविधियाँ शुरू कर दीं।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
पुलिस शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और यह भी जाँच कर रही है कि विस्फोट के बाद नौशाद को फरार होने में किन लोगों ने मदद की। मामले में कुल 6 आरोपियों के खिलाफ पिपरी थाने में मुकदमा दर्ज है।
राष्ट्र प्रेस
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