1 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिश्केक SCO समिट में PM मोदी का कड़ा संदेश: आतंकवाद का पूरा इकोसिस्टम ध्वस्त करना होगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिश्केक SCO समिट में PM मोदी का कड़ा संदेश: आतंकवाद का पूरा इकोसिस्टम ध्वस्त करना होगा

सारांश

बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन में PM मोदी ने आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करने की माँग रखी और बिना नाम लिए आतंक को 'नीति का साधन' बनाने वाले देशों को कड़ा संदेश दिया — यह सब उस मंच पर, जहाँ पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ भी मौजूद थे।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 1 सितंबर को बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित किया।
आतंकवाद के वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाहों के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करने का आह्वान किया।
किसी देश का नाम लिए बिना कहा — "आतंकवाद किसी के लिए स्ट्रेटेजिक एसेट नहीं हो सकता।" भारत की SCO दृष्टि के तीन स्तंभ — सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर — को ठोस परिणामों में बदलने पर जोर।
अफगानिस्तान में शांति को यूरेशिया की स्थिरता के लिए अनिवार्य बताया; ड्रग तस्करी को युवा पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा करार दिया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी इस सम्मेलन में उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाहों के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को जड़ से समाप्त करना होगा। इस सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी उपस्थित रहे।

SCO के 25 वर्ष और आगे की राह

मंगलवार को शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पिछले पच्चीस वर्षों में SCO ने यूरेशिया के विशाल भूभाग में संवाद और सहयोग की एक मजबूत परंपरा विकसित की है। हमने मिलकर अपने लोगों की भलाई के साथ-साथ मानवता के विकास में भी बहुमूल्य योगदान दिया है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले पच्चीस वर्षों में इस सहयोग को "स्पष्ट परिणामों" में बदलना होगा।

यह ऐसे समय में आया है जब SCO सदस्य देशों के बीच भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक असमानताएँ बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि भारत इस मंच पर लगातार बहुपक्षीय सहयोग की वकालत करता रहा है।

आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख

प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को लेकर भारत की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "हमें आतंकवाद के वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाहों के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को ध्वस्त करना होगा। हमें एक स्वर में बोलना होगा कि इस गंभीर विषय पर द्विपक्षीय मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता।"

किसी भी देश का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, "जो देश आतंकवाद को अपनी नीति का साधन बनाते हैं, आतंकियों को पनाह और समर्थन देते हैं, उन्हें कड़ा संदेश देना होगा कि आतंकवाद किसी के लिए स्ट्रेटेजिक एसेट नहीं हो सकता।" यह टिप्पणी उस सम्मेलन में की गई जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे।

अफगानिस्तान और क्षेत्रीय स्थिरता

प्रधानमंत्री ने यूरेशिया की शांति को अफगानिस्तान की स्थिरता से जोड़ते हुए कहा कि भारत अफगान जनता के विकास और मानवीय सहायता में योगदान देता रहा है और आगे भी देता रहेगा। उन्होंने भारत की तीन-स्तंभीय SCO दृष्टि — सुरक्षा (Security), कनेक्टिविटी और अवसर (Opportunity) — को "विजन से ठोस उपलब्धि" तक ले जाने का आह्वान किया।

वैश्विक संकट और ग्लोबल साउथ पर असर

पश्चिम एशिया के संकट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी एक क्षेत्र का संघर्ष वहीं तक सीमित नहीं रहता — उसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ता है। उन्होंने कहा, "इसका सबसे अधिक खामियाजा ग्लोबल साउथ के देशों को भुगतना पड़ता है।" उनका स्पष्ट आह्वान था कि सभी तनावों और युद्धों का समाधान "बैटलफील्ड पर नहीं, डायलॉग और डिप्लोमेसी से" संभव है।

ड्रग तस्करी और साइबर सुरक्षा पर जोर

प्रधानमंत्री ने नशीले पदार्थों की तस्करी को "केवल अपराध नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा" बताया। SCO के अंतर्गत सुरक्षा खतरों, संगठित अपराध, सूचना सुरक्षा और नारकोटिक्स से निपटने के लिए स्थापित किए जा रहे केंद्रों का स्वागत करते हुए उन्होंने "व्यावहारिक समन्वय और समय पर कार्रवाई" की आवश्यकता पर बल दिया। यह SCO के इतिहास में पहली बार है जब इतने व्यापक बहु-क्षेत्रीय सुरक्षा केंद्रों की स्थापना की चर्चा हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ चीन और रूस जैसे देश भी सदस्य हैं, 'आतंक के इकोसिस्टम' पर आम सहमति कितनी व्यावहारिक है? भारत की 'डायलॉग और डिप्लोमेसी' की अपील नैतिक रूप से सही है, पर SCO के भीतर भू-राजनीतिक विभाजन इसे बाधित करते हैं। बिना बाध्यकारी तंत्र के, यह शिखर सम्मेलन भी पिछले संकल्पों की तरह घोषणाओं तक सिमट सकता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26वें SCO शिखर सम्मेलन में PM मोदी ने क्या कहा?
PM मोदी ने बिश्केक में आतंकवाद के वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाहों के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर द्विपक्षीय मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
SCO समिट 2026 में पाकिस्तान की भूमिका क्या रही?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बिश्केक में आयोजित 26वें SCO शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। PM मोदी ने बिना किसी देश का नाम लिए आतंकवाद को 'नीति का साधन' बनाने वाले देशों को कड़ा संदेश दिया।
भारत की SCO को लेकर क्या दृष्टि है?
भारत ने SCO के लिए तीन स्तंभीय दृष्टि प्रस्तुत की है — सुरक्षा (Security), कनेक्टिविटी और अवसर (Opportunity)। PM मोदी ने इन्हें 'विजन से ठोस उपलब्धि' तक ले जाने पर जोर दिया।
मोदी ने अफगानिस्तान पर क्या कहा?
PM मोदी ने कहा कि शांत और सुरक्षित यूरेशिया की साझा आकांक्षा अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता से जुड़ी है। उन्होंने दोहराया कि भारत अफगान जनता के विकास और मानवीय सहायता में योगदान देता रहेगा।
SCO समिट में ड्रग तस्करी पर क्या चर्चा हुई?
PM मोदी ने ड्रग तस्करी को केवल अपराध नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने SCO के अंतर्गत नारकोटिक्स, साइबर सुरक्षा और संगठित अपराध से निपटने के लिए स्थापित किए जा रहे केंद्रों को सकारात्मक कदम बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 16 घंटे पहले
  2. कल
  3. 3 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले