मिलपिटास हत्याकांड: केरल की दो महिलाओं के शव 3 सितंबर को सौंपे जाने की संभावना, सुरेश गोपी ने दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
कैलिफोर्निया के मिलपिटास में 28 अगस्त को हत्या की गई केरल की दो महिलाओं — अंजना (35 वर्ष, त्रिशूर) और ऐन मैरी मैथ्यू (40 वर्ष, तिरुवनंतपुरम) — के शव गुरुवार, 3 सितंबर को पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सौंपे जाने की संभावना है। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने 1 सितंबर को बताया कि शवों को केरल वापस लाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है।
कोरोनर कार्यालय की सूचना
सुरेश गोपी के अनुसार, कोरोनर के कार्यालय ने पादरी थॉमस कोरा और दोनों मृतकों के परिवारों को सूचित कर दिया है कि शव परीक्षण गुरुवार तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद शवों को पंजीकृत अंतिम संस्कार गृहों को सौंपा जाएगा, जिन्हें अपनी प्रक्रियाएं पूरी करने में एक से दो दिन और लग सकते हैं।
कांसुलर प्रक्रिया और वापसी की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अंतिम संस्कार गृह की प्रक्रिया पूरी होते ही अमेरिका में भारत का महावाणिज्य दूतावास आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर देगा। उन्होंने यह भी बताया कि वे शवों को जल्द से जल्द केरल वापस लाने के लिए वाणिज्य दूतावास के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। तत्काल प्राथमिकता शवों को औपचारिक रूप से मुक्त कराना और कांसुलर प्रक्रियाएं पूरी करना है।
पीड़ित परिवारों की पृष्ठभूमि
स्कूल शिक्षिका अंजना के परिवार में उनके पति विजयेश (सॉफ्टवेयर इंजीनियर) और छह वर्षीय बेटी हैं। कंप्यूटर शिक्षिका ऐन मैरी मैथ्यू, चिंगावनम के मूल निवासी जैकब की पत्नी थीं और इस दंपति की दो बेटियां हैं। इस दोहरी त्रासदी ने अमेरिका में रहने वाले मलयाली समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है — विशेष रूप से इसलिए क्योंकि दोनों परिवारों ने हत्या से ठीक एक दिन पहले ओणम एक साथ मनाया था और एक फिल्म देखी थी।
सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी और केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशान दोनों ने केरल में दोनों महिलाओं के रिश्तेदारों से व्यक्तिगत रूप से बात की है और घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका में भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं पहले से बढ़ी हुई हैं।
आगे क्या होगा
एक बार कांसुलर दस्तावेज़ीकरण पूरा होने के बाद, शवों को हवाई मार्ग से केरल भेजा जाएगा। परिवारों को उस स्थान की सूचना देनी होगी जहाँ शव ले जाए जाने हैं। दोनों परिवार इस कठिन घड़ी में अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा कर रहे हैं।