26 जून 2026
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राजनाथ सिंह का SCO में कड़ा संदेश: सीमा-पार आतंकवाद और दोहरे मानदंड बर्दाश्त नहीं, ऑपरेशन सिंदूर का दिया हवाला

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राजनाथ सिंह का SCO में कड़ा संदेश: सीमा-पार आतंकवाद और दोहरे मानदंड बर्दाश्त नहीं, ऑपरेशन सिंदूर का दिया हवाला

सारांश

SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह ने सीधे शब्दों में कहा — आतंकवाद को पालने वाले देशों के खिलाफ कार्रवाई से SCO को नहीं हिचकना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देकर भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी 'शून्य सहिष्णुता' नीति को और मजबूती से दोहराया।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अप्रैल 2026 को SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक में राज्य-प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद को राष्ट्रीय संप्रभुता पर सीधा हमला बताया।
ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा कि आतंकवाद के केंद्र अब दंड से अछूते नहीं रहेंगे।
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसने पूरी मानवता को झकझोर दिया।
आतंकवादियों को शरण देने वाले देशों के खिलाफ SCO से उचित कार्रवाई की माँग की; दोहरे मानदंड को अस्वीकार किया।
पिछले वर्ष की तियानजिन घोषणा का उल्लेख करते हुए शून्य सहिष्णुता नीति को दोहराया।
भारत ने SCO के उद्देश्यों के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता जताई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अप्रैल 2026 को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद के मुद्दे पर अत्यंत स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य-प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद किसी भी राष्ट्र की संप्रभुता पर सीधा हमला है और इसे किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि आतंकवाद के केंद्र अब दंड से अछूते नहीं रहेंगे।

दोहरे मानदंड के लिए कोई जगह नहीं

राजनाथ सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस मामले में दोहरे मानदंड के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने SCO से आग्रह किया कि संगठन को उन देशों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने से नहीं हिचकना चाहिए जो आतंकवादियों को समर्थन, शरण या सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आतंकवाद का कोई धर्म या राष्ट्रीयता नहीं होती और किसी भी प्रकार की शिकायत — चाहे वह वास्तविक हो या काल्पनिक — हिंसा और निर्दोष लोगों की हत्या का औचित्य नहीं बन सकती।

पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ

रक्षा मंत्री ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने पूरी मानवता को झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंकवाद के ठिकाने अब निर्दंड नहीं रहेंगे। गौरतलब है कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने यह कदम उठाया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय समुदाय में व्यापक चर्चा हुई।

वैश्विक व्यवस्था और एकतरफावाद पर चिंता

राजनाथ सिंह ने वैश्विक परिदृश्य पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया इस समय बढ़ते एकतरफावाद और संघर्षों के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक सहमति कमजोर पड़ रही है और टकराव की स्थितियाँ बढ़ रही हैं। ऐसे समय में यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि यह दौर हिंसा और युद्ध का नहीं, बल्कि शांति और समृद्धि का बने। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ पाकिस्तान और चीन भी सदस्य हैं, 'दोहरे मानदंड' और 'सुरक्षित ठिकानों' पर सीधी चोट करना भारत की कूटनीतिक आक्रामकता का नया आयाम है। हालाँकि, आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि SCO के भीतर सर्वसम्मति की बाधाओं को देखते हुए यह वक्तव्य ठोस बहुपक्षीय कार्रवाई में कितना तब्दील होगा। असली कसौटी यह होगी कि क्या तियानजिन घोषणा जैसे दस्तावेज़ केवल कागजी प्रतिबद्धता बनकर रहते हैं या उनके पीछे सामूहिक दबाव की ताकत भी आती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने SCO बैठक में क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अप्रैल 2026 को SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक में कहा कि राज्य-प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद राष्ट्रीय संप्रभुता पर सीधा हमला है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए दोहरे मानदंड को पूरी तरह अस्वीकार किया।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है और इसका SCO बैठक से क्या संबंध है?
ऑपरेशन सिंदूर भारत द्वारा आतंकवाद के ठिकानों के खिलाफ उठाया गया सैन्य कदम था, जिसे राजनाथ सिंह ने SCO मंच पर यह सिद्ध करने के लिए उद्धृत किया कि भारत अब आतंकवाद के केंद्रों को दंड से अछूता नहीं रहने देगा। यह भारत की 'शून्य सहिष्णुता' नीति का व्यावहारिक उदाहरण था।
पहलगाम आतंकवादी हमला कब हुआ और राजनाथ सिंह ने इसका जिक्र क्यों किया?
पहलगाम में 22 अप्रैल को भीषण आतंकवादी हमला हुआ था, जिसे राजनाथ सिंह ने SCO बैठक में उद्धृत करते हुए कहा कि इस घटना ने पूरी मानवता को झकझोर दिया। इस हमले का संदर्भ देकर उन्होंने सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की तात्कालिकता को रेखांकित किया।
तियानजिन घोषणा क्या है?
तियानजिन घोषणा SCO द्वारा पिछले वर्ष जारी एक सामूहिक दस्तावेज़ है, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और एकजुट रुख अपनाने की प्रतिबद्धता जताई गई थी। राजनाथ सिंह ने इसे आतंकवाद और उसके समर्थकों के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति का प्रमाण बताया।
SCO में भारत की क्या भूमिका है?
भारत शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का सदस्य देश है और संगठन के उद्देश्यों — शांति, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग — के प्रति प्रतिबद्धता जताता रहा है। राजनाथ सिंह ने इस बैठक में स्पष्ट किया कि भारत SCO के लक्ष्यों को लागू करने में रचनात्मक योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राष्ट्र प्रेस
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