16 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एससीओ शिखर सम्मेलन बिश्केक: मोदी और शी जिनपिंग ने मिलाया हाथ, साथ चलते हुए की बातचीत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एससीओ शिखर सम्मेलन बिश्केक: मोदी और शी जिनपिंग ने मिलाया हाथ, साथ चलते हुए की बातचीत

सारांश

बिश्केक में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में PM मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाथ मिलाया और साथ चले — यह उनकी तियानजिन के बाद दूसरी एससीओ मुलाकात है। मोदी ने पुतिन, पेजेश्कियन और पशिनयान से भी द्विपक्षीय बैठकें कीं, जो भारत की सक्रिय बहुपक्षीय कूटनीति को रेखांकित करती हैं।

मुख्य बातें

PM मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 1 सितंबर 2026 को बिश्केक में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हाथ मिलाया और साथ चलते हुए बातचीत की।
दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में हुई थी।
मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन , ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन , किर्गिस्तान के राष्ट्रपति झापारोव और आर्मेनिया के PM पशिनयान से द्विपक्षीय बैठकें कीं।
एससीओ में 10 सदस्य देश , 2 पर्यवेक्षक और 15 संवाद भागीदार देश शामिल हैं।
भारत 2017 से एससीओ का सदस्य है और 'सुरक्षा, संपर्क और अवसर' के एजेंडे पर काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 1 सितंबर 2026 को बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान एक-दूसरे से हाथ मिलाया और कार्यक्रम स्थल की ओर साथ-साथ चलते हुए बातचीत की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंध सामान्यीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

दोनों नेताओं ने पहले अन्य सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ सामूहिक फोटो खिंचवाई। इसके बाद मोदी और शी आपस में बातचीत करते नजर आए और कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ते हुए उन्होंने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।

द्विपक्षीय बैठकें और व्यस्त कार्यक्रम

सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान से मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी भाग लिया और प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।

एससीओ की संरचना और सदस्यता

एससीओ में कुल 10 सदस्य देश हैं — बेलारूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान। संगठन के दो पर्यवेक्षक देश अजरबैजान और आर्मेनिया हैं। इसके अतिरिक्त, 15 संवाद भागीदार देशों में मिस्र, कंबोडिया, कतर, कुवैत, लाओस, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब, तुर्किये और श्रीलंका शामिल हैं।

भारत का एससीओ में दृष्टिकोण

बिश्केक रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत 2017 से एससीओ का एक सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है। उन्होंने 'सुरक्षा, संपर्क और अवसर' पर आधारित भारत के क्षेत्रीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और एससीओ सदस्य देशों के साथ मिलकर आतंकवाद, अलगाववाद और कट्टरपंथ से मुक्त क्षेत्र बनाने की प्रतिबद्धता जताई। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करने के बाद बिश्केक पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय के सदस्यों ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों के साथ उनका उत्साहपूर्ण स्वागत किया।

क्या होगा आगे

यह भागीदारी ऐसे समय में हो रही है जब भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपने संबंध लगातार प्रगाढ़ कर रहा है। एससीओ के मंच के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग, व्यापार और सुरक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने पर भारत का जोर बना हुआ है। मोदी-शी की इस संक्षिप्त मुलाकात से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद की निरंतरता का संकेत मिलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे द्विपक्षीय संबंधों में बड़ी सफलता मानना जल्दबाजी होगी — दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव और व्यापार असंतुलन जैसे मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। एससीओ का मंच भारत को बहुपक्षीय कूटनीति का अवसर देता है, लेकिन इस संगठन में पाकिस्तान और चीन की एक साथ मौजूदगी भारत के लिए हमेशा एक जटिल संतुलन बनाए रखने की चुनौती पेश करती है। मोदी की मध्य एशिया यात्रा — उज्बेकिस्तान के बाद किर्गिस्तान — भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति को ज़मीन पर उतारने की कोशिश है, जो अभी तक अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाई है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिश्केक एससीओ शिखर सम्मेलन में मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात कब हुई?
यह मुलाकात 1 सितंबर 2026 को बिश्केक में आयोजित 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और कार्यक्रम स्थल की ओर साथ-साथ चलते हुए बातचीत की।
मोदी और शी जिनपिंग की पिछली मुलाकात कहाँ हुई थी?
दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। बिश्केक में यह उनकी एससीओ के मंच पर दूसरी मुलाकात है।
बिश्केक में PM मोदी ने किन-किन नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें कीं?
प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान से द्विपक्षीय बैठकें कीं।
एससीओ में कितने सदस्य देश हैं और भारत कब से सदस्य है?
एससीओ में कुल 10 सदस्य देश हैं — भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस। भारत 2017 से इस संगठन का पूर्ण सदस्य है।
एससीओ में भारत का एजेंडा क्या है?
भारत एससीओ के मंच पर 'सुरक्षा, संपर्क और अवसर' के तीन सूत्री एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है। इसके तहत आतंकवाद, अलगाववाद और कट्टरपंथ से मुक्त क्षेत्र बनाने और मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार व कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 साल पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले