दिल्ली के मौजपुर प्लेस्कूल में 3 वर्षीय बच्ची से दुर्व्यवहार, CM रेखा गुप्ता ने दिए कड़ी कार्रवाई के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर स्थित एक प्लेस्कूल में 3 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय ने सोमवार, 31 अगस्त को स्पष्ट किया कि दोषियों के विरुद्ध कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला मजिस्ट्रेट ने स्कूल परिसर को सील करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि दिल्ली सरकार ने इस बेहद चिंताजनक घटना का गंभीर संज्ञान लिया है। पुलिस जाँच जारी है और प्रशासन ने स्कूल परिसर को सील करने की कार्रवाई आरंभ कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई घटनाएँ एक साथ सुर्खियों में हैं।
इस मामले के अलावा, एक स्कूल वैन चालक द्वारा 3 वर्षीय बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न और नोएडा से दिल्ली जा रही बस में 15 वर्षीय किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म की घटनाएँ भी राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई हैं।
विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने चलती बस में किशोरी के साथ हुई घटना को 'शर्मनाक' करार दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती, क्योंकि दिल्ली और उत्तर प्रदेश — दोनों राज्यों की सरकारें और पुलिस — भाजपा के नियंत्रण में हैं।
आतिशी ने सवाल उठाया, 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा से पूछना चाहती हूँ — लड़कियाँ और महिलाएँ कब तक हिंसा का शिकार होती रहेंगी?' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 12-13 वर्षों की सत्ता के बावजूद भाजपा महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध रोकने में नाकाम रही है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी दिल्ली सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन हर मामले को दबाने की कोशिश करता है। उन्होंने जनकपुरी के एक स्कूल में 3 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के मामले का भी हवाला दिया और कहा कि जाँच रिपोर्ट मिलने के बावजूद आशीष सूद ने अब तक स्कूल अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई है।
सरकार का पक्ष
मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार मामले की निगरानी कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम दंड मिले। जिला मजिस्ट्रेट को परिसर सील करने के आदेश दे दिए गए हैं।
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह मामला दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताएँ उजागर करता है। आलोचकों का कहना है कि निजी प्लेस्कूलों में सुरक्षा मानकों की निगरानी का तंत्र कमज़ोर है और इसे तत्काल सुदृढ़ करने की ज़रूरत है। इस घटना ने पूरे शहर में अभिभावकों के बीच बेचैनी और आक्रोश पैदा किया है।
पुलिस जाँच के नतीजे और स्कूल के लाइसेंस पर संभावित कार्रवाई आने वाले दिनों में तस्वीर और स्पष्ट करेगी।