हावड़ा स्टेशन पर 'स्टेशन महोत्सव': 170 साल की विरासत को सलाम, हेरिटेज गैलरी का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
हावड़ा रेलवे स्टेशन पर सोमवार, 31 अगस्त को रेलवे मंत्रालय के निर्देश पर विशेष 'स्टेशन महोत्सव' का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय रेलवे के इस ऐतिहासिक केंद्र की समृद्ध विरासत और गौरवशाली अतीत को सम्मानित किया गया। यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों और आम नागरिकों की उपस्थिति में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लेकर एक विशेष हेरिटेज गैलरी के उद्घाटन तक, यह आयोजन हावड़ा की रेल-यात्रा के 170 से अधिक वर्षों के इतिहास का उत्सव बना।
हावड़ा स्टेशन का ऐतिहासिक सफर
15 अगस्त 1854 को जब जोशुआ ग्रीनबो ने हावड़ा से हुगली तक पूर्वी भारत की पहली ट्रेन चलाई थी, तब यहाँ महज एक अस्थायी टीन शेड, एक छोटा बुकिंग कार्यालय और एक संकरा प्लेटफॉर्म था। आज यही स्टेशन 24 प्लेटफॉर्म वाले विशाल रेलवे केंद्र में बदल चुका है, जहाँ से प्रतिदिन लगभग 252 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें तथा 500 ईएमयू ट्रेनें संचालित होती हैं। रोज़ाना 10 लाख से अधिक यात्री इस स्टेशन से गुज़रते हैं।
गौरतलब है कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी हावड़ा स्टेशन की भूमिका महत्वपूर्ण रही — इसके माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों को देश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुँचने में मदद मिली थी।
मुख्य कार्यक्रम और आयोजन
हावड़ा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विशाल कपूर ने महोत्सव का नेतृत्व किया। सभी कार्यक्रम स्टेशन के पुराने परिसर में स्थित प्रसिद्ध 'बड़ो घड़ी' (बड़ी घड़ी) के नीचे आयोजित किए गए — यह घड़ी स्टेशन की पहचान मानी जाती है और इस वर्ष इसके 100 वर्ष पूरे हो गए हैं।
महोत्सव में नुक्कड़ नाटक, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के सदस्यों ने ऐतिहासिक परिसर में फ्लैग मार्च निकाला। आयोजन का विशेष आकर्षण हीलियम गुब्बारों का विमोचन रहा, जो हावड़ा मंडल की निरंतर प्रगति और विकास यात्रा का प्रतीक बना।
हेरिटेज गैलरी का उद्घाटन
महोत्सव के अवसर पर एक विशेष हेरिटेज गैलरी का उद्घाटन किया गया, जिसमें हावड़ा स्टेशन और हावड़ा मंडल की ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शित किया गया है। गैलरी में दुर्लभ तस्वीरें, ऐतिहासिक दस्तावेज़, प्रदर्शनी सामग्री और मॉडल ट्रेनें रखी गई हैं, जो भारतीय रेलवे के विकास और हावड़ा स्टेशन के बदलाव की कहानी को जीवंत करती हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह हेरिटेज गैलरी अगले तीन दिनों तक आम जनता के लिए खुली रहेगी, जिससे यात्री और रेलवे प्रेमी हावड़ा की समृद्ध विरासत को करीब से जान सकें।
डीआरएम का संबोधन
अपने संबोधन में विशाल कपूर ने हावड़ा स्टेशन के गौरवशाली इतिहास, भारतीय रेलवे के विकास में इसकी भूमिका और रेलवे विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुँचाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हावड़ा स्टेशन ने इस क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी अहम योगदान दिया है।
आगे क्या
यह 'स्टेशन महोत्सव' रेलवे मंत्रालय की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत देश के प्रतिष्ठित स्टेशनों की विरासत को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जा रहा है। हेरिटेज गैलरी के तीन दिवसीय सार्वजनिक प्रदर्शन से उम्मीद है कि नई पीढ़ी भारतीय रेलवे के इतिहास से और गहराई से जुड़ेगी।