31 अगस्त 2026
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दिल्ली में PPP मॉडल से फ्लाईओवर के नीचे की जगहें बनेंगी हरी-भरी, CM रेखा गुप्ता ने किए MOU साइन

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दिल्ली में PPP मॉडल से फ्लाईओवर के नीचे की जगहें बनेंगी हरी-भरी, CM रेखा गुप्ता ने किए MOU साइन

सारांश

दिल्ली सरकार ने PPP मॉडल के जरिए फ्लाईओवर के नीचे की उपेक्षित जगहों को बदलने की पहल शुरू की है। दीपावली से मंगोलपुरी तक 2.5 किमी पट्टी में 61 खंभों पर म्यूरल, हरियाली और घेराबंदी होगी — कचरे और अतिक्रमण की जगह सामुदायिक स्थल बनाने का यह प्रयास निजी कंपनियों की CSR भागीदारी पर टिका है।

मुख्य बातें

CM रेखा गुप्ता ने 31 अगस्त को PWD और दो निजी संस्थाओं के बीच MOU पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया का नेतृत्व किया।
डिक्सन टेक्नोलॉजीज और वृक्षित फाउंडेशन दीपावली से मंगोलपुरी मार्केट तक 2.5 किलोमीटर फ्लाईओवर क्षेत्र विकसित करेंगे।
फ्लाईओवर के 61 खंभों पर ( 5,100 वर्ग मीटर ) पर्यावरण-अनुकूल म्यूरल और कलाकृतियाँ बनाई जाएंगी।
कनोडिया ग्रुप CSR के तहत मथुरा रोड और एमपी रोड पर लगभग दो एकड़ ग्रीन बेल्ट विकसित और रखरखाव करेगा।
परियोजना का उद्देश्य कचरा, अतिक्रमण और झुग्गियों की समस्या से ग्रस्त इन इलाकों को सुरक्षित सामुदायिक स्थलों में बदलना है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार, 31 अगस्त को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत राजधानी की उपेक्षित शहरी जगहों — विशेषकर फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्रों — को हरे-भरे और सुरक्षित सार्वजनिक स्थलों में बदलने की दिशा में एक अहम पहल का नेतृत्व किया। दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) और दो निजी संस्थाओं के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए, जो इस शहरी कायाकल्प परियोजना की औपचारिक शुरुआत है।

मुख्य घटनाक्रम

डिक्सन टेक्नोलॉजीज और वृक्षित फाउंडेशन की संयुक्त पहल के अंतर्गत दीपावली से मंगोलपुरी मार्केट तक फ्लाईओवर के नीचे 2.5 किलोमीटर के हिस्से को विकसित किया जाएगा। इस पट्टी में फेंसिंग (घेराबंदी) के साथ-साथ फ्लाईओवर के 61 खंभों पर — जो लगभग 5,100 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले हैं — पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा विषयों पर आधारित पर्यावरण-अनुकूल भित्ति चित्र (म्यूरल पेंटिंग) और कलाकृतियाँ बनाई जाएंगी।

इसके अलावा, स्थानीय पौधों की प्रजातियों, घास, झाड़ियों और फूलों वाले पौधों का उपयोग करके व्यवस्थित हरियाली विकसित की जाएगी। सीएसआर (CSR) पहल के तहत कनोडिया ग्रुप मथुरा रोड और एमपी रोड के किनारे लगभग दो एकड़ ग्रीन बेल्ट के विकास और दीर्घकालिक रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'एक साफ-सुथरी, हरी-भरी और सुंदर दिल्ली बनाना सरकार, समाज और निजी क्षेत्र की सामूहिक जिम्मेदारी है।' उन्होंने आगे कहा कि यह पहल एक साथ सफाई, हरियाली, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा, पैदल चलने वालों की आवाजाही और पर्यावरण के प्रति जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस अवसर पर PWD मंत्री प्रवेश वर्मा, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के फ्लाईओवर के नीचे की जगहें कचरा फेंकने, अनधिकृत झुग्गियों, सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित उपयोग जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। ये समस्याएँ न केवल आसपास के इलाकों की सफाई और सुरक्षा को प्रभावित करती हैं, बल्कि नागरिकों के लिए इन जगहों की उपयोगिता को भी सीमित करती हैं। PPP मॉडल के जरिए इन्हें सामुदायिक उपयोग की जगहों में बदलना आम दिल्लीवासियों के दैनिक अनुभव को बेहतर बना सकता है।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि यह दिल्ली सरकार की व्यापक शहरी नवीकरण रणनीति का हिस्सा है, जिसमें निजी क्षेत्र को शहरी बुनियादी ढाँचे के विकास में साझेदार बनाया जा रहा है। परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा और निगरानी तंत्र के बारे में विस्तृत दिशानिर्देश अभी सार्वजनिक किए जाने बाकी हैं। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो दिल्ली के अन्य फ्लाईओवर क्षेत्रों में भी इसी मॉडल को लागू किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह केवल चुनिंदा कॉरिडोर तक सीमित सौंदर्यीकरण बनकर रह जाएगी। दिल्ली में ऐसी पहलें पहले भी हुई हैं — यमुना किनारे, बस स्टॉप और पार्कों में — लेकिन रखरखाव और अतिक्रमण की समस्या बार-बार लौटती है। असली परीक्षा यह है कि MOU में निगरानी तंत्र और जवाबदेही के क्या प्रावधान हैं — जिनका अभी तक सार्वजनिक खुलासा नहीं हुआ। बिना पारदर्शी क्रियान्वयन ढाँचे के, यह पहल भी उन कई 'स्मार्ट सिटी' घोषणाओं की राह पर जा सकती है जो उद्घाटन के बाद धीरे-धीरे ओझल हो गईं।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली सरकार का फ्लाईओवर सौंदर्यीकरण PPP प्रोजेक्ट क्या है?
यह दिल्ली सरकार के PWD और निजी कंपनियों के बीच हुई PPP साझेदारी है, जिसके तहत फ्लाईओवर के नीचे की उपेक्षित जगहों को हरे-भरे और सुरक्षित सामुदायिक स्थलों में बदला जाएगा। पहले चरण में दीपावली से मंगोलपुरी मार्केट तक 2.5 किलोमीटर के क्षेत्र को विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना में कौन-सी कंपनियाँ शामिल हैं?
डिक्सन टेक्नोलॉजीज और वृक्षित फाउंडेशन मिलकर दीपावली-मंगोलपुरी फ्लाईओवर पट्टी विकसित करेंगी, जबकि कनोडिया ग्रुप CSR के तहत मथुरा रोड और एमपी रोड पर लगभग दो एकड़ ग्रीन बेल्ट बनाएगा और उसका रखरखाव करेगा।
फ्लाईओवर के नीचे क्या-क्या बदलाव किए जाएंगे?
61 खंभों पर पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा विषयों पर आधारित म्यूरल पेंटिंग और कलाकृतियाँ बनाई जाएंगी, जो लगभग 5,100 वर्ग मीटर क्षेत्र को कवर करेंगी। इसके साथ ही 2.5 किलोमीटर में फेंसिंग, स्थानीय पौधों से हरियाली और पैदल चलने वालों के लिए सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।
इन इलाकों में अभी क्या समस्याएँ हैं?
फ्लाईओवर के नीचे की जगहों पर कचरा फेंकना, अनधिकृत झुग्गियाँ, सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित उपयोग जैसी समस्याएँ हैं। ये समस्याएँ आसपास के इलाकों की सफाई, सुरक्षा, हरियाली और समग्र स्वरूप को प्रभावित करती हैं।
CM रेखा गुप्ता ने इस पहल के बारे में क्या कहा?
CM रेखा गुप्ता ने कहा कि एक साफ-सुथरी, हरी-भरी और सुंदर दिल्ली बनाना सरकार, समाज और निजी क्षेत्र की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह पहल सफाई, हरियाली, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा और पर्यावरण जागरूकता — सभी पहलुओं पर एक साथ काम करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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