सेंसेक्स 367 अंक टूटा, निफ्टी 24,038 के निचले स्तर पर; तेल कीमतों और अमेरिकी ब्याज दर की आशंका से बिकवाली
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 31 अगस्त को शुरुआती कारोबार में 367.58 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,896.93 के दिन के निचले स्तर तक फिसल गया। बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंकाओं ने निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता को कमज़ोर किया, जिससे घरेलू बाज़ार में व्यापक बिकवाली का दबाव बना।
मुख्य बाज़ार संकेतक
BSE सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 77,264.51 से 133.78 अंक (0.17 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 77,130.73 पर खुला। इसके बाद सुबह 9.30 बजे IST के आसपास यह करीब 311 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,942 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,175.65 से 58.10 अंक (0.24 प्रतिशत) फिसलकर 24,117.55 पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 137.25 अंक यानी 0.56 प्रतिशत गिरकर 24,038.40 के निचले स्तर तक पहुँचा। बाद में यह 113.65 अंक (0.47 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 24,062 पर कारोबार करता दिखा।
व्यापक बाज़ार और सेक्टर का हाल
व्यापक बाज़ार में भी दबाव स्पष्ट रहा। निफ्टी मिडकैप 0.53 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मेटल, निफ्टी आईटी, निफ्टी सीमेंट और निफ्टी मीडिया कमज़ोर रहे। हालाँकि निफ्टी बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे गिरावट की गति कुछ थमी।
तकनीकी विश्लेषण: सपोर्ट और रेजिस्टेंस
एक बाज़ार विशेषज्ञ के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को निफ्टी 50 में दो सत्रों की गिरावट के बाद 0.35 प्रतिशत की सीमित रिकवरी देखी गई थी। सूचकांक अभी भी 23,606 से 24,774 तक की तेज़ी के 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर और प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है।
विशेषज्ञ के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर सबसे निकटतम और महत्वपूर्ण सपोर्ट है, जबकि इसके नीचे 23,800 अगला प्रमुख सपोर्ट है। प्रतिरोध की बात करें तो 24,300 से 24,400 के बीच का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन के रूप में उभर रहा है। यदि निफ्टी 24,400 के ऊपर टिकाऊ बढ़त दर्ज करता है, तभी तकनीकी स्थिति में सुधार होगा और सूचकांक 24,800 की ओर बढ़ सकता है।
इंडिया VIX और डेरिवेटिव संकेत
इंडिया VIX में 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 10.68 पर आ गया। पिछले करीब एक महीने से यह अपने अल्पकालिक मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। कम अस्थिरता का यह माहौल तेजी वाले निवेशकों को कुछ राहत देता है और संकेत देता है कि बाज़ार फिलहाल अत्यधिक निकट अवधि की उथल-पुथल की आशंका नहीं जता रहा।
डेरिवेटिव आँकड़ों के अनुसार, निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो (PCR) शुक्रवार को बढ़कर 0.89 हो गया, जो पिछले सत्र में 0.77 था। विशेषज्ञ के अनुसार, 0.7 से ऊपर का स्तर बाज़ार की धारणा में कुछ सुधार का संकेत देता है, लेकिन यह अभी भी 1 से नीचे है — अर्थात् तेजी का रुझान इतना मज़बूत नहीं हुआ कि इसे स्पष्ट ट्रेंड रिवर्सल माना जा सके।
आगे क्या देखें
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी फिलहाल 24,000 से 24,400 के दायरे में सीमित है। यदि सूचकांक 23,800 के नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव और गहरा हो सकता है। दूसरी ओर, 24,400 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट ही बाज़ार की अल्पकालिक तस्वीर को मज़बूत कर सकता है। वैश्विक स्तर पर तेल कीमतों की दिशा और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के संकेत आने वाले सत्रों में बाज़ार की चाल तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।