14 अगस्त 2026
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सेंसेक्स 320 अंक लुढ़का, निफ्टी मेटल 1.18% टूटा; वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव से लगातार पाँचवें सत्र में दबाव

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सेंसेक्स 320 अंक लुढ़का, निफ्टी मेटल 1.18% टूटा; वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव से लगातार पाँचवें सत्र में दबाव

सारांश

वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने शुक्रवार को भारतीय बाजार को लगातार पाँचवें सत्र में दबाव में रखा। सेंसेक्स 320 अंक लुढ़का, निफ्टी मेटल सबसे बुरी तरह टूटा, लेकिन डीआईआई की ₹4,353 करोड़ की खरीदारी ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाए रखा।

मुख्य बातें

सेंसेक्स कारोबार के दौरान करीब 320 अंक (0.41%) गिरकर 77,760.40 पर रहा; निफ्टी 50 74.90 अंक (0.31%) फिसलकर 24,320.95 पर।
यह लगातार पाँचवाँ सत्र है जब घरेलू बाजार दबाव में कारोबार करता दिखा।
निफ्टी मेटल सबसे ज्यादा 1.18% टूटा; निफ्टी ऑटो 0.87% , निफ्टी आईटी 0.58% नीचे।
FII ने पिछले सत्र में ₹510 करोड़ के शेयर बेचे; DII ने ₹4,353 करोड़ की खरीदारी की।
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,250–24,300 सपोर्ट और 24,500–24,550 रेजिस्टेंस स्तर।
ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर से नीचे आया — बाजार के लिए आंशिक राहत।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स शुक्रवार, 14 अगस्त को कारोबार के दौरान करीब 320 अंक यानी 0.41 प्रतिशत गिरकर 77,760.40 पर ट्रेड करता नजर आया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 भी 74.90 अंक यानी 0.31 प्रतिशत फिसलकर 24,320.95 पर रहा। यह लगातार पाँचवाँ सत्र है जब घरेलू बाजार दबाव में कारोबार करता दिखा। अमेरिका द्वारा अनिश्चितकालीन नौसैनिक नाकाबंदी की धमकी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता इस गिरावट की प्रमुख वजह मानी जा रही है।

बाजार का शुरुआती हाल

सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 78,079.96 से 0.22 प्रतिशत यानी 176.53 अंक की गिरावट के साथ 77,903.43 पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,395.85 से करीब 34 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,361.90 पर खुला। व्यापक बाजारों में भी कमजोरी रही — निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.39 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.18 प्रतिशत नीचे रहा।

सेक्टरवार प्रदर्शन

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मेटल सबसे ज्यादा दबाव में रहा और इसमें 1.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। निफ्टी ऑटो 0.87 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 0.58 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.53 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.51 प्रतिशत लुढ़के। एकमात्र राहत निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स से मिली, जो 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा।

एफआईआई और डीआईआई की गतिविधि

पिछले सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने ₹510 करोड़ के शेयर बेचे और नेट सेलर बने रहे। दूसरी तरफ, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹4,353 करोड़ की मजबूत खरीदारी कर विदेशी बिकवाली के दबाव को काफी हद तक संतुलित किया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के सत्रों में एफपीआई की बिकवाली में कमी आई है और वे कुछ मामलों में खरीदार की भूमिका में भी आए हैं, हालाँकि कोई स्पष्ट ट्रेंड अभी तक नहीं दिखा है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 24,250 से 24,300 का स्तर निकटतम सपोर्ट और 24,500 से 24,550 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी 23,800 और 24,400 के बीच कंसोलिडेशन में है और ब्रेकआउट के लिए कोई ठोस ट्रिगर अभी नहीं मिला है। अमेरिका-ईरान के बीच अपेक्षित डील न होने से कच्चे तेल की कीमतें 91 डॉलर के पार चली गई थीं, जिसने ऊपरी ब्रेकआउट की कोशिश को नाकाम कर दिया। हालाँकि, अब ब्रेंट क्रूड गिरकर 87 डॉलर से नीचे आ गया है, जो बाजार के लिए कुछ राहत की बात है।

आगे क्या उम्मीद

विशेषज्ञों के अनुसार, निकट भविष्य में बाजार का माहौल सावधानी के साथ सकारात्मक बना रह सकता है। कच्चे तेल की अपेक्षाकृत कम कीमतें और मजबूत वैश्विक इक्विटी बाजार कुछ सहारा दे रहे हैं। सेक्टर रोटेशन और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी आगे भी प्रमुख रणनीति बनी रह सकती है। कुछ चुनिंदा प्राइवेट सेक्टर बैंकों में लंबी अवधि के लिए 'वैल्यू बाइंग' के अवसर नजर आ रहे हैं, जबकि मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में गतिविधि बढ़ने का ट्रेंड जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एफआईआई के रुख में कोई स्थायी सकारात्मक बदलाव अभी नहीं दिखा है। असली चिंता यह है कि निफ्टी मेटल जैसे चक्रीय सेक्टरों में तीखी गिरावट वैश्विक माँग को लेकर गहरी आशंका का संकेत देती है, जिसे केवल घरेलू संस्थागत खरीदारी से लंबे समय तक नहीं थामा जा सकता।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट आई?
14 अगस्त को कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 320 अंक (0.41%) गिरकर 77,760.40 पर और निफ्टी 50 करीब 74.90 अंक (0.31%) फिसलकर 24,320.95 पर ट्रेड करता नजर आया। यह लगातार पाँचवाँ सत्र था जब बाजार दबाव में रहा।
बाजार में गिरावट की मुख्य वजह क्या रही?
अमेरिका द्वारा अनिश्चितकालीन नौसैनिक नाकाबंदी की धमकी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता प्रमुख कारण रहे। अमेरिका-ईरान डील न होने से ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर के पार चला गया था, जिसने बाजार की धारणा को कमजोर किया।
निफ्टी मेटल में इतनी तेज गिरावट क्यों आई?
निफ्टी मेटल 1.18% की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा दबाव में रहा, जो वैश्विक माँग को लेकर बढ़ती चिंताओं और कच्चे माल की कीमतों में अनिश्चितता का नतीजा माना जा रहा है। वैश्विक तनावों के दौर में धातु क्षेत्र आमतौर पर सबसे पहले दबाव में आता है।
एफआईआई और डीआईआई ने बाजार में क्या किया?
पिछले सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने ₹510 करोड़ के शेयर बेचे और नेट सेलर बने रहे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹4,353 करोड़ की खरीदारी कर विदेशी बिकवाली के दबाव को काफी हद तक संतुलित किया।
निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,250 से 24,300 का स्तर निकटतम सपोर्ट और 24,500 से 24,550 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेकआउट के लिए अभी कोई ठोस ट्रिगर नहीं मिला है।
राष्ट्र प्रेस
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